नागरिकता एक्ट: केंद्रीय मंत्री बोले- असम में फैली हिंसा के पीछ कांग्रेस का बड़ा हाथ

नई दिल्ली। संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ पश्चिम बंगाल समेत देश कई हिस्सों में उग्र प्रदर्शन जारी है। इसी बीच बीजेपी ने कांग्रेस को इस हिंसा का जिम्मेदार बताया है। नागरिकता संशोधन अधिनियम को लेकर हिंसा की घटनाओं पर जितेंद्र सिंह ने कहा कि स्थिति पहले की तुलना में बेहतर हो गई है। कुछ लोग हालात का फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं, इसमें कांग्रेस का बड़ा हाथ है।

Jitendra Singh on incidents of violence over Citizenship Amendment Act Congress has a big hand in it

रविवार को मीडिया से बात करते हुए राज्यमंत्री पीएमओ जितेंद्र सिंह ने नागरिकता संशोधन अधिनियम को लेकर जारी हिंसा की घटनाओं पर कहा, स्थिति पहले की तुलना में बेहतर हो गई है। कुछ असमाजिक तत्व हैं जो अपनी राजनीति को आगे बढ़ाने के लिए हालात का फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं, इसमें कांग्रेस का बड़ा हाथ है। उन्होंने कहा कि कुछ राज्य कह रहे हैं कि वे नागरिकता संशोधन अधिनियम के कार्यान्वयन की अनुमति नहीं देंगे।

उन्होंने कहा कि, यह मेरी समझ से परे है क्योंकि यह केंद्र का विषय है। मुझे नहीं लगता कि किसी भी राज्य सरकार के पास इसके क्रियान्वयन में समस्याएं पैदा करने का पूर्वाभास है। वहीं लोकसभा में कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष अधीर रंजन चौधरी ने कहा, 'यह चिंता का विषय है कि पूरा उत्तर-पूर्व, विशेषकर असम क्षेत्र हिंसा में घिरा हुआ है। असम को देश के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्थान के तौर पर मान्यता प्राप्त है। एक तरफ कश्मीर घाटी है औप दूसरी तरफ नया कश्मीर असम है।'

भाजपा की सहयोगी असम गण परिषद् (एजीपी) ने रविवार को कहा कि वह उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर कर संशोधित नागरिकता कानून को वापस लेने की मांग करेगी। पार्टी के नेता दीपक दास ने कहा कि एजीपी आम आदमी की भावनाओं का सम्मान करती है जिन्हें चिंता है कि कानून से उनके अस्तित्व और पहचान को संकट पैदा हो जाएगा। सूत्रों ने कहा कि उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर करने के लिए दास के नेतृत्व में एजीपी का एक प्रतिनिधिमंडल शाम में दिल्ली रवाना होगा।

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