जगदीप धनखड़ ने उपराष्ट्रपति पद से अचानक क्यों दिया इस्तीफा? सिर्फ खराब स्वास्थ्य या कुछ और भी?
Vice President Jagdeep Dhankhar resigns: उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने सोमवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। जबकि उपराष्ट्रपति के तौर पर दो वर्ष का कार्यकाल बाकी था। उन्होंने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दिया है। राष्ट्रपति को लिखे अपने त्यागपत्र में धनखड़ ने कहा, "डॉक्टरों की सलाह का मानते हुए और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने के लिए मैं संविधान के अनुच्छेद 67(a) के तहत उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे रहा हूं।"
उपराष्ट्रपति पद से धनखड़ का यूं अचानक इस्तीफा देने पर हर कोई हैरान है क्योंकि इनका इस्तीफा ऐसे समय में आया है जब सोमवार को मानसून सत्र शुरू हुआ हुआ, जिसमें उन्होंने गर्मजोशी से हिस्सा लिया। लोग जानना चाह रहे हैं क्या वाकई में जगदीप धड़कन ने ये अप्रत्याशित इस्तीफा खराब स्वास्थ्य के चलते दिया या कोई और बड़ी वजह है?

बता दें धनखड़ के अचानक इस्तीफे के बाद तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। माना जा रहा है कि सत्र के कुछ घंटे बाद इस्तीफा देना यह बताता है कि कारण कुछ और है। वहीं राजनीति के जानकारों द्वारा ये भी दावे किए जा रहे हैं कुछ मुद्दों पर मोदी सरकार के रुख और रवैये से उपराष्ट्रपति सहमत नहीं थे, इसलिए उन्होंने उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया।
कांग्रेस नेता जयराम बोले- अप्रत्याशित इस्तीफे के पीछे जो दिखाई...
कांग्रेस पार्टी के महासचिव ने जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में धनखड़ से इस्तीफे पर आश्चर्यजनक और कल्पनीय बताया हैं और इस फैसले को वापस लेने का अनुरोध करते हुए लिखा,"प्रधानमंत्री मोदी को उन्हें इस बात के लिए मनाना चाहिए। इस अप्रत्याशित इस्तीफे के पीछे जो दिखाई दे रहा है, उससे कहीं अधिक है। हालांकि, यह समय अटकलें लगाने का नहीं है।"
धनखड़ ने राष्ट्रपति के प्रति आभार व्यक्त किया
धनखड़ ने राष्ट्रपति के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा, "मैं भारत के माननीय राष्ट्रपति को उनके अटूट समर्थन और मेरे कार्यकाल के दौरान हमारे बीच बने सौहार्दपूर्ण कामकाजी संबंध के लिए गहरी कृतज्ञता व्यक्त करता हूं।"
धनखड़ ने प्रधानमंत्री के प्रति भी आभार व्यक्त किया
जगदीप धनखड़ ने प्रधानमंत्री और मंत्रिपरिषद के सदस्यों के प्रति भी आभार व्यक्त किया। धनखड़ ने कहा कि प्रधानमंत्री का सहयोग अमूल्य रहा और उन्होंने अपने कार्यकाल में बहुत कुछ सीखा। उन्होंने संसद सदस्यों से मिले स्नेह और विश्वास के लिए भी आभार व्यक्त किया। धनखड़ ने कहा कि उपराष्ट्रपति के रूप में उन्हें जो अनुभव और अंतर्दृष्टि प्राप्त हुई, उसके लिए वह आभारी हैं। उन्होंने भारत की आर्थिक प्रगति और विकास में योगदान देने को एक सम्मान बताया।
पीएम मोदी और सांसदों के लिए लिखी ये बात
धनखड़ ने आगे कहा, "प्रधानमंत्री के सहयोग और समर्थन अमूल्य रहे हैं, और मैंने अपने कार्यकाल के दौरान उनसे बहुत कुछ सीखा है।" उन्होंने संसद सदस्यों को भी धन्यवाद दिया और कहा कि उन्हें सभी सदस्यों से जो स्नेह, विश्वास और स्नेह मिला है, वह हमेशा उनकी यादों में बसा रहेगा।
धनखड़ ने देश की उपलब्धियों पर जताया गर्व
धनखड़ ने कहा कि उपराष्ट्रपति के रूप में उन्हें जो अनुभव और जानकारी मिली है, उसके लिए वे बहुत आभारी हैं। उन्होंने कहा कि भारत की उल्लेखनीय आर्थिक प्रगति और अभूतपूर्व विकास को देखना और उसमें भाग लेना एक सौभाग्य और संतोष की बात है। धनखड़ ने कहा कि इस पद को छोड़ते समय, उन्हें भारत के वैश्विक उदय और अभूतपूर्व उपलब्धियों पर गर्व है और उन्हें देश के उज्ज्वल भविष्य में अटूट विश्वास है।
धनखड़ ने 2022 में 14वें उपराष्ट्रपति के रूप में ली थी शपथ
जगदीप धनखड़ ने 2022 में भारत के 14वें उपराष्ट्रपति के रूप में शपथ ली थी। उन्होंने 6 अगस्त, 2022 को हुए उपराष्ट्रपति चुनाव में विपक्षी उम्मीदवार मार्गरेट अल्वा को हराया था। धनखड़ को कुल 725 में से 528 वोट मिले थे, जबकि अल्वा को 182 वोट मिले थे। उपराष्ट्रपति बनने से पहले वे पश्चिम बंगाल के राज्यपाल थे।












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