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आसुमल थाऊमल सिरुमलानी से लाखों लोगों का 'बापू' यूं बना रेपिस्ट आसाराम

By Akansha Singh
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      Asaram Case : Asumal Sirumalani ऐसे बना 'Asaram Bapu' | Journey of Asaram | वनइंडिया हिंदी
      Asaram

      नई दिल्ली। जोधपुर की सेंट्रल जेल में बंद आसाराम बापू को नाबालिग से बलात्कार मामले में दोषी करार दे दिया गया है। प्रकाश और शिवा को निर्दोष करार देते हुए बरी कर दिया गया है। जल्द ही जोधपुर कोर्ट आसाराम पर अपना फैसला सुनाएगी। पिछले 4 साल से जेल में बंद आसाराम कि जिंदगी में कई विवाद रहे हैं। जानिए अहमदाबाद में रहने वाला आसुमल थाऊमल सिरुमलानी कैसे बन गया लाखों लोगों का भगवान 'आसाराम बापू'!

      पाकिस्तान में 1941 में हुआ जन्म

      पाकिस्तान में 1941 में हुआ जन्म

      आसाराम का जन्म 17 अप्रैल, 1941 को ब्रिटिश भारत के नवाबशाह जिले में हुआ था जो आज पाकिस्तान के सिंध प्रांत में पड़ता है। थाउमल सिरुमलानी और मेंहगीबा की संतान आसुमल अपने माता-पिता के साथ विभाजन के बाद आकर अहमदाबाद में बस गया। उसके पिता की छोटी सी दुकान थी जिसमें वो भी हाथ बंटाने लग गया। पिता की मौत के बाद आसाराम ने वो दुकान थोड़े वक्त तक चलाई और फिर योग और आध्यात्मिकता की राह पर चल निकला। आसाराम ने अध्यात्म के लिए आखिर अपना घर छोड़ दिया और फिर देशभरग में यात्रा की।

      वृंदावन में मिला 'आसाराम बापू' का नाम

      वृंदावन में मिला 'आसाराम बापू' का नाम

      इसके बाद आसाराम ने वृंदावन में स्वामी श्री लीलाशाहजी महाराज के आश्रम में शरण ली जहां उसे 'आसाराम बापू' का नाम मिला। आसाराम ने फिर आध्यात्मिक प्रवचन देना शुरू कर दिया और सत्संग भी करने लगा। आसाराम के सत्संग में लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते थे। सत्संग में जब बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचने लगे तो आसाराम 8 जुलाई, 1971 में वापस अहमदाबाद लौट आए। 29 जनवरी, 1972 को साबरमती के किनारे मोटेरा में उसने अपना पहला आश्रम खोला।

      आसाराम पर लगे एक के बाद एक आरोप

      आसाराम पर लगे एक के बाद एक आरोप

      1973 में इसे पूर्ण तरह से आश्रम का रूप दे दिया गया। इसके बाद आसाराम की लोकप्रियता बढ़ती गई और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उससे जुड़ते गए। जैसे-जैसे आसाराम की लोकप्रियता बढ़ी, वैसे-वैसे उसके विवाद लोगों के सामने आते गए। आसाराम के कई आश्रमों पर अवैध अतिक्रमण का आरोप लगा। साल 2008 में आश्रम के गुरुकुल में हुई 4 बच्चों की मौत पर भी सवाल उठे। तब आसाराम पर आरोप लगा कि उसके गुरुकुल में काला जादू किया जाता है। हालांकि सीबीआई ने इससे इनकार कर दिया था।

      निर्भाया गैंगरेप पर दिया था शर्मनाक बयान

      निर्भाया गैंगरेप पर दिया था शर्मनाक बयान

      देश को हिला देने वाले निर्भया गैंगरेप पर अपनी टिप्पणी से भी आसाराम को लोगों के गुस्से का शिकार होना पड़ा था। आसाराम ने इस मामले में पीड़ित लड़की को बलात्कारियों जितना ही कसूरवार ठहराया था। आसाराम ने कहा था, 'पीड़ित भी बलात्कारियों जितना ही जिम्मेदार है। उसे आरोपियों को भाई कह कर संबोधित करना चाहिए था और उनसे भीख मांगनी चाहिए थी। इससे उसकी इज्जत और जिंदगी बच सकती थी। क्या एक हाथ से ताली बज सकती हैं? मुझे नहीं लगता ऐसा।' इस टिप्पणी पर लोगों की कड़ी प्रतिक्रिया देखने को मिली थी।

      नाबालिग से बलात्कार मामले में दोषी करार

      नाबालिग से बलात्कार मामले में दोषी करार

      आसाराम की जिंदगी का सबसे बड़ा विवाद साल 2013 में सबके सामने आया था। साल 2013 में 16 साल की एक लड़की ने आसाराम पर बलात्कार का आरोप लगाया था। पीड़ित का आरोप था कि आसाराम ने इलाज के बहाने जोधपुर आश्रम में उसका बलात्कार किया था। पीड़ित के माता-पिता ने दिल्ली में आसाराम के खिलाफ बलात्कार का मामला दर्ज किया था, जिसमें आसाराम को आज दोषी पाया गया है। सूरत की दो बहनों ने भी आसाराम और उसके बेटे नारायण साईं पर रेप का आरोप लगाया था।

      ये भी पढे़ं:पीड़िता की खौफनाक कहानी: भूत उतारने के नाम पर आसाराम ने बुलाया था, दूध पीकर किया 'गंदा काम'

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      English summary
      Jodhpur Court Convicted Asaram In Rape Case, Know How He Became Self Styled God 'Asaram Bapu' Of Many

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