तब कलाम साहब का बंगला खाली करना होगा 45 दिनों में
नई दिल्ली(विवेक शुक्ला) अपने स्वामी के हमेशा अलविदा कहने के बाद राजधानी के 10 राजाजी मार्ग पर सन्नाटा पसर गया है। अब इस बंगले का स्वामी यानी एपीजे अब्दुल कलाम कभी इसमें वापस नहीं आएंगे।
वे इस बंगले में बीते कई सालों से रह रहे थे। वे जब तक रहे तक इधर कालेज, विश्वविद्लायों, शोध संस्थानों से जुड़े लोग इधर आते रहते हैं। वे कलाम साहब के सात बातचीत करने के लिए आते थे।
गर्मजोशी से स्वागत
गाजियाबाद के मेवाड़ यूनिवर्सिटी में उप निदेशक शशांक दिवेदी कहते हैं कि वे कलाम साहब के बंगले में कई बार गए। वहां पर जाते ही लगता था कि कलाम साहब उनका गर्मजोशी से स्वागत करेंगे।
8 बैडरूम का बंगला
जानकारों ने बताया कि अगर सरकार ने कलाम साहब के बंगले को स्मारक बनाने पर कोई फैसला नहीं लिया तो इसे 45 दिनों के बाद खाली कर दिया जाएगा। हां, 45 दिनों की अवधि को थोड़ा-बहुत बढ़ाया भी जा सकता है।
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बंगले का सामान उनके संबंधियों को दे दिया जाएगा। फिर इसमें कोई और वीवीआईपी रहेगा। ये 8 बैडरूम का बंगला है। पूर्व राष्ट्रपति एपेजी अब्दुल कलाम साहब राष्ट्रपति भवन से रिटायर होने के बाद इसी बंगले में रहने लगे थे।
सरल नहीं होगा
कुछ जानकार कह रहे हैं कि सरकार के लिए कलाम साहब के बंगले को स्मारक बनाना सरल नहीं होगा क्योंकि तब तो फिर बहुत से बंगलों को स्मारक के रूप में तब्दील करने की मांग होने लगेगी।
किताबें ही किताबें
कलाम साहब के बंगले में उनके अलावा उनके कुछ सेवक रहते थे। उनके बंगले में हजारों किताबें हैं। जो विज्ञान, राजनीति, समाज से जुड़े सवालों पर हैं।













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