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केदारनाथ यात्रियों को बड़ी राहत, पैदल मार्ग पर घोड़ा खच्चर के लिए अब अलग रास्ता

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नई दिल्ली। केदारनाथ के लिए पैदल मार्ग पर घोड़ा खच्चर की आवाजाही आसनी से हो सके, इसके लिए अलग से रास्ता बनाया जा रहा है। गरुड़चट्टी से भीमबली तक घोड़े खच्चरों की आवाजाही के लिए साढ़े पांच किमी रास्ता बनाया जा रहा है। जैसे ही रास्ता तैयार हो जाएगा, इसे घोड़े खच्चर के लिए इस्तेमाल में लाया जाएगा। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण इस पर विशेष ध्यान दे रहा है। साथ ही पैदल मार्ग के हिमखंड प्रभावित क्षेत्र में सफर को सुरक्षित करने के लिए खाई खोदकर बाड़ बनाई गई है। भीमबली से केदारनाथ तक आठ किलोमीटर लंबे मार्ग पर पांच स्थानों पर खाई खोदने के साथ ही बाड़ बनाई गई है।

kedarnath foot away for horse khachchar rudraprayag uttarakhand

केदारनाथ पैदल मार्ग पर यात्री भी रहते हैं और घोड़ा खच्चर भी चलते हैं, इससे काफी भीड़ रहत है। पैदल चलने वाले यात्रियों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। जिसको देखते हुए प्रशासन ने घोड़े खच्चरो की आवाजाही के लिए अलग पैदल मार्ग का प्लान तैयार किया है। फिलहाल गरुडचट्टी से भीमबली के लिए यह पैदल रास्ता तैयार किया जा रहा है, इसके लिए आपदा प्रबंधन प्राधिकरण साढ़े पांच किमी मार्ग पर कटिंग शुरू भी कर दी है। साढे पांच किमी ड्रेस कटिग गरुड़चट्टी की तरफ से एक किमी 800 मीटर तक का ड्रेस कटिग का काम पूरा भी हो चुका है।

इस साल फरवरी में रुद्रप्रयाग प्रशासन ने फैसला किया था कि इस बार केदारनाथ यात्रा के पैदल मार्ग पर छोटे घोड़े-खच्चरों का संचालन नहीं होगा। प्रशासन ने कहा था कि बीते सालों के अनुभवों को देखते हुए सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा के लिए यह फैसला किया गया।

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