कठुआ रेप केस: 'जम्मू में निष्पक्ष जांच के लिए माहौल सही नहीं, ध्रुवीकरण हावी है'

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 नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने कठुआ मामले से जुड़ी दो अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए जम्मू-कश्मीर सरकार को नोटिस जारी किया है। सुप्रीम कोर्ट ने पीड़ित परिवार को सुरक्षा देने के आदेश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 27 अप्रैल को होगी। पीड़िता के परिवार के तरफ से पैरवी करते हुए सुप्रीम कोर्ट की सीनियर वकील इंदिरा जयसिंह ने कहा कि निष्पक्ष जांच के लिए वहां का माहौल सही नहीं है। वहां ध्रुवीकरण का माहौल है। वहीं पीड़िता के परिवार के तरफ से बोलते वकील इंदिरा जयसिंह ने जम्मू-कश्मीर पुलिस की तारीफ करते हुए कहा कि पुलिस ने अच्छा काम किया, न सिर्फ उसने सभी आरोपियों को पकड़ा बल्कि साइंटिफिक आधार पर सबूत भी जुटाए।

 दीपिका सिंह राजावत ने ये कहा

दीपिका सिंह राजावत ने ये कहा

सुप्रीम कोर्ट ती तरफ से नोटिस जारी किए जाने के बाद परिवार का प्रतिनिधित्व करने वाली कठुआ की वकील दीपिका सिंह राजावत ने मीडिया से बात किया और कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने पीडि़त परिवार और पैरवी करने वाले वकील को सुरक्षा देने को कहा है। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि राज्य सरकार जांच में किसी तरह का हस्तक्षेप न करे। सुप्रीम कोर्ट ने केस को चंडीगढ़ ट्रांसफर करने की मांग पर जम्मू-कश्मीर सरकार से जवाब मांगा है।

इस मामले में दो याचिकाएं दायर हैं

इस मामले में दो याचिकाएं दायर हैं

आपको बता दें कि इस मामले में दो याचिकाएं दायर हैं। इनमें से एक याचिका सामूहिक दुष्कर्म और हत्या का शिकार हुई बच्ची के परिवार का प्रतिनिधित्व करने वाली कठुआ की वकील दीपिका सिंह राजावत ने दायर की थी। उन्होंने याचिका में मामले की पैरवी करने पर अपनी जान को खतरा बताया था। दूसरी याचिका दिल्ली स्थित वकील अनुजा कपूर की तरफ से दायर की गई है उन्होंने इस सनसनीखेज सामूहिक दुष्कर्म और हत्या मामले की सुनवाई कठुआ से दिल्ली स्थानांतरिक करवाने की मांग की है। कपूर ने मामले की जांच सीबीआई को स्थानांतरिक करने की भी मांग अपनी याचिका में की है। इसके अलावा याचिका में मामले की पीड़ित के परिजनों के लिये मुआवजे की भी मांग की गई है।

'हम नार्को टेस्ट के लिए तैयार हैं'

'हम नार्को टेस्ट के लिए तैयार हैं'

इससे पहले सोमवार को इस केस की पहली सुनवाई मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में हुई। आठों आरोपियों को कोर्ट लाया गया। आरोपी के वकील के मुताबिक कि कोर्ट ने निर्देश किया कि चार्जशीट की कॉपी सभी आरोपियों को मुहैया कराई जाए। हम नार्को टेस्ट के लिए तैयार हैं। मामले की अगली सुनवाई 28 अप्रैल को होगी। आपको बता दें कि 10 जनवरी को कठुआ में 8 साल की बच्ची का अपहरण हो गया था। इसके बाद घरवालों ने उसके अपहरण की पुल‍ि‍स में एफआईआर दर्ज कराई थी। 7 दिन बाद बच्ची का शव जंगल से बरामद हुआ। अपहरणकर्ताओं ने बार-बार उसके साथ रेप क‍िया था। इस घटना की जांच करने के लिए 23 जनवरी को अपराध शाखा का एक विशेष जांच दल गठ‍ित हुआ था। मामले में अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार कर लिया।

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English summary
Kathua alleged rape and murder case, The atmosphere is highly polarised says Supreme Court lawyer, Indira Jaising

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