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Ayodhya Verdict: असदुद्दीन ओवैसी के बयान पर एक्टर कमाल खान ने क्या कहा

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नई दिल्ली। देश के सबसे संवेदनशील मामलों में एक अयोध्या केस पर सुप्रीम कोर्ट के 5 जजों की संविधान पीठ ने अपना ऐतिहासिक फैसला सुना दिया। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में विवादित जमीन का मालिकाना हक रामलला विराजमान को दिया, साथ ही कोर्ट ने अयोध्या में ही 5 एकड़ जमीन मुस्लिम पक्ष को मस्जिद के लिए देने का फैसला सुनाया। सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने असंतोष जाहिर किया था और कहा था कि मुसलमानों को 5 एकड़ जमीन की खैरात नहीं चाहिए। वहीं, असदुद्दीन ओवैसी के इस बयान पर एक्टर कमाल आर. खान ने ट्वीट किया है।

ओवैसी के भड़काऊ बयानों को नजरअंदाज करना चाहिए- केआरके

ओवैसी के भड़काऊ बयानों को नजरअंदाज करना चाहिए- केआरके

कमाल आर. खान ने ट्वीट कर कहा, 'हम सभी हिन्दू-मुस्लिम को अयोध्या पर आए फैसले को लेकर असदुद्दीन ओवैसी के भड़काऊ बयानों को नजरअंदाज करना चाहिए क्योंकि उनके पास कोई और चारा नहीं है। ओवैसी तब तक राजनेता हैं जब तक हमें हिंदू-मुस्लिम में बांट रहे हैं और उनकी राजनीति उस दिन खत्म हो जाएगी, जब वह ऐसा नहीं कर पाएंगे।'

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असदुद्दीन ओवैसी ने दी थी तीखी प्रतिक्रिया

इसके पहले, असदुद्दीन ओवैसी ने सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद तीखी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा था, 'भारत के मुस्लिम को खैरात की जरूरत नहीं है। हमें संविधान पर पूरा भरोसा है, हम अपने कानूनी हक की लड़ाई लड़ रहे थे। हमें जमीन के प्रस्ताव को ठुकरा देना चाहिए।' औवैसी ने कहा, 'मैं सुप्रीम कोर्ट के फैसले से सहमत नहीं हूं। मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के वकीलों ने भी कहा कि वे इस फैसले से सहमत नहीं हैं।'

हम मस्जिद के लिए जमीन खरीद सकते हैं- ओवैसी

हम मस्जिद के लिए जमीन खरीद सकते हैं- ओवैसी

औवैसी ने कहा था, 'हम मस्जिद के लिए जमीन खरीद सकते हैं।' ओवैसी ने कहा कि कांग्रेस ने भी आज अपना असली रंग दिखा दिया है। अगर 1949 में मूर्तियों को नहीं रखा गया होता और तत्‍कालीन पीएम राजीव गांधी ने ताले नहीं खुलवाए होते तेा मस्‍जिद अभी भी होती। नरसिम्‍हा राव ने अपने कर्तव्यों का पालन किया होता तो मस्‍जिद अभी भी होती।' अयोध्या मामले पर फैसले के बाद सुन्नी वक्फ बोर्ड के वकील जफरयाब जिलानी ने कहा कि यदि कमेटी सहमत होती है तो हम समीक्षा याचिका दायर करेंगे। उन्होंने कहा कि वे कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हैं लेकिन इससे संतुष्ट नहीं हैं। साथ ही उन्होंने फैसले को लेकर किसी तरह का प्रदर्शन ना करने की अपील भी की।

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English summary
kamaal r khan tweets Hindu Muslim should ignore Asaduddin Owaisi's statements about ayodhya verdict
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