कर्नाटक में AIMIM 25 सीटों पर लड़ेगी चुनाव, ओवैसी ने कांग्रेस के साथ गठबंधन पर कह दी बड़ी बात
हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM कर्नाटक में इसबार 25 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी में है। वह जेडीएस को गठबंधन का संदेश दे चुकी है, लेकिन अभी जवाब के इंतजार में है।

कर्नाटक चुनाव में इसबार असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी भी भाग्य आजमाएगी। पार्टी राज्य की 224 सीटों में से करीब 10 फीसदी या 25 सीटों पर अपने उम्मीदवार उताने की तैयारी में है। हालांकि, सभी उम्मीदवारों के नाम घोषित करने से पहले वह गठबंधन की उम्मीद में बैठी है और जनता दल (सेक्युलर) की ओर कोई संदेश मिलने के इंतजार में है। अभी तक जेडीएस की ओर से कोई रेस्पॉन्स नहीं मिला है। ओवैसी ने कांग्रेस के साथ गठबंधन की संभावना को लेकर भी बयान दिया है और खुद पर मुस्लिम वोट बांटने के आरोपों का भी जवाब दिया है।

कर्नाटक में 25 सीटों पर चुनाव लड़ेगी एआईएमआईएम
असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) कर्नाटक चुनाव में 25 सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है। एआईएमआईएम चीफ ओवैसी ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से कहा है, 'अबतक हमने तीन उम्मीदवारों की घोषणा की है। हम गठबंधन के लिए तैयार हैं। हम निश्चित रूप से चुनाव लड़ेंगे। हमारा गठबंधन होगा या नहीं, हमें इंतजार करना होगा।' 2018 के विधानसभा चुनाव में ओवैसी की पार्टी ने चुनाव नहीं लड़ा था, लेकिन जेडीएस को समर्थन देने का ऐलान किया था।

'कांग्रेस गठबंधन नहीं करना चाहती है'
जब हैदराबाद के सांसद से यह पूछा गया कि एआईएमआईएम किसके साथ गठबंधन के लिए तैयार है तो ओवैसी बोले, 'कांग्रेस गठबंधन नहीं करना चाहती है, क्योंकि वह हमारे खिलाफ गलत और निराधार आरोप लगाती है। इसलिए हम देखेंगे।' लेकिन, ओवैसी की पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष उस्मान गनी ने मंगलवार को कहा है कि वे पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा के जनता दल (सेक्युलर) के साथ गठबंधन की उम्मीद कर रहे हैं। हालांकि, एआईएमआईएम को जेडीएस से अभी कोई जवाब नहीं मिल पाया है। उन्होंने कहा है कि उनकी पार्टी प्रदेश की 25 सीटों पर चुनाव लड़ेगी।

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मुस्लिम कोटा खत्म होने पर जता चुके हैं नाराजगी
पिछले हफ्ते ओवैसी ने कर्नाटक में ओबीसी आरक्षण से मुसलमानों के 4 फीसदी कोटा को खत्म किए जाने को लेकर बीजेपी सरकार पर जमकर भड़ास निकाली थी। हालांकि, तब उन्होंने कांग्रेस और जेडीएस पर भी इस मुद्दे पर चुप रहने का आरोप लगाते हुए निशाना साधा था। उन्होंने ट्वीट किया था, 'बीजेपी की ओर से गरीब मुसलमानों के 4% कोटा को खत्म किए एक दिन हो चुका है। इसे वोक्कालिगा और लिंगायतों में बांट दिया गया है, जो प्रभावशाली ऊंची जातियां हैं। उनका पहले से ही कोटा है। मुसलमानों से बीजेपी की नफरत जगजाहिर है। लेकिन कांग्रेस और जेडीएस भी चुप हैं। उनका स्टैंड क्या है?'

कथित सेक्युलर दलों पर ओवैसी का निशाना
ओवैसी ने उनपर चुनाव लड़कर मुसलमानों का वोट बांटने के आरोपों पर भी जवाब दिया है और मुसलमानों का कोटा खत्म किए जाने पर कथित सेक्युलर पार्टियों से तीखे सवाल पूछे हैं। उन्होंने कहा 'उन्होंने विरोध क्यों नहीं किया? कथित सेक्युलर नेताओं और पार्टियों की ओर से कड़े बयान क्यों नहीं दिए गए?' ओवैसी ने कहा कि 2019 के लोकसभा चुनावों में कर्नाटक में एआईएमआईएम ने उम्मीदवार नहीं उतारे थे, फिर कांग्रेस सिर्फ एक ही सीट क्यों जीती? 'क्या यह मुसलमानों का वोट बंटने की वजह से हुआ था या बीजेपी के पक्ष में बहुसंख्यकों का वोट एकजुट होने की वजह से?'












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