• search
क्विक अलर्ट के लिए
अभी सब्सक्राइव करें  
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

JNU हिंसा पर विपक्ष का मोदी सरकार पर हमला, ममता ने दिल्ली भेजा डेलिगेशन

|

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी में कुछ नकाबपोश लोगों द्वारा छात्रों और टीचरों के साथ मारपीट का मालमा सामने आने के बाद हड़कंप मचा हुआ है। हमले के पीछे जेएनयू छात्र संघ ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद पर आरोप लगाया है जबकि एबीवीपी का कहना है कि उनके छात्रों के उपर लेफ्ट के लोगों ने हमला किया है। जेएनयू में हुई हिंसा में छात्रों और टीचर्स समेत कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं जिनको अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

निर्मला सीतारमण ने कही ये बात

निर्मला सीतारमण ने कही ये बात

हमले पर देशभर से लोगों की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं, राजनीतिक जगत के कई नेताओं और मंत्रियों ने ट्वीट कर हमले की कड़ी निंदा की और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग की। केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण ने ट्वीट कर कहा कि जेएनयू से भयावह तस्वीरें सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि जिस जगह को मैं जानती हू वह बहस और विचारों के लिए था, लेकिन कभी हिंसा के लिए नहीं रहा। मैं आज की घटना की निंदा करती हूं, सरकार पिछले कुछ हफ्तों से जो भी कह रही है वह यही है कि छात्रों के लिए विश्वविद्यालय सुरक्षित स्थान हों।

विदेश मंत्री सुब्रह्मण्यम जय शंकर ने की निंदा

जेएनयू हिंसा पर विदेश मंत्री सुब्रह्मण्यम जय शंकर ने भी कड़ी निंदा की है उन्होंने ट्वीट कर रहा कि जेएनयू में जो भी हो रहा है मैंने उसकी तस्वीरें देखी। यह पूरी तरह से विश्वविद्यालय की परंपरा और संस्कृति के खिलाफ है। हमें समान रूप से हिंसा की निंदा करनी चाहिए। बता दें कि रविवार को हुए इस हिंसा में जेएनयू के CSRD की फैकल्टी सुचरिता सेन को सिर में चोट लगने के बाद एम्स में भर्ती कराया गया। जेएनयू में मास्क लगाए कुछ लोगों ने छात्रों और टीचर्स पर हमला किया है।

अखिलेश यादव ने एबीवीपी को बताया BJP सैनिक

यूनिवर्सिटी में मचे बवाल पर समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव का भी ट्वीट सामने आया है। उन्होंने लिखा कि JNU में जिस तरह नक़ाबपोश अपराधियों ने छात्रों और अध्यापकों पर हिंसक हमला किया है वो बेहद निंदनीय है. इस विषय में तत्काल उच्च स्तरीय न्यायिक जाँच होनी चाहिए। भाजपा समाज का ध्रुवीकरण करने और असंतोष फैलाने के लिए हिंसा और नफरत का इस्तेमाल कर रही है। एबीवीपी भाजपा के सैनिकों की तरह काम कर रही है।

ममता ने दिल्ली भेजा अपना प्रतिनिधिमंडल

पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने भी जेएनयू में हुए हमले पर ट्वीट कर के अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने लिखा कि हम JNU में छात्रों और शिक्षकों के खिलाफ बर्बरता की कड़ी निंदा करते हैं। ऐसे शर्मनाक घटना का वर्णन करने के लिए पर्याप्त शब्द नहीं। हमारे लोकतंत्र पर शर्म आती है। बता दें कि ममता बनर्जी ने घटना का जायजा लेने के लिए अपने चार नेताओं का प्रतिनिधिमंडल दिल्ली भेजा है जिसमें दिनेश त्रिवेदी, सजदा अहमद, मानसभूनिया, विवेकगुप्त शामिल हैं।

बीजेपी ने साधा विपक्ष पर निशाना

जेएनयू पर हुए हमले की बीजेपी ने भी ट्वीट कर निंदा की है, भारतीय जनता पार्टी के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से पोस्ट किया गया कि BJP जेएनयू कैंपस में हुए हिंसा की कड़ी निंदा करता है। यह अराजकता की ताकतों द्वारा हताश प्रयास है, जो छात्रों को तोप चारे के रूप में इस्तेमाल करने के लिए दृढ़ हैं, अपनी सिकुड़ती राजनीतिक छाप को किनारे करने के लिए अशांति पैदा करते हैं। विश्वविद्यालयों में सीखने और शिक्षा का स्थान बने रहने दीजिए।

शरद पवार ने बताया सुनियोजित हमला

इस मामले पर महाराष्ट्र में एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है, उन्होंने हमले के सुनियोजित बताया है। शरद पवार ने लिखा कि जेएनयू के छात्रों और प्रोफेसरों पर कायरतापूर्ण लेकिन सुनियोजित हमला किया गया। मैं बर्बरता और हिंसा के इस अलोकतांत्रिक कृत्य की कड़ी निंदा करता हूं। हिंसक साधनों का उपयोग लोकतांत्रिक मूल्यों को दबाने के लिए किया जाता है और यह विचार कभी सफल नहीं होगा।

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
JNU violence Nirmala Sitharaman Akhilesh Yadav Mamata Banerjee Sharad Pawar tweeted
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more
X