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जम्मू-कश्मीर प्रशासन अमरनाथ यात्रा के बाद नवंबर में चाहता है राज्य में विधानसभा चुनाव, चुनाव आयोग से की सिफारिश

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श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के गवर्नर सत्यपाल मलिक की अगुवाई वाले प्रशासन और चुनाव आयोग के बीच शुक्रवार को सूबे में विधानसभा चुनाव कराने को लेकर बैठक हुई। इस बैठक में जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने राज्य में चुनाव को जून की बजाय नवंबर में कराने की सिफिरिश चुनाव आयोग से की। इसकी वजह आने वाला रमजान का महीना, अमरनाथ यात्रा, पर्यटन सीजन और घुमंतू बकरवाल जनजाति के आंदोलन आदि बताई।

'केंद्रीय सुरक्षा बलों की 1,300 अतिरिक्त कंपनियों की जरुरत'

'केंद्रीय सुरक्षा बलों की 1,300 अतिरिक्त कंपनियों की जरुरत'

चुनाव आयोग के साथ मीटिंग में मुख्य सचिव बीवीआर सुब्रमण्यम की अध्यक्षता में वरिष्ठ अधिकारियों की एक टीम ने विधानसभा चुनावों के दौरान उचिक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की जरूरत को रेखाकिंत किया। टीम ने कहा कि राज्य में विधानसभा चुनाव कराने के लिए केंद्रीय सुरक्षा बलों की कम से कम 1,300 अतिरिक्त कंपनियों को बुलाना होगा। जम्मू कश्मीर में पिछले साल जून 2018 से राष्ट्रपति शासन लागू हुआ था,जब महबूबा मुफ्ती के नेतृत्व वाली पीडीपी सरकार से बीजेपी ने समर्थन वापस ले लिया था। वैचारिक मतभेदों की वजह से बीजेपी ने पीडीपी से गठबंधन तोड़ा।

'जम्मू कश्मीर में 22 मई से पहले बननी है नई विधानसभा'

'जम्मू कश्मीर में 22 मई से पहले बननी है नई विधानसभा'

सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देशों के मुताबिक किसी भी राज्य में विधानसभा भंग होने की स्थिति में 6 महीने में चुनाव कराना अनिवार्य है। इस तरह राज्य में 22 मई से पहले नई विधानसभा का गठन किया जाना है। यहां इसके अलावा एक और संवैधानिक सीमा है। यदि 20 जून तक राष्ट्रपति शासन खत्म होने से पहले सूबे में चुनाव नहीं होते हैं तो केंद्र को इसे अगले 6 महीने तक बढ़ाना होगा। इसके लिए संसद की मंजूरी की जरूरत होगी।

ये भी पढ़ें-जम्मू-कश्मीर लोकसभा चुनाव 2019 की विस्तृत कवरेज

'चुनाव पर्यवेक्षकों ने की जून में चुनाव की सिफारिश'

'चुनाव पर्यवेक्षकों ने की जून में चुनाव की सिफारिश'

पिछले हफ्ते तीन विशेष पर्यवेक्षकों द्वारा जमा की गई एक रिपोर्ट में जून में विधानसभा चुनाव कराने की सिफारिश की गई थी। हालांकि कुछ सूत्रों का कहना है कि सितंबर में अमरनाथ यात्रा के पूरा होने के बाद चुनाव कराने का विकल्प भी दिया गया था। चुनाव आयोग के एक शीर्ष अधिकारी ने एनडीटीवी को बताया कि हालाकि चुनाव आयोग ने अभी तक विधानसभा चुनाव का कोई कार्यक्रम नहीं तय किया है। इसलिए इ, संबंध में कोई घोषणा जल्द होने की उम्मीद नहीं है।

कई पार्टियां लोकसभा के साथ चाहती थी विधानसभा चुनाव

कई पार्टियां लोकसभा के साथ चाहती थी विधानसभा चुनाव

कई राजनीतिक दल चाहते थे कि जम्मू और कश्मीर में लोकसभा चुनाव के साथ ही विधानसभा चुनाव कराए जाए। चुनाव आयोग का मानना था कि राज्य में फिलहाल ऐसी स्थिति नहीं हैं। राज्य में अब तक तीन चरणों मे लोकसभा चुनाव हो चुके हैं । 29 अप्रैल और 6 मई को राज्य की बची सीटों पर मतदान होगा। यहां 6 सीटों के लिए 5 चरणों में मतदान हो रहा है। जम्मू-कश्मीर में कुल 87 विधानसभा सीटें हैं, जिनमें से 46 कश्मीर घाटी में हैं।

ये भी पढ़ें- आतंकवादी कश्मीर में अपनी पकड़ खत्म होने से घबराए हुए हैं: J&K राज्यपाल

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English summary
Jammu and Kashmir administration wants state assembly elections in November
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