Republic Day parade: कर्नाटक की झांकी को अनुमति नहीं, भड़के CM सिद्दारमैया, कहा- कन्नड़वासियों का अपमान
गणतंत्र दिवस की परेड (Republic Day Parade) में शामिल होने वाली राज्यों की झांकी (Republic Day Tableau) की अनुमति को लेकर सियासत शुरू हो गई है। हालांकि इस पर केंद्र से स्पष्टीकरण दिया है। पंजाब के बाद कर्नाटक की झांकी को अनुमति ना मिलने पर सीएम सिद्धारमैया (CM Siddaramaiah) ने केंद्र को निशाने पर लिया है। उनका आरोप है कि केंद्र सरकार ने इस साल के गणतंत्र दिवस परेड में राज्य की झांकी को शामिल करने के लिए राज्य द्वारा भेजे गए सभी प्रस्तावों को खारिज कर दिया है। सीएम ने केंद्र के इस फैसले को कन्नड़वासियों का अपमान बताया है।
इस बार गणतंत्र दिवस पर कर्नाटक राज्य की ओर प्रस्तुत की जाने वाली झांकी को केंद्र ने अनुमति नहीं दी है। इससे पहले पंजाब की झांकी को भी अनुमति नहीं मिली। ऐसे में पंजाब के सीएम भगवंत मान के बाद कर्नाटक के सीएम ने केंद्र को निशाने पर लिया। एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए उन्होंने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। सिद्धारमैया का आरोप है कि केंद्र सरकार ने इस साल के गणतंत्र दिवस परेड में राज्य की झांकी को शामिल करने के लिए राज्य द्वारा भेजे गए सभी प्रस्तावों को खारिज कर दिया है।

सीएम सिद्धारमैया ने एक्स पर लिखा, "केंद्र सरकार ने 26 जनवरी को नई दिल्ली में होने वाली गणतंत्र दिवस परेड में राज्य की झांकी को मौका न देकर सात करोड़ कन्नड़वासियों का अपमान किया है। कर्नाटक को पिछले साल भी इसी तरह की स्थिति का सामना करना पड़ा था क्योंकि हमारे राज्य की झांकी को शुरू में अस्वीकार कर दिया गया था। बाद में उन्होंने कर्नाटक चुनाव को ध्यान में रखते हुए इजाजत दे दी। इस बार, केंद्र सरकार ने कन्नडिगाओं का अपमान करने की अपनी प्रवृत्ति को फिर से जारी रखा है।"
कई झांकियों के भेजे प्रस्ताव, सब किए गए खारिज: सीएम
सीएम सिद्धारमैया ने केंद्र पर आरोप लगाया कि गणतंत्र दिवस परेड की झांकी को लेकर केंद्र ने कर्नाटक के किसी भी प्रस्तावर विचार नहीं किया, बल्कि सब खारिज कर दिए गए। एक्स पर पोस्ट में सीएम ने लिखा कि कर्नाटक की ओर से कई झांकियों के प्रस्ताव भेजे गए थे, लेकिन दुर्भाग्य से केंद्र सरकार ने इन सभी प्रस्तावों को खारिज कर दिया है. हमने अपने राज्य के लोकतंत्र और विकास में उनके अपार योगदान को दर्शाने के लिए नलवाडी कृष्णराज वोडेयार की झांकी की परिकल्पना की थी। हमने कर्नाटक की समृद्ध प्रकृति और ब्रांड बेंगलुरु को प्रदर्शित करने के प्रस्तावों के साथ-साथ कित्तूर रानी चेन्नम्मा और नादप्रभु केम्पेगौड़ा के योगदान को दर्शाने के लिए भी प्रस्ताव भेजे थे, हालांकि, केंद्रीय समिति ने हमारे अनुरोध को अस्वीकार कर दिया, जिससे हम देश को अपने राज्य की अपार उपलब्धियां और अनुकरणीय शख्सियतों से परिचित कराने के अवसर से वंचित हो गए।
'केंद्र को कर्नाटक सरकार से चिढ़'
सीएम ने मौजूदा केंद्र की एनडीए सरकार पर गणतंत्र दिवस की झांकी की अनुमति के बहाने के राजनीति करने का आरोप लगाया। सिद्धारमैया ने कर्नाटक की झांकी को अनुमति ना मिलने का एक कारण राज्य में कांग्रेस की सत्ता होना बताया है। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा केंद्र सरकार को कर्नाटक की कांग्रेस सरकार से चिढ़ है।
'कन्नड़वासियों के सम्मान पर हमला'
सिद्धारमैया ने एक्स पर लिखा, "यह तथ्य कि राज्य में कांग्रेस सरकार सत्ता में है, भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के लिए चिंता का विषय प्रतीत होता है। सूखा राहत में सहायता राशि के वितरण से लेकर कन्नडिगाओं द्वारा निर्मित बैंकों, बंदरगाहों और हवाई अड्डों की बिक्री तक, केंद्र सरकार लगातार कन्नड़वासियों के साथ राजनीतिक द्वेष की भावना से काम कर रही है। अब झांकी प्रस्तुति में राज्य को मौका नहीं देकर हमारी अस्मिता पर फिर से हमला किया है।"












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