कठुआ गैंगरेप: पीड़िता को भांग का ओवरडोज देकर की गई थी हैवानियत, तीन दिन में खिलाई 8 गोलियां

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नई दिल्‍ली। जम्मू-कश्मीर के कठुआ इलाके में 8 साल की बच्ची के साथ वीभत्स गैंगरेप मामले में एक सनसनीखेज खुलासा हुआ है। 15 वर्षीय मुख्‍य आरोपी ने पूछताछ में बताया है कि बच्‍ची को किडनैप करने के बाद उसे भांग की गोलियां खिलाई गईं। उसने बताया कि घटना में शामिल उसके एक दोस्‍त ने लड़की का पैर पकड़ रखा था और उसने जबरन भांग की गोलियां बच्‍ची के गले के नीचे उतार दी। पुलिस ने बताया कि आरोपी ने कई दिनों तक पीडि़ता को मंदिर में कैद कर रखा था और रोज भांग का ओवरडोज देकर रेप किया जाता था। हिंदुस्‍तान टाइम्‍स में प्रकाशित खबर के मुताबिक घटना के मास्‍टरमाइंड ने मामले को दबाने के लिए पुलिसकर्मियों को 1.5 लाख रुपए रिश्‍वत भी दी थी। विस्‍तार से जानिए

तीन दिन में खिलाई गई भांग की 8 गोलियां

तीन दिन में खिलाई गई भांग की 8 गोलियां

डॉक्‍टरों के मुताबिक मरीजों को भी बेसुध करने के लिए इस गोली का सिर्फ 0.5 एमजी डोज ही दिया जाता है जो पूरे दिन भर के लिए होता है। क्राइम ब्रांच के एक वरिष्‍ठ अधिकारी ने बताया कि मासूम को तीन दिन में 8 गोलियां खिलाई गई थीं। पुलिस ने बताया कि मासूम के लापता होने के अगले दिन ही यानी कि 10 जनवरी को उसके मां-बाप मंदिर पहुंच गए थे लेकिन घटना के मास्‍टरमाइंड ने उन्‍हें मंदिर के मुख्‍य द्वार से ही बहला फुसला कर भेज दिया।

गैंगरेप के पीछे क्‍या था मकसद

गैंगरेप के पीछे क्‍या था मकसद

15 पन्नों की चार्जशीट में रासना गांव में देवीस्थान, मंदिर के सेवादार संजी को मुख्य साजिशकर्ता बताया गया है। मास्टरमाइंड संजी समुदाय को हटाने के लिए इस घिनौने कृत्य को अंजाम देना चाहता था। इसके लिए वह अपने नाबालिग भतीजे और अन्य छह लोगों को लगातार उकसा रहा था। पुलिस के मुताबिक साजिशकर्ता संजी के साथ विशेष पुलिस अधिकारी दीपक खजुरिया और सुरेंद्र वर्मा, उसके दोस्त परवेश कुमार उर्फ मन्नू, भतीजा राम किशोर और उसका बेटा विशाल जंगोत्रा उर्फ शम्मा भी कथित रूप से इस घिनौने कृत्य में शामिल रहे।

अल्पसंख्यक समुदाय के क्षेत्र में बसने के खिलाफ था संजी

अल्पसंख्यक समुदाय के क्षेत्र में बसने के खिलाफ था संजी

दाखिल चार्जशीट में कहा गया है कि साजिशकर्ता संजी बकरवाल समुदाय के तहसील में बसने के खिलाफ था। उसने हिंदू समुदाय के लोगों को भी भड़काया कि वे इस समुदाय के लोगों को बसने के लिए जमीनें न दें। चार्जशीट में कहा गया है कि तहसील में ज्यादातर हिंदू समुदाय की यह सोच बन गई थी कि यह समुदाय गो-हत्या और ड्रग तस्करी से जुड़ा है। अगर ये यहां बसते हैं तो उनके बच्चों का भविष्य खराब हो जाएगा। इस कारण से किसी न किसी बात को लेकर बकरवाल समुदाय के लोगों को धमकियां दी जाती रहीं। संजी और अन्य साजिशकर्ता भी इस समुदाय के वहां बसने के खिलाफ थे।

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English summary
The only resistance that an eight-year-old allegedly gang-raped and killed in Kathua offered was in her first few moments of captivity before the 15-year-old accused allegedly forced three pills of bhang down her throat.

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