• search
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल: लेखक और राजनेता पवन वर्मा ने बताया इस समय क्या है देश में साहित्य का मिजाज

|

जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर में इस समय 'धरती का सबसे बड़ा साहित्यिक शो' कहा जाने वाला जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल चल रहा है। 19 फरवरी से शुरू हुआ ये शो 28 फरवरी तक चलेगा। देश और दुनिया के बड़े लेखक, विचारक, राजनेता, बिजनेस लीडर्स, खेल और मनोरंजन जगत की हस्तियां अपने विचार रख रही हैं। इस साल डेलीहंट और वनइंडिया जयपुर लिटरेचर फेस्‍टिवल 2021 का इव स्ट्रीमिंग पार्टनर और डिजिटल मीडिया पार्टनर है।

Jaipur Literature Festival Pavan K Varma highlight types of elements used in Indian Literature

बुधवार को जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में लेखक, राजनयिक और राजनेता पवन के. वर्मा पहुंचे थे। एक दर्जन से ज्यादा किताबें लिख चुके, भूटान समेत कई देशों के राजदूत रहे और राज्यसभा के सदस्य रहे वर्मा ने हाल के दिनों में साहित्य की दुनिया में बदलाव, समाज और कई पहलुओं पर बात की है।

पवन के. वर्मा ने यहां कहा, ऐसी कोई परंपरा नहीं है जिससे बताया जा सके कि ये हास्य की अभिव्यक्ति है। भारतीय साहित्य में हम मानते हैं कि कटाक्ष या व्यंग की धारणा सामने वाले के समझने पर बहुत निर्भर करती है। वर्मा ने 'बींग इंडियन: द इंडिवुजुअल एंड द सिविलाइजेशन' नाम की किताब के विमोचन पर बोलते हुए कई बातें कहीं। उन्होंने कहा, लंबे समय तक, संस्कृत एक अहम और संपन्न भाषा थी। लेकिन, महान पौराणिक कथाओं में से एक यह है कि संस्कृत में शामिल किए गए समझदारों का अनुवाद नहीं किया गया और ये दर्शकों के बड़े वर्ग तक नहीं पहुंचा।

वर्मा ने कहा, हिंदू धर्म में दस आज्ञाएँ नहीं हैं। पर्याप्त ग्रंथ हैं जो यह बताते हैं कि नैतिक या लाभकारी आचरण क्या हो सकता है। दूसरे शब्दों में, हिंदू धर्म यह नहीं कहता कि यह फ्ला अधिनियम की पृष्ठभूमि के बिल्कुल सही या बिल्कुल गलत है। बल्कि चीजों को समझने की बात करता है।

अपने अगले सत्र में, 26 फरवरी को, लेखक और सांसद शशि थरूर अपनी नई किताब, द बैटल ऑफ बिलॉन्गिंग: ऑन नेशनलिज्म, पैट्रियटिज़्म, एंड व्हाट इट मीन्स टू बी इंडियन के बारे में बात करेंगे, जो 'आइडिया ऑफ इंडिया' पर बात करती है। पत्रकार, फेय डिसूजा के साथ वह राष्ट्रवाद और देशभक्ति के प्रसंगों पर बात करेंगे। बता दें कि कोरोना महामारी और उसके प्रोटोकॉल को देखते हुए जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल इस बार ऑनलाइन प्रोग्राम का आयोजन कर रहा है और इसे महीने के दो वीकेंड पर प्रसारित किया जाएगा। फेस्टिवल प्रोड्यूसर ने घोषणा की है कि लिटरेचर फेस्टिवल 19 से 21 और फरवरी 26-28 फरवरी तक चलेगा। फेस्टिवल के लाइव वर्चुअल सेशन में कई थीम और लेख प्रसारित किए जाएंगे, जो दुनियाभर के दर्शकों को आकर्षित करेगा।

Jaipur Literature Festival 2021: लॉकडाउन के दौरान प्रवासियों की पीड़ा बंया करती हर्ष मंदर की किताब

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
Jaipur Literature Festival Pavan K Varma highlight types of elements used in Indian Literature
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X