Karnataka Hijab Row: 11 दिनों तक चली सुनवाई खत्म हुई, हाईकोर्ट ने सुरक्षित रखा फैसला
बेंगलुरु, 25 फरवरी: कर्नाटक उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को शिक्षण संस्थानों में हिजाब पर प्रतिबंध को चुनौती देने वाली विभिन्न याचिकाओं पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है। मुख्य न्यायाधीश रितु राज अवस्थी, न्यायमूर्ति कृष्णा एस दीक्षित और न्यायमूर्ति जेएम खाजी की तीन न्यायाधीशों की पीठ शैक्षणिक संस्थानों में हिजाब पर प्रतिबंध को चुनौती देने वाली विभिन्न याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। कर्नाटक हाई कोर्ट में पिछले 11 दिनों से हिजाब विवाद को लेकर सुनवाई कर रहा था।
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कर्नाटक उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को मामले से जुड़ी सभी याचिकाओं पर सुनवाई पूरी कर ली है। इसके साथ ही हाईकोर्ट की पूर्ण पीठ ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस ऋतुराज अवस्थी की अध्यक्षता वाली पीठ ने सभी को अपनी अंतिम दलीलें यानी फाइनल इनपुट अगले दो दिन में लिखित में देने को कहा है। पहले पीठ ने सभी दलीलें शुक्रवार तक खत्म करने के लिए कहा था।
एक याचिकाकर्ता की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता युसूफ मुछला ने अपने प्रत्युत्तर में कहा कि याचिकाकर्ता को सिर को कपड़े के टुकड़े से ढकने की अनुमति दी जानी चाहिए। मुछला ने कहा, "कॉलेज के लिए हमें ऐसा करने से रोकना सही नहीं है। वरिष्ठ अधिवक्ता रविवर्मा कुमार ने अपने प्रत्युत्तर में कोर्ट को कॉलेज कमेटी के गठन की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि एक विधायक को शिक्षण संस्थानों का संचालन करने की पूर्ण शक्ति दी जाती है। जो उन्हें एक थाली परोसकर देने जैसा है।
कर्नाटक उच्च न्यायालय शैक्षणिक संस्थानों में हेडस्कार्फ़ पर प्रतिबंध को चुनौती देने वाली विभिन्न याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा था। कर्नाटक में हिजाब विवाद की शुरूआत 28 दिसंबर को उडुपी के पीयू कालेज में छह छात्राओं को हिजाब पहनने पर कक्षाओं में प्रवेश न देने इसे हुई थी। इसके बाद छात्राओं ने प्रदर्शन किया और हाई कोर्ट में याचिका दायर कर दी। कई छात्र विरोध में उतरने से यह उडुपी से दूसरे जिलों में भी फैल गया। 9 फरवरी को हाई कोर्ट मामले को तीन जजों वाली पूर्ण पीठ को रेफर कर दिया था। जिसके बाद लगातार सुनवाई हुई थीं।












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