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झारखंड विधानसभा चुनाव: सबसे 'सस्ती बिजली' से क्या फिर चमकेगी रघुबर की किस्मत?

By Vishal Mishra
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नई दिल्ली। झारखंड में विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी पारा चढ़ा हुआ है। प्रदेश में इस बार किसकी सरकार बनेगी इसका फैसला तो जनता को करना है लेकिन राज्य में सत्ता संभाल रही भारतीय जनता पार्टी को पूरी उम्मीद है कि आवाम एक बार फिर से उन पर अपना भरोसा जताएगी। इसकी वजह है उनकी सरकार में किए गए काम। पार्टी का दावा है कि रघुबर सरकार ने आम जनता के हितों को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य-शिक्षा समेत सभी क्षेत्रों में खास फोकस किया। यही नहीं राज्य में विकास को गति देने के लिए भी सरकार ने कई जरूरी कदम उठाए। खास तौर से बात करें प्रदेश में ऊर्जा व्यवस्था की तो इसको लेकर प्रदेश की बीजेपी सरकार ने कई बड़े फैसले लिए। चाहे सस्ती दरों पर बिजली मुहैया कराना हो या फिर ज्यादा घरों तक बिजली पहुंचाने का मामला, पार्टी की मानें तो सरकार ने हर क्षेत्र में खास ध्यान लगाया। आइये जानते हैं प्रदेश ऊर्जा की स्थिति का क्या हाल है?

सबसे सस्ती बिजली से क्या फिर चमकेगी रघुबर की किस्मत?

झारखंड में बिजली व्यवस्था की मौजूदा स्थिति को देखें तो इस समय प्रदेश की जनता को देश के दूसरे राज्यों की तुलना में बेहद सस्ती बिजली मुहैया कराई जा रही है। यहां लोग प्रति यूनिट के लिए 1.50 रुपये से भी कम दरें चुका रहे हैं। बिजली की दरें कम होने की वजह से प्रदेश सरकार को सब्सिडी की भारी राशि वहन करनी पड़ रही है। यही नहीं रघुबर सरकार ने प्रदेश में बिजली को ज्यादा से ज्यादा घरों तक पहुंचाने के लिए भी कई जरूरी कदम उठाए। आंकड़ों की मानें तो साल 2014 में झारखंड के सिर्फ 38 लाख घरों में बिजली पहुंची थी, लेकिन आज करीब 68 लाख घरों तक बिजली पहुंच गई है। महज पांच साल में प्रदेश सरकार ने करीब दो गुने घरों तक बिजली पहुंचाने में सफलता हासिल की।

यही नहीं पार्टी की मानें तो झारखंड की बीजेपी सरकार ने दूरदराज के गांवों में भी बिजली व्यवस्था की स्थिति को सुधारने के लिए जरूरी कदम उठाए। प्रदेश में पहाड़ों पर बसे 242 गांव ऐसे थे जहां तारों के जरिए विद्युत व्यवस्था की आपूर्ति करना संभव नहीं था, ऐसे में उन गांवों को सौर ऊर्जा से विद्युतिकृत किया गया। इससे 12,566 घरों तक बिजली पहुंचायी गयी है। वर्ष 2014 तक पूरे झारखंड में मात्र 30 ग्रिड सब स्टेशन थे। अब 70 ग्रिड सब स्टेशन का निर्माण कराया जा रहा है, जिनमें 10 बन कर तैयार हैं, 60 का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है।

यही नहीं रघुबर सरकार की कोशिशों का असर है विद्युत व्यवस्था में ज्यादा से सुधार के लिए और भी कई जरूरी कदम उठाए गए हैं। झारखंड में 4027 किलोमीटर नए ट्रांसमिशन लाइन बिछाने का कार्य पूरा हो चुका है। 1,41,976 किलोमीटर लंबी विद्युत वितरण लाइन बिछाई जा चुकी है। 2022 में पतरातू पावर प्लांट से 4000 मेगावाट बिजली का उत्पादन शुरू होगा, जिससे झारखंड बिजली के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन जाएगा। गांवों में भी एलईडी (LED) स्ट्रीट लाईट लगाए जा रहे हैं। अब तक सभी जिलों में 3,28,000 एलईडी स्ट्रीट लाईट लगाई जा चुकी हैं।

यही नहीं झारखंड देश का पहला राज्य है, जहां जिला अदालत पूरी तरह से सोलर ऊर्जा से संचालित है। इसका उद्घाटन स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। इसके साथ-साथ राज्य के सभी कार्यालयों को भी सौर ऊर्जा में परिवर्तित किया जा रहा है। प्रदेश के 893 सरकारी भवनों में 18.12 मेगावाट क्षमता के रूफटॉप सोलर प्लांट लगाए गए हैं। फिलहाल झारखंड में 2020 तक चरणबद्ध तरीके से 2650 मेगावाट सौर उत्पादन क्षमता बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।

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English summary
Jharkhand: Raghubar Das Government special Focus on Electricity, how may Impact in Assembly Elections.
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