MUDA Case: HC से याचिका खारिज होने के बाद आया CM सिद्धारमैया का पहला रिएक्शन, मोदी सरकार को ठहराया दोषी!
कर्नाटक उच्च न्यायालय (Karnataka High Court) ने मैसूर शहरी विकास प्राधिकरण (MUDA) घोटाले मामले में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की याचिका को खारिज कर दिया है। कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया ने अब उच्च न्यायालय के फैसले पर टिप्पणी करते हुए कहा है कि वह किसी भी जांच के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि वो इस मामले पर कानूनी विशेषज्ञों से परामर्श करने की योजना बना रहे हैं।
कर्नाटक उच्च न्यायालय ने हाल ही में सिद्धारमैया की उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें उन्होंने राज्यपाल थावरचंद गहलोत द्वारा MUDA मामले में उनके खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी दिए जाने के खिलाफ याचिका दायर की थी। एकल न्यायाधीश पीठ की अध्यक्षता कर रहे न्यायमूर्ति एम नागप्रसन्ना ने टिप्पणी की कि राज्यपाल द्वारा 17 अगस्त को जांच को मंजूरी देने का निर्णय जल्दबाजी में नहीं लिया गया था।
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सिद्धारमैया ने न्यायालय के आदेश के बाद किसी भी आवश्यक जांच से गुजरने की इच्छा व्यक्त की। उन्होंने उपलब्ध विकल्पों का पता लगाने के लिए कानूनी विशेषज्ञों से सलाह लेने के अपने इरादे का जिक्र किया। उन्होंने कहा, "किसी भी जांच से नहीं हिचकिचाएंगे। कानूनी विशेषज्ञ से चर्चा करेंगे कि क्या इसके लिए कोई प्रावधान है।"
सिद्धारमैया ने जारी किया बयान
कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने सिद्धारमैया ने प्रेस बयान जारी किया है। बयान में उन्होंने कहा, "मैं जांच करने में संकोच नहीं करूंगा। मैं विशेषज्ञों से सलाह लूंगा कि कानून के तहत ऐसी जांच की अनुमति है या नहीं। मैं कानूनी विशेषज्ञों से चर्चा करूंगा और लड़ाई की रूपरेखा तय करूंगा... मुझे पूरा विश्वास है कि अगले कुछ दिनों में सच्चाई सामने आ जाएगी और 17ए के तहत जांच रद्द हो जाएगी। इस राजनीतिक संघर्ष में राज्य की जनता मेरे साथ खड़ी है। उनका आशीर्वाद ही मेरी सुरक्षा है।"
कानून पर विश्वास दिखाते हुए उन्होंने आगे कहा, "मैं कानून और संविधान में विश्वास करता हूं। इस लड़ाई में आखिरकार सच्चाई की जीत होगी। यह नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार की बदले की राजनीति के खिलाफ लड़ाई है। भाजपा और जेडीएस की इस बदले की राजनीति के खिलाफ हमारा न्यायिक संघर्ष जारी रहेगा। मुझे न्यायालय पर भरोसा है। हमारी पार्टी और कांग्रेस हाईकमान के सभी विधायक, नेता और कार्यकर्ता मेरे साथ खड़े हैं और कानून के लिए लड़ाई जारी रखने के लिए मुझे प्रोत्साहित कर रहे हैं। भाजपा और जेडीएस ने मेरे खिलाफ राजनीतिक प्रतिशोध का सहारा लिया है क्योंकि मैं गरीबों का हितैषी हूं और सामाजिक न्याय के लिए लड़ रहा हूं।"
कोर्ट ने राज्यपाल के निर्णय पर क्या कहा?
न्यायालय ने इस बात पर प्रकाश डाला कि अभियोजन के लिए राज्यपाल की मंजूरी पर सावधानीपूर्वक विचार किया गया था। निर्णय में विशेष रूप से धारा 17ए पर ध्यान केंद्रित किया गया, जो ऐसे मामलों में राज्यपाल के अधिकार से संबंधित है। इस धारा ने न्यायालय की निर्णय लेने की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
विपक्ष कर रही इस्तीफे की मांग
MUDA घोटाले को लेकर विपक्ष लगातार मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को निशाने पर ले रही है और इस्तीफे की मांग कर रही है। याचिका खारिज होने के बाद यह मांग और तेज हो गई है। हालांकि, कांग्रेस ने इसी बीजेपी की साजिश बताते हुए सीएम के इस्तीफे से इनकार किया है।
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