हिजाब विवाद को लेकर कर्नाटक HC में सुनवाई, सरकारी वकील ने कहा- यूनिफॉर्म से धार्मिक एंगल जोड़ना सही नहीं
बेंगलुरु, फरवरी 21। कर्नाटक में शिक्षण संस्थानों के अंदर हिजाब पहनने पर लगाई गई रोक के खिलाफ दाखिल याचिका पर हाईकोर्ट सुनवाई कर रहा है। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने एडवोकेट जनरल से पूछा कि क्या शिक्षण संस्थानों के अंदर हिजाब को पहनने की अनुमति दी जा सकती है या नहीं? जवाब में एडवोकेट जनरल ने कहा है कि सरकार के आदेश का एक कार्यकारी हिस्सा इस संबंध में अंतिम फैसला लेने का अधिकार संस्थानों पर ही छोड़ता है।

यूनिफॉर्म से धार्मिक एंगल को नहीं जोड़ना चाहिए- AG
आपको बता दें कि राज्य सरकार की ओर से हाईकोर्ट में दलील दे रहे एडवोकेट जनरल प्रभुलिंग नवदगी ने कहा कि सरकार का आदेश शिक्षण संस्थानों को यूनिफॉर्म तय करने की पूर्ण आजादी प्रदान करता है। एडवोकेट जनरल का कहना है कि कर्नाटक शिक्षा अधिनियम की प्रस्तावना धर्मनिरपेक्ष वातावरण को बढ़ावा देना है। उनका कहना है कि राज्य का रुख यह है कि धार्मिक पहलुओं को पेश करने का तत्व वर्दी में नहीं होना चाहिए। आपको बता दें कि सरकार के आदेश के बाद कर्नाटक हाईकोर्ट ने हिजाब पर रोक लगा दी थी। कोर्ट के इस फैसले को चुनौती दी गई, जिसके बाद सोमवार को उस याचिका पर सुनवाई हुई।
शनिवार को सुनवाई में क्या-क्या हुआ था।
- एडवोकेट जनरल ने शनिवार को सुनवाई के दौरान कहा था कि किसी धर्म के अनिवार्य भाग का गठन मुख्य रूप से उस धर्म के सिद्धांतों के संदर्भ में ही किया जाना है। एडवोकेट जनरल ने इस दौरान सबरीमाला मामले के एक फैसले का भी जिक्र किया।
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बजरंग दल के कार्यकर्ता की हत्या से फिर भड़का हिजाब विवाद
आपको बता दें कि कर्नाटक में हिजाब विवाद सोमवार को उस वक्त फिर से चर्चाओं में आ गया, जब एक बजरंग दल के कार्यकर्ता की अज्ञात हमलावरों ने हत्या कर दी। मारा गया युवक 26 साल का था और उसने हिजाब विवाद को लेकर सोशल मीडिया पर एक पोस्ट लिखी थी। इस घटना के बाद कर्नाटक में तनाव का माहौल पैदा हो गया है। इस घटना के विरोध में लोग सड़कों पर उतर आए हैं और विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।












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