जयाप्रदा ने आजम पर लगाया था एसिड अटैक का आरोप, अमर सिंह को राखी बांध दूं तब भी लोग बाते करेंगे
नई दिल्ली। एक्टर और पूर्व सांसद जयाप्रदा भाजपा में शामिल हो गई हैं। यूपी की रामपुर सीट से वो भाजपा की उम्मीदवार हो सकती हैं। यहां से सपा के आजम खान उम्मीदवार हैं। जयाप्रदा 2004 और 2009 में रामपुर से सपा के टिकट पर सांसद रह चुकी हैं। वहीं 2014 में उन्होंने रालोद के टिकट पर बिजनौर से चुनाव लड़ा था। रालोद का अब सपा से गठबंधन है। फिल्मों से राजनीति में आईं जयाप्रदा आजम खान से एक ही पार्टी में रहते हुए तकरार और अमर सिंह से रिश्ते पर वो काफी चर्चा में रहीं। आजम खान पर जहां उन्होंने अपने चरित्र हनन और तेजाब से हमला करवाने की साजिश का आरोप लगाया था तो वहीं अमर सिंह को अपना गॉडफादर बताते हुए कहा कि लोगों जुबान को वो नहीं रोक सकतीं। जया ने हाल ही में अपने जीवन के कई पहलुओं को उजागर किया है।

2004 में रामपुर से टिकट के बाद बढ़ी आजम और जया में तल्खी
समाजवादी पार्टी में आजम खान और अमर सिंह ताकतवर नेता रहे लेकिन दोनों की कभी नहीं बनी। जयाप्रदा को अमर सिंह सपा में लाए और 2004 में उनका रामपुर से टिकट हुआ। आजम इस पर बिगड़ गए। इसके बाद दोनों ओर से लगातार कई तरह के आरोप-प्रत्यारोप लगे। जयाप्रदा ने जयाप्रदा ने खुले तौर पर आजम और उनके कार्यकर्ताओं पर उनके साथ बदसलूकी करने और कुछ नग्न और झूठी तस्वीरों को उनकी बताकर फैलाने का आरोप लगाया था।

तेजाब से हमला कराना चाहते थे आजम
जया प्रदा ने हाल ही में खुलासा किया था कि आजम उन पर तेजाब से हमला कराना चाहते थे। जया ने कहा, एक पार्टी से सांसद रहने के दौरान भी मुझे नहीं बख्शा गया। आजम खान ने मुझे प्रताड़ित किया। मुझ पर एसिड अटैक कराने की कोशिश की। पार्टी से सांसद रहने के दौरान भी मुझे नहीं बख्शा गया। मैं बेहद डरी हुई थी, मुझे नहीं पता था कि मैं अगले दिन जिंदा भी रहूंगी या नहीं।

महिला के लिए कुछ भी आसान नहीं
जयाप्रदा ने कहा कि पुरुष प्रधान इस व्यवस्था में किसी महिला के लिए नेता बनना असली चुनौती है। जिस परिस्थिति में मैं एक महिला के तौर पर रामपुर से चुनाव लड़ रही थी, उस समय मुझ पर तेजाब हमला करवाने की साजिश रची गई। मेरी जान को खतरा था। जब कभी मैं घर से बाहर जाती थी तो मैं अपनी मां को यह भी नहीं बता सकती थी कि मैं जिंदा लौटूंगी या नहीं।

अमर सिंह को राखी भी बांधू तो लोग बात बनाते रहेंगे
जयाप्रदा का कहना है कि वह अमर सिंह को अपना गॉडफादर मानती हैं लेकिन यदि वह उन्हें राखी भी बांध दें, तब भी लोग उनके बारे में बाते बनाना बंद नही करेंगे। जब मैं परेशान थी और जिंदगी तक खत्म करने की सेच रही थी तो केवल अमर सिंह मेरे सपॉर्ट में खड़े रहे। यहां तक कि मुलायम सिंह ने मुझे एक बार भी फोन नहीं किया। ऐसे में उनकी मेरे लिए एक अलग अहमियत है, वो मेरे गॉडफादर हैं।

मैं खुदकुशी करना चाहती थी
जयाप्रदा ने बताया, सोशल मीडिया पर मेरी मॉर्फ्ड तस्वीरें वायरल हो रही थीं। मेरा चरित्र हनन किया जा रहा था। अमर सिंह डायलिसिस पर थे और मेरी मॉर्फ्ड फोटो खूब सर्कयूलेट हो रही थी। मैं तंग आ चुकी थी, दिन-रात रोती थी। खुदकुशी करना चाहती थी। इतने कष्ट से गुजरी लेकिन किसी ने मेरा सपॉर्ट नहीं किया। अमर सिंह की सेहत में सुधार हुआ तो वो मेरे साथ खड़े हुए।












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