'राजभवन का राज्यपाल ने किया दुरुपयोग', MUDA Scam पर मुकदमा चलाने पर बोले सिद्धारमैया
MUDA Scam Karnataka: हाल ही में MUDA स्कैम मामले में कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति दे थी। वहीं, अब राज्यपाल के इस फैसले की मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कड़ी आलोचना की।
सिद्धारमैया ने राज्यपाल थावरचंद गहलोत के फैसले को 'असंवैधानिक' करार दिया और राजभवन का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि राज्यपाल द्वारा मुकदमा चलाने की अनुमति देना असंवैधानिक है।

उन्होंने राजभवन का दुरुपयोग किया है। हमने कैबिनेट में राज्यपाल के इस कदम की निंदा की है। आपको बता दें कि सोमवार 19 अगस्त को मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कर्नाटक हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की दी।
इस याचिका में राज्यपाल के उस आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसमें मैसूर शहरी विकास प्राधिकरण (MUDA) साइट आवंटन घोटाले के संबंध में उनके खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी दी गई थी। जवाब में, हाईकोर्ट ने सिद्धारमैया को बड़ी राहत देते हुए कार्यवाही को स्थगित कर दिया गया था।
कोर्ट ने कहा कि जब तक हाईकोर्ट में सुनवाई चल रही है, MUDA मामले में ट्रायल कोर्ट सिद्धारमैया पर कार्रवाई न करें। बता दें कि इस मामले में अगली सुनवाई 29 अगस्त को होनी है।
दरअसल, कर्नाटक के राज्यपाल ने कार्यकर्ताओं की याचिकाओं के आधार पर 17 अगस्त को सिद्धारमैया के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 17ए और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 218 के तहत मुकदमा चलाने की मंजूरी दी थी।
घोटाले के बारे में विस्तृत जानकारी मिलने के बाद कर्नाटक में राजनीतिक घमासान शुरू हो गया है, जिसमें विपक्षी दल सिद्धारमैया के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। कथित घोटाले में यह दावा किया गया है कि मैसूर के एक प्रमुख स्थान पर विवादित 50:50 अनुपात योजना के तहत सिद्धारमैया की पत्नी पार्वती को अनुचित तरीके से मुआवजा देने वाली भूमि आवंटित की गई थी।
इस योजना में 3 एकड़ और 16 गंट अविकसित भूमि को विकसित आवासीय क्षेत्र में 14 साइटों के बदले में दिया गया, जिसके परिणामस्वरूप कथित तौर पर महत्वपूर्ण वित्तीय लाभ हुआ। भाजपा नेताओं का अनुमान है कि यह घोटाला 4,000 करोड़ से 5,000 करोड़ रुपये के बीच का है।












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