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बिजली के बिल माफ करने पर फंसी गुजरात सरकार, चुनाव आयोग ने भेजा नोटिस

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नई दिल्ली। गुजरात सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले 6 लाख उपभोक्ताओं का 625 करोड़ रुपये का बकाया बिजली बिल माफ करने का ऐलान किया है। विजय रूपाणी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार के इस ऐलान पर चुनाव आयोग ने नोटिस थमा दिया है। उप-चुनाव की घोषणा के बाद से राजकोट शहर में आदर्श आचार संहिता लागू है।

Jasdan bypoll: ec sends notice to Gujarat govt over electricity bill exemptions

चुनाव आयोग ने रूपाणी सरकार को नोटिस भेजकर जवाब मांगा है कि आचार संहिता लागू होने के दौरान बिजली का बिल माफ करने की घोषणा कैसे की गई। जसदान सीट पर हो रहे उपचुनाव के लिए कांग्रस नेता नवजोत सिद्धू प्रचार करने पहुंचे थे जहां उन्होंने पीएम मोदी पर हमला बोला और कहा कि वादा करने के बाद भी उन्होंने किसानों का कर्ज माफ नहीं किया जबकि कांग्रेस सरकार ने मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में किसानों का कर्ज एक दिन के भीतर माफ कर दिया।

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गुजरात की जसदान विधानसभा सीट के लिए हो रहे उपचुनाव में भाजपा और कांग्रेस, दोनों पार्टियों के नेताओं ने पूरी ताकत झोंक दी है। दोनों पार्टियों के नेता लगातार क्षेत्र में डटे हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले दोनों ही पार्टियां इस उपचुनाव को जीतना चाहती हैं। मंगलवार को इस सीट पर होने वाले चुनाव के लिए प्रचार थम गया है। यहां 20 दिसंबर को वोट डाले जाने हैं।

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English summary
Jasdan bypoll: ec sends notice to Gujarat govt over electricity bill exemptions
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