मौलाना मदनी बोले हम RSS-BJP के खिलाफ नहीं, पीएम मोदी के काम को सराहा
महमूद मदनी ने पीएम मोदी का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि मोदी सरकार ने तुर्की की मदद के लिए काफी कुछ किया, जिस तरह से भीषण भूकंप में हजारों लोगों की तुर्की में मौत हुई, उस संकट के बीच मोदी सरकार ने मदद का हाथ बढ़ाया है।

जमीयत उलमा ए हिंद के चीफ मौलाना महमूद मदनी ने कहा कि मुस्लिम संगठन भारतीय जनता पार्टी और आरएसएस के खिलाफ नहीं दोनों के बीच वैचारिक मतभेद हैं। महमूद मदनी ने कहा कि गलत हिंदुत्व के गलत प्रारूप को फैलाया जा रहा है, मौजुदा हिंदुत्व का प्रारूप भारत की मूल भावना के खिलाफ है। जमीयत के 34वें जनरल सेशन में बोलते हुए मौलाना मदनी ने यह बात कही। अपने भाषण के दौरान मदनी ने कहा कि पसमंदा मुस्लिमों के साथ भेदभाव किया जाता है, इसके खिलाफ जेयूएच लड़ेगी, इनके आरक्षण के लिए हम लड़ेंगे। जिस तरह से पसमंदा मुसलमानों को आगे बढ़ाने के लिए सरकार ने काम किया है उसकी मदनी ने तारीफ की और कहा कि इसके लिए इस दिशा में और काम करने की जरूरत है।
दरअसल हाल हमें भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में पीएम मोदी ने कहा था कि भाजपा कार्यकर्ताओं को पसमंदा मुसलमानों तक पहुंचना चाहिए। पसमंदा मुसलमानों के लिए आरक्षण की जरूरत है। जाति के आधार पर उनके साथ जो अन्याय हुआ इसके लिए हमे खेत है। इस्लाम में जाति के आधार पर भेदभाव स्वीकार नहीं है। महमूद मदनी ने पीएम मोदी का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि मोदी सरकार ने तुर्की की मदद के लिए काफी कुछ किया, जिस तरह से भीषण भूकंप में हजारों लोगों की तुर्की में मौत हुई, उस संकट के बीच मोदी सरकार ने मदद का हाथ बढ़ाया है।
मदनी ने कहा कि तुर्की में लोगों की मदद सिर्फ दिखावे के लिए नहीं है, मोदी सरकार तुर्की की मदद की हर संभव कोशिश कर रही है। भारत की विदेश नीति का यह अच्छा हिस्सा है। फिलिस्तीन और इजराइल को लेकर भारत की विदेश नीति में बदलाव आया है, जिसका भारत को लंबे समय तक फायदा नहीं होगा। इसके तत्कालीन लाभ हो सकते हैं, लेकिन लंबे समय के लिए नहीं। इसके अलावा मदनी ने कहा कि ऐसी लोगों की सोच है कि मुस्लिम देश पर बोझ हैं। मोहम्मद साहब का अपमान स्वीकार नहीं किया जा सकता है। तमाम मुश्किलों के बाद भी मुस्लिम कामगार, बिजनेसमैन भारत की जीडीपी में योगदान दे रहे हैं। अरब देशों से 70 फीसदी पैसा मुसलमानों से ही आता है।
वहीं जमीयत उलेमा ए हिंद के प्रमुख सैयद अरशद मदनी ने कहा कि बड़े-बड़े धर्मगुरुओ से पूछा जब कोई नहीं था, ना श्रीराम थे, ना वरहमा थे, ना शिव थे, जब कोई नहीं था तो सवाल पैदा होता है कि मनु पूजते किसको थे। कोई कहता है कि शिव को पूजते थे, लेकिन उनके पास इल्म नहीं है। बहुत कम लोग यह बताते हैं कि मनु कुछ नहीं था, वह ओम को पूछते थे, मैंने कहा ओम कौन थे, बहुत से लोगों ने कहा कि वह एक हवा है, जिनका कोई रूप नहीं है, कोई रंग नहीं है, वह दुनिया में हर जगह हैं, उन्होंने आसमान बनाया, जमीन बनाया। मैंने कहा कि अरे बाबा इन्ही को तो हम अल्लाह कहते हैं, इसी को तो तुम ईश्वर कहते हैं, फारसी बोलने वाले खुदा कहते हैं, ईसाई गॉड कहते हैं। इसका मतलब है कि मनु एक अल्लाह को पूजते थे।












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