प्रधानमंत्री रिसर्च फेलोशिप के लिए जामिया मिल्लिया की दो छात्राओं का चयन, नैनो टेक्नोलॉजी पर करेंगी काम
नई दिल्ली: जामिया मिल्लिया इस्लामिया की दो मेधावी छात्राओं ने यूनिवर्सिटी का नाम रोशन किया है। उनका चयन प्रधानमंत्री रिसर्च फेलोशिप के लिए हुआ है। दोनों छात्राएं सेंटर फॉर नैनोसाइंस एंड नैनो टेक्नोलॉजी (सीएनएन) की रिसर्च स्कॉलर थीं। उनकी इस सफलता पर यूनिवर्सिटी प्रशासन ने खुशी जताई है। साथ ही उम्मीद जताई कि भविष्य में यूनिवर्सिटी के अन्य छात्र इस फेलोशिप को पाने में सफलता हासिल करेंगे।

सेंटर फॉर नैनोसाइंस एंड नैनो टेक्नोलॉजी के डायरेक्टर डॉ. औरंगजेब खुर्रम के मुताबिक उनके यहां की स्कॉलर मारया खान और अबगीना शाबिर का चयन प्रधानमंत्री रिसर्च फेलोशिप के लिए हुआ है। व्यक्तिगत रूप से पहले दो साल उन्हें 70 हजार की फेलोशिप मिलेगी। इसके बाद तीसरे साल 75 हजार और चौथे साल 80 हजार की फेलोशिप मिलने लगेगी। इसके अलावा प्रत्येक फेलो हर साल 2 लाख के रिसर्च ग्रांट का पात्र होगा, यानी 5 साल के लिए 10 लाख रुपये होंगे। वहीं जेएमआई की कुलपति प्रो. नजमा अख्तर ने दोनों शोधकर्ताओं को बधाई दी और आशा व्यक्त की कि वो यूनिवर्सिटी के अन्य छात्रों को रिसर्च में अच्छा करने के लिए प्रेरित करेंगी। उन्होंने कहा कि जेएमआई उत्कृष्टता के लिए खड़ा है और अपने छात्रों को महान ऊंचाइयों पर पहुंचाने के लिए हर संभव सहायता प्रदान कर रहा है।
वहीं मारया खान ने बताया कि वो बहुक्रियाशील हाइब्रिड नैनोमीटर आधारित बायोसेंसर पर काम करेंगी। इसका मकसद मल्टीफंक्शनल हाइब्रिड नैनोमटेरियल्स को संश्लेषित (Synthesized) करना और आगे विभिन्न जैविक संवेदी उपकरणों के विकास के लिए उनका उपयोग करना है। वहीं दूसरी स्कॉलर अबगीना शाबिर प्रोफेसर एस. एस. इस्लाम की देखरेख में नैनो टेक्नोलॉजी पर पीएचडी कर रही हैं। उनका रिसर्च लीथियम ऑयन बैटरियों के लिए उच्च प्रदर्शन एनोड सामग्री के निर्माण पर आधारित होगा।












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