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    कठुआ रेप केस: क्राइम ब्रांच ने 8 वकीलों के खिलाफ दर्ज की FIR

    By Vikashraj Tiwari
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    नई दिल्ली। कठुआ गैंगरेप और हत्या मामले की जांच कर रही क्राइम ब्रांच ने 8 वकीलों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर लिया है। इन सभी वकीलों पर चार्जशीट दाखिल करने में बाधा पहुंचाने का आरोप है। क्राइम ब्रांच ने वकीलों के खिलाफ सरकारी अधिकारियों के काम में बाधा पहुंचाने का केस दर्ज किया है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में कुछ वकीलों द्वारा न्यायिक प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न करने पर कड़ी आपत्ति जताई थी। प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा , न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर और न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ की पीठ ने जम्मू उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन की भी आलोचना की थी।

    जम्मू के वकीलों के ऊपर कड़ी कार्रवाई की मांग

    जम्मू के वकीलों के ऊपर कड़ी कार्रवाई की मांग

    दिल्ली में वकीलों ने जम्मू के उन वकीलों के खिलाफ सोमवार को सुप्रीम कोर्ट के सामने विरोध-प्रदर्शन भी किया, जिन्होंने आरोपियों के पक्ष में जम्मू में रैली निकाली थी। विरोध कर रहे दिल्ली के वकीलों ने आरोपियों के पक्ष में रैली निकालने वाले जम्मू के वकीलों के ऊपर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। जम्मू कश्मीर सरकार कठुआ रेप मामले की संवेदनशील को देखते हुए इस मामले में सुनवाई के लिए दो विशेष लोक अभियोजकों की नियुक्ति की है और दोनों ही सिख हैं। इसे इस मामले में हिन्दू मुस्लिम ध्रुवीकरण को देखते हुए 'तटस्थता' सुनिश्चित करने का प्रयास माना जा रहा है।

    जम्मू-कश्मीर सरकार को नोटिस

    जम्मू-कश्मीर सरकार को नोटिस

    सुप्रीम कोर्ट ने कठुआ मामले से जुड़ी दो अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए जम्मू-कश्मीर सरकार को नोटिस जारी किया है। सुप्रीम कोर्ट ने पीड़ित परिवार को सुरक्षा देने के आदेश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 27 अप्रैल को होगी। पीड़िता के परिवार के तरफ से पैरवी करते हुए सुप्रीम कोर्ट की सीनियर वकील इंदिरा जयसिंह ने कहा कि निष्पक्ष जांच के लिए वहां का माहौल सही नहीं है। वहां ध्रुवीकरण का माहौल है। वहीं पीड़िता के परिवार के तरफ से बोलते वकील इंदिरा जयसिंह ने जम्मू-कश्मीर पुलिस की तारीफ करते हुए कहा कि पुलिस ने अच्छा काम किया, न सिर्फ उसने सभी आरोपियों को पकड़ा बल्कि साइंटिफिक आधार पर सबूत भी जुटाए।

    न्‍याय की मांग में लोग सड़कों पर उतर आए

    न्‍याय की मांग में लोग सड़कों पर उतर आए

    आपको बता दें कि 10 जनवरी को कठुआ में 8 साल की बच्ची का अपहरण हो गया था। इसके बाद घरवालों ने उसके अपहरण की पुल‍ि‍स में एफआईआर दर्ज कराई थी। 7 दिन बाद बच्ची का शव जंगल से बरामद हुआ। अपहरणकर्ताओं ने बार-बार उसके साथ रेप क‍िया था। इस घटना की जांच करने के लिए 23 जनवरी को अपराध शाखा का एक विशेष जांच दल गठ‍ित हुआ था। मामले में अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार कर लिया। अपराध शाखा ने इस मामले में एक चार्टशीट दाख‍िल कर दी। मामले ने 9 अप्रैल को तूल पकड़ा जब बार ऐसोसिएशन कठुआ के वकीलों ने इस चार्टशीट का व‍िरोध क‍िया था। इसके बाद से इस मामले में सीबीआई जांच की मांग उठने लगी थी। 10 अप्रैल को जम्मू बंद बुलाया गया था। न्‍याय की मांग में लोग सड़कों पर उतर आए हैं। इतना ही नहीं इस मामले में बार एसोसिएशन ने आरोप‍ियों का मुकदमा फ्री में भी लड़ने का ऐलान क‍िया था। हालांक‍ि सु्प्रीम कोर्ट की फटकार के बाद अब यह फैसला वापस हो गया है।

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    English summary
    Kathua Rape Case: Fir against 8 lawyers, Lawyers protest outside Supreme Court over the conduct of lawyers in Jammu
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