केदारधाम में भारी बारिश, भूस्खलन का हाई अलर्ट

आपदा न्यूनीकरण एवं प्रबंधन केंद्र के तहत स्टेट इमरजेंसी आपरेशन सेंटर की ओर से मौसम के मिजाज के संबंध में अलर्ट जारी किया गया है। देहरादून, उत्तरकाशी एवं रूद्रप्रयाग जिलों के ऊंचाई वाले इलाकों में बादल होने के साथ ही गरज संग तेज बौछारें पड़ने की आशंका जताई गई है। इस कारण भूस्खलन के आसार तक नज़़र आ रहे हैं।
करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र गंगोत्री और यमुनोत्री धाम उत्तरकाशी जिले में पड़ते हैं, जबकि पिछले साल जून माह में आपदा का दंश झेल चुका केदारनाथ धाम रूद्रप्रयाग जनपद के अंतर्गत आता है।
अलर्ट मुख्य रूप से आपदा के प्रति बेहद संवेदनशील माने जाने वाले इन्हीं जिलों के लिए है। ऐसे में चार धाम यात्रियों को मौसम के रुख को देखते हुए सावधान रहने की बेहद जरूरत होगी।
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पहले मौसम बदलता था तो बदरीनाथ धाम में बरसात एक फुहार के रूप में हुआ करती थी। पर अब बरसात मोटी बूंदों के रूप में हो रही है। बादल गरजते हैं और बिजली भी चमकती है।
बरसात का अनुमान लगाना भी अब मुश्किल हो रहा है। किस समय बरसात हो जाएगी यह कहना मुश्किल होता जा रहा है। ऐसे में कई बार बिना बरसात की तैयारी के पहुंचे यात्रियों को भी खासी सर्दी में बरसात का सामना करने पर परेशानी का सामना करना पड़ता है।
वहीं बदरीनाथ धाम में पहुंचने वाले यात्रियों को अब बदलते मौसम के लिए भी तैयार रहना होगा। बदरीधाम करीब 3000 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। इसलिए यहां पर महीनों बर्फ का साम्राज्य रहना सामान्य बात है। पर पिछले दस सालों से बदरीनाथ की यह तस्वीर बदल रही है।
पिछले 25 साल से धाम में रह रहे मंदिर समिति के सदस्य भागवत मेहता के मुताबिक आज से करीब दस साल पहले तक आसपास पड़ी बर्फ होती थी। मौसम की यह आंख मिचोली भले ही स्थानीय प्रशासन के लिए आम बात हो, पर श्रुद्धालुओं के दिलों में तबाही का वही मंजर उतर आता है, जो पिछले साल केदार धाम में बरपा था।












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