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कठुआ गैंगरेप में आरोपियों के वकील बोले, जिहादी मुख्यमंत्री हैं महबूबा मुफ्ती

By Rahul Sankrityayan
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      Kathua Case : आरोपियों के Advocate ने CM Mehbooba Mufti पर लगाए सनसनीखेज आरोप | वनइंडिया हिंदी

      श्रीनगर। कठुआ गैंगरेप में मुख्य आरोपी के वकील अरुण शर्मा ने जम्मू और कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती को जिहादी मुख्यमंत्री बताया है। अरुण शर्मा ने आरोप लगाया है कि मुफ्ती, 'जम्मू के हिंदू-वर्चस्व वाले क्षेत्रों में जनसांख्यिकीय परिवर्तन के लिए एक इस्लाम-फासीवादी सांप्रदायिक एजेंडा' चला रही हैं। अंग्रेजी अखबार द इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार शर्मा ने कहा कि 'महबूबा मुफ्ती एक जिहादी है ,वह गो हत्या और बोवाइन तस्करी के लिए कानूनी संरक्षण देती हैं। वह उन लोगों (गुज्जर और बेकरवाल) को आदिवासियों के रूप में संदर्भित करती हैं, जो मुस्लिम हैं, और कहती हैं कि धारा 188 आरपीसी ('आदेश देने की अवज्ञा') उनके खिलाफ नहीं लगाई जाएगी, वो इस्लाम-फांसीवादी सांप्रदायिक एजेंडे का नेतृत्व कर रही है जिसमें जनसांख्यिकीय परिवर्तन वास्तविकता है , जहां एक धर्म के लोग जम्मू प्रांत में भूमि पर कब्जा कर रहे हैं, जो एक हिंदू-वर्चस्व वाला क्षेत्र है।'

      आरोपियों के वकील हैं शर्मा

      आरोपियों के वकील हैं शर्मा

      शर्मा क्राइम ब्रांच द्वारा आरोपी तय किए गए सांझी राम का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं जो आठ वर्षीय लड़की के बलात्कार और हत्या के मास्टरमाइंड के रूप में क्षेत्र से बकरवाल समुदाय को खत्म करने का लक्ष्य रखता है। साथ ही सांझी राम के बेटे विशाल जंगोत्रा; और पुलिस अधिकारी दीपक खजुरिया का भी केस लड़ रहे हैं।

      हिंदू संगठनों से फोन आ रहे हैं

      हिंदू संगठनों से फोन आ रहे हैं

      शर्मा ने दावा किया कि वह उन्हें हिंदू महासभा के अध्यक्ष और महाराष्ट्र के हिंदू संगठनों से फोन आ रहे हैं। 31 वर्षीय शर्मा ने कहा कि वह हिंदू एकता मंच से जुड़े, जिसे बलात्कार और हत्या मामले में आरोपी का समर्थन करने के लिए स्थापित किया गया है। वो सीबीआई जांच के लिए उनकी मांग का समर्थन कर रहे हैं। मंच को 'शांतिपूर्ण और अहिंसक संगठन' कहते हुए, उन्होंने कहा कि 'जब लोगों पर इस्लामी हमला हुआ' तो उनका गठन हुआ था, क्योंकि 'हुर्रियत समर्थित (बकरवाल) कार्यकर्ताओं ने एक विशेष समुदाय के नाम देना शुरू कर दिया था।'

      वो बाहर से आकर जमीन कब्जा कर रहे हैं

      वो बाहर से आकर जमीन कब्जा कर रहे हैं

      मुफ्ती पर अपना हमला जारी रखते हुए,शर्मा ने फरवरी में आयोजित एक बैठक पर सवाल उठाया जहां मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से पूछा कि जब तक सरकार एक जनजातीय नीति नहीं बनाती है तब तक वन भूमि पर रहने वाले जनजातियों को 'हटाया' नहीं जाएगा। यह निष्कासन केवल जनजातीय मामलों के विभाग की अनुमति के साथ होगा।' शर्मा ने आरोप लगाया है कि 'आदेश उन लोगों के लिए एक उपकरण के रूप में आया ,हर कोई जानता है कि राज्य भूमि, वन भूमि केवल इस समुदाय द्वारा अतिक्रमण कर दी गई है ... वे बाहर से आ रहे हैं और जमीन पर कब्जा कर रहे हैं।'

      जमीनों का दाम ज्यादा

      जमीनों का दाम ज्यादा

      शर्मा ने जनजातीय समुदायों पर 'भूमि खरीदने के लिए ज्यादा कीमतों का हवाला देते हुए' आरोप लगाया कि , 'पैन इस्लामी फाइनेंसियल कार्टेल' द्वारा समर्थित है। शर्मा ने कहा कि 'जो लोग मुस्लिम हैं, वे बाहर आते हैं, वे बाजार मूल्य से अधिक भुगतान करने के लिए तैयार हैं, बाजार मूल्य को दोगुना करते हैं । ऐसे गैर सरकारी संगठन हैं जो ओआईसी (इस्लामिक देशों के संगठन) की अध्यक्षता में इन पैन-इस्लामी वित्तीय कार्टेल के साथ लीग में हैं, जिसका विचार इस्लाम को पूरी दुनिया में फैलाना है। वे हिंदू-वर्चस्व वाले क्षेत्रों में भूमि खरीदने के लिए 40 प्रतिशत की सब्सिडी का भुगतान करते हैं। इससे पहले यह 25 प्रतिशत था।'

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      English summary
      Kathua rape accused lawyer said Mehbooba Mufti is a jihadi chief minister

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