कर्नाटक चुनाव: भाजपा विधायक केएस ईश्वरप्पा नहीं लड़ेंगे चुनाव, चुनावी राजनीति से संन्यास लेने का किया ऐलान
भाजपा विधायक केएस ईश्वरप्पा 2023 का कर्नाटक विधानसभा चुनाव नहीं लड़ने का ऐलान किया है।

कर्नाटक विधानसभा चुनाव 2023 के लिए 10 मई को मतदान होगा। मतदान को एक महीने का शेष समय बचा हुआ है लेकिन अभी तक सत्म्तारुढ़ पार्टी ने अभी तक अपने उम्मीदवारों की पहली सूची तक जारी नहीं की है। वहीं मंगलवार को शिवमोग्गा के भाजपा विधायक केएस ईश्वरप्पा ने ऐलान किया है कि वो इस बार चुनाव नहीं लड़ेगे।
भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व डिप्टी सीएम भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को पत्र लिखकर कहा उन्होंने आगामी कर्नाटक विधानसभा चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया है।
बता दें 2018 में भारतीय जनता पार्टी से के.एस. ईश्वरप्पा ने इंडियन नेशनल कांग्रेस के केबी प्रसन्ना कुमार को 46107 वोटों से हराया था। 2013 में इसी सीट से जेडीएस नेता प्रसन्ना कुमार ने जीत हासिल की थी।
शिवमोग्गा से बीजेपी विधायक और पूर्व डिप्टी सीएम के एस ईश्वरप्पा ने मंगलवार को नड्डा को लिखे पत्र में लिखा मैं अपनी मर्जी और इच्छा से, मैंने कर्नाटक में विधानसभा चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया है। मैं चुनावी राजनीति से भी संन्यास ले रहा हूं।
पीटीआई न्यूज एजेंसी रिपोर्ट के अनुसार शिवमोग्गा बीजेपी विधायक ईश्वरप्पा उसी सीट से अपने बेटे केई कंटेश के लिए बीजेपी का टिकट लेना चाहते हैं।
भापजा के दिग्गज विधायक और पूर्व उप मुख्यमंत्री ने कन्नड़ में लिखे अपने पत्र में उन्होंने साफ लिखा है कि उन्होंने ये फैसला अपने अपनी इच्छा से लिया गया है। ने आगे लिखा पिछले 40 वर्षों से हमारी पार्टी ने मुझे बूथ अध्यक्ष से लेकर राज्य पार्टी अध्यक्ष तक सभी ज़िम्मेदारियां दी हैं। मुझे कर्नाटक का उपमुख्यमंत्री बनने का भी सम्मान मिला। मैं पार्टी में अपने सभी वरिष्ठों को उनके भरोसे के लिए धन्यवाद देता हूं।
बता दें भाजपा के वरिष्ठ नेता ईश्वरप्पा अपने विवादिन बयानों के कारण कई बार बुरे फंस चुके हैं। उन्होंने मंगलुरु में एक सभा को संबोधित करते हुए ये कह दिया था कि अज़ान उनके लिए "सिरदर्द" है, जिसके बाद जमकर बवाल शुरू हो गया था।
इस बयान के एक दिन बाद उन्होंने अपनी टिप्पणी को सही ठहराने की कोशिश करते हुए बताया था कि उन्होंने ये बयान इस लिस दिया क्योंकि कर्नाटक में छात्रों की परीक्षा हो रही है और माता-पिता शिकायत कर रहे हैं कि अज़ान और लाउडस्पीकर के कारण छात्र ठीक से पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं।
वहीं जुलाई 2022 में उडुपी में एक संविदा कर्मचारी की मौत से जुड़े एक केस में ईश्वरप्पा का नाम सामने आया था। मामले में दर्ज प्राथमिकी में कहा गया है कि ठेकेदार संतोष पाटिल को आत्महत्या के लिए उकसाने में मंत्री की भूमिका थी।












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