कर्नाटक चुनाव: कोलार सीट को लेकर कांग्रेस में मचा बवाल, सिद्धारमैया को शीर्ष नेतृत्व कर सकता है इनकार!
कर्नाटक में कांग्रेस की दूसरी लिस्ट में कोलार सीट के उम्मीदवार का नाम शामिल नहीं हैं ऐसे में क्या सिद्धारमैया को इस सीट से टिकट नहीं दिया जाएगा?

कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने गुरुवार को अपने 42 उम्मीदवारों की दूसरी लिस्ट जारी कर दी है। हालांकि कांग्रेस ने कोलार सीट के उम्मीदवार कौन होगा इसका खुलासा नहीं किया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सिद्धारमैया वरुणा सीट सेचुनाव लड़ रहे हैं लेकिन वो कोलार सीट से भी चुनाव लड़ना चाहते हैं। ये इच्छा वो कई बार जाहिर कर सकते हैं।

कांग्रेस की दूसरी लिस्ट जारी होने के बाद सूत्रों के अनुसार कोलार विधानसभा क्षेत्र के उम्मीदवार का निर्णय कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेतृत्व द्वारा लिया जाएगा। हालांकि सूत्रों के अनुसार कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को दूसरी सीट कोलार विधानसभा क्षेत्र से पार्टी टिकट देने के फेवर में नजर नहीं आ रही है।
ऐसे में कोलार सीट से चुनाव लड़ने के अनुभवी कांग्रेस नेता सिद्धारमैया की उम्मीद धराशायी हो सकती है क्योंकि पार्टी आलाकमान के पास उन्हें दो निर्वाचन क्षेत्रों से मैदान में उतारने के फेवर में बिलकुल नहीं है।
इसके पीछे वजह है कि कांग्रेस एक उम्मीदवार को दो सीटों से चुनाव लड़ाने के बजाय इस चुनाव में सभी को बराबर से मौका देना चाहती है।
अगर आलाकमान उन्हें कोलार से उम्मीदवार नहीं बनाता है तो क्या उन्होंने कोई और विकल्प सोचा है? इस प्रश्न का जवाब देते हुए सिदारमैया ने कहा यह विकल्प का सवाल नहीं है। यहां ऐसा नहीं है। आलाकमान को अंततः सहमत होना होगा। यदि आलाकमान सहमत हूं, मैं चुनाव लड़ूंगा।
कोलार कांग्रेस के लिए सुरक्षित सीट नहीं है इसके जवाब में सिद्धारमैया ने कहा कि यदि आप कहते हैं कि कोलार में कोई पार्टी संरचना नहीं है, तो यह सही नहीं है। पार्टी के नेता हैं, वहां पार्टी का ढांचा है। बेशक, कांग्रेस वहीं कई सालों तक नहीं जीती। इसका मतलब यह नहीं है कि हमारे पास वहां कोई ढांचा नहीं है।द्य
सिद्धारमैया ने कहा उनकी टीम के सर्वेक्षण से संकेत मिलता है कि कोलार उनके लिए चुनाव लड़ने के लिए एक सुरक्षित सीट होगी।
कोराटगेरे सीट से पूर्व उपमुख्यमंत्री डॉ जी परमेश्वर को उतारा गया है जबकि सूत्रों के अनुसा वो पुलिकेशीनगर से भी चुनाव लड़ना चाहते थे, लेकिन पार्टी ने मना कर दिया। सूत्रों के अनुसार उन्होंने सिद्धारमैया को दो सीटों से चुनाव लड़ने के लिए क्यों मिलना चाहिए ये सवाल भी उठाया था।
कर्नाटक में चुनाव में जीत हासिल करने के साथ कांग्रेस आलाकमान को कांग्रेस के में नेताओं के बीच अंदरूनी कलह को रोकना है ताकी भाजपा को हराने का चुनाव अभियान पटरी से ना उतरे।
सिद्धारमैया को दो सीट से चुनाव लड़ने के अलावा सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच मुख्यमंत्री की कुर्सी की दावेदारी को लेकर भी दरार है। पार्टी ने बार-बार राज्य के शीर्ष नेताओं सिद्धारमैया और राज्य के पार्टी प्रमुख डीके शिवकुमार के साथ अपने संतुलन अधिनियम में एक संयुक्त मोर्चा दिखाने की कोशिश की है।
हालांकि चुनाव की तारीख घोषित होने के बाद से दोनों नेताओं ने भी इस बात पर जोर दिया है कि जीत के लिए पार्टी की लड़ाई में वे एकजुट हैं।












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