'JNU में मुफ्तखोर भरे हैं, कैंपस में अवैध छात्रों का है जमावड़ा', VC शांतिश्री ने कहा ये पहले भी था मगर अब...
जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) की वीसी शांतिश्री धूलिपुड़ी पंडित ने कहा है कि जेएनयू मुफ्तखोरों से परेशान है। उन्होंने कहा कि JNU में कई छात्र अपने कोर्स की अवधि पूरी होने के बाद भी हॉस्टल में रह रहे हैं, वहीं कई अवैध मेहमान भी यहां रुके हुए हैं।
वीसी ने ये बातें न्यूज एजेंसी पीटीआई को दिए एक इंटरव्यू में कही हैं। वीसी शांतिश्री ने कहा कि उन्होंने छात्रावास प्रशासन को सख्त निर्देश जारी किया है कि किसी भी स्टूडेंट को 5 साल से अधिक समय तक हॉस्टल में रहने की अनुमति न दी जाए।

वीसी से पूछा गया कि ऐसे आरोप लगते हैं कि JNU में टैक्सपेयर्स के पैसों पर कई मुफ्तखोर रह रहे हैं। इसके जवाब में उन्होंने कहा कि ये बात बिल्कुल सही है। यूनिवर्सिटी में मुफ्तखोरों की संख्या बढ़ गई है।
JNU से पढ़ाई कर चुकी शांतिश्री पंडित ने कहा कि जब वो यहां पर पढ़ाई करती थीं तब भी ऐसी समस्या थी लेकिन अब यह बहुत बढ़ गई है। उन्होंने कहा, ''जब मैं वहां थी, तो कई ऐसे छात्र थे, जो यूनिवर्सिटी में रुके हुए थे, लेकिन ऐसे छात्रों की संख्या बहुत कम थी। JNU कुछ छात्र सब कुछ मुफ्त और सब्सिडी वाला चाहते हैं।"
वीसी शांतिश्री ने कहा कि JNU की कैंटीन लोकसभा की कैंटीन से सस्ती है, पर हमारे समय में टीचर्स काफी स्ट्रिक्ट हुआ करते थे। उन्होंने अपना ही उदाहरण देते हुए कहा कि जब वो पीसचडी कर रही थी, तो उनकी रिसर्च को सुपरवाइज करने वाले प्रोफेसर ने कहा था कि अगर तुमने साढ़े चार साल में अपनी रिसर्च पूरी नहीं की, तो तुम्हें यहां से जाना होगा।
वीसी ने कहा, "मुझे पता था कि प्रोफेसर मेरी फेलोशिप को एक्सटेंड करने की एप्लिकेशन पर साइन नहीं करेंगे। तब से अब तक हालात काफी बदल गए हैं। कई प्रोफेसर अब इस तरह के एक्सटेंशन की इजाजत दे रहे हैं। इसलिए मुफ्तखोरों की संख्या बढ़ गई है।"
वीसी ने कहा कि कैंपस में ऐसे लोग भी हैं जो अवैध मेहमान हैं, जो JNU के नहीं हैं, पर यहां रह रहे हैं। वे या तो UPSC की तैयारी कर रहे हैं, या किसी और परीक्षा की। ऐसे लोगों के लिए JNU रहने की सबसे सस्ती जगह है। जबकि साउथ-वेस्ट दिल्ली में आपको रहने की ऐसे कई जगहें मिलेंगी, जहां हरियाली हो और ऐसे ढाबे हों जहां सस्ता खाना मिलता हो।
वीसी ने कहा कि हम इस परेशानी को खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं। रूम के अंदर जाना तो हमारे लिए बहुत मुश्किल है, पर हम नियमों का पालन करते हुए किसी के रूम में दाखिल होते हैं। हम स्टूडेंट की अच्छाई पर भी यकीन करते हैं और उम्मीद करते हैं कि अगर वे किसी गेस्ट को लेकर आते हैं तो कम से कम हमें सूचना दें।
वीसी ने कहा कि हमने हॉस्टल एडमिनिस्ट्रेशन को भी सख्त हिदायत दी है कि किसी स्टूडेंट को पांच साल से ज्यादा समय लिए रहने न दें। हम ID कार्ड को अनिवार्य कर रहे हैं। हम स्टूडेंट्स से कह रहे हैं कि वे अपना ID कार्ड पूरे समय अपने साथ लेकर चलें और जब मांगा जाए, तो ID दिखाएं। हम स्टूडेंट्स से भी कह रहे हैं कि वे हमें मुफ्तखोरों के बारे में बताएं, क्योंकि कई स्टूडेंट्स भी ऐसे लोगों को पसंद नहीं करते हैं।












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