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आम आदमी की जेब पर डाका नहीं, उद्योगपतियों को करनी होगी जेब हल्की

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नई दिल्ली। रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने आज रेल मंत्रालय का अपना बजट पेश किया है। रेल मंत्रालय के बजट पर नजर डालें तो लोगों पर महंगे किराये का बोझ नहीं डाला गया है। सरकार ने जिस तरह से प्राइवेट सेक्टर्स के लिए रेलवे में भागीदारी का रास्ता खोला है। उससे एक बात साफ है कि सरकार रेलवे के लिए आम आदमी पर नहीं बल्कि उद्योगपतियों की बोझ हल्की करने का मन बना चुकी है।

Its not common man but Industrialist who are going to take pressure after the rail budget

इस बजट में अहम बात ये भी है कि रेल मंत्रालय ने प्राइवेट कंपनियों को कई प्रोजेक्ट में अपनी सहभागिता के लिए आगे आने का अवसर दिया है। यही नहीं जो भी अहम घोषणायें की गयी हैं वो रेल और आम यात्रियों को काफी लंबे समय तक लाभ पहुंचाने वाली हैं। रेल बजट में तकरीबन सभी अहम घोषणाओं के लिए प्राइवेट कंपनियों को न्योता देती दिख रही है।

टिकट से लेकर, खानपान, साफ-सफाई, सुरक्षा, रेलवे स्टेशनों पर सुविधा सहित सभी क्षेत्रों में प्राइवेट कंपनियों की अहम भूमिका होगी। आइये डालते हैं एक नजर कि रेल बजट में किन क्षेत्रों में सुधार की अहम घोषणायें की गयी हैं जिसमें प्राइवेट कंपनियों की अहम भूमिका होगी।

रेलमंत्री का दूरगामी बजट

यही नहीं सरकार ने जिस तरह का बजट आज पेश किया है उससे यह भी साफ है कि सरकार इस बजट के माध्यम से अगले पांच साल तक रेलवे को मजबूती देने का प्रयास करने की ओर बढ़ती दिख रही है। सरकार ने इस बजट में आम यात्रियों की सुविधाओं का खयाल रखते हुए उनकी मूलभूत समस्याओँ पर ध्यान दिया है। जिस तरह से छोटी-छोटी सुविधाओं को लोगों को पहुंचाने की कोशिश की है वह अहम है।

साफ-सफाई पर विशेष ध्यान

रेल बजट में स्वच्छ भारत अभियान के तहत स्वच्छ रेल बनाने के कार्यक्रम पर जोर दिया गया है। 120 स्टेशनों की तुलना में 650 अतिरिक्त स्टेशनों पर नये शौचालय बनाये जाने की घोषणा की गयी है। इसके माध्यम से रेलवे स्टेशनों की पटरियों पर होने वाली गंदगी से निपटा जा सकता है। हेल्पलाइन के जरिए दी जाएगी सुविधा जिस तरह से रेलवे बजट में यात्रियों की समस्याओं का वास्तविक समय के आधार पर निराकरण के लिए अखिल भारतीय चौबीस घंटे सातों दिन हैल्प लाइन नं. 138 की शुरुआत की जाएगी। इस नंबर पर रेलवे से जुड़ी शिकायतों को लोग दर्ज करा सकते हैं।

टिकट खरीद को सुगम और आसान बनाये जाना रेल बजट में रेल टिकट की खरीददारी को आसान बनाने पर विशेष जोर दिया गया है। अनारक्षित यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए पांच मिनट के भीतर टिकट खरीद सुनिश्चित करने के लिए ऑपेरशन फाइव मिनट की घोषणा की गयी है। यही नहीं जनरल टिकटों को भी ऑनलाइन खरीदे जाने का भी ऐलान किया गया है।

ई-कैटरिंग की सुविधा में विस्तार

रेल बजट में खानपान की गुणवत्ता और सर्विस को सुधारने पर भी जोर दिया गया है। इसके लिए ई-कैटरिंग की सुविधा को कई ट्रेनों में विस्तार किया जाएगा।

तकनीक का विस्तार

चल टिकट परीक्षकों को हैंड हेल्ड टर्मिनल उपलब्ध कराए जाएंगे। जिनका उपयोग यात्रियों का सत्यापन और चार्टों को डाउनलोड करने के लिए किया जा सकेगा। एकीकृत ग्राहक पोर्टल तैयार किया जाएगा। एसएमएस अलर्ट सेवा शुरू की जाएगी।

महिला सुरक्षा

महिला यात्रियों की सुरक्षा के लिए पायलट आधार पर मेनलाइन के चुनिंदा सवारी डिब्बों और उपनगरीय गाड़ियों में महिलाओं की डिब्बों में निगरानी रखने के लिए कैमरा लगाए जाएंगे, ऐसा करते समय उनकी प्राइवेसी का भी ख्याल रखा जाएगा। डिब्बों की संख्या में बढ़ोत्तरी करना 24 सवारी डिब्बों के स्थान पर 26 सवारी डिब्बे जोड़ें जाएंगे। ट्रेनों में डिब्बे बढ़ाने से यात्रियों को होने वाली परशानी से निजात मिल सकती है।

आरामदायक सफर

ऊपरी बर्थ पर चढ़ने के लिए सीढ़ियों का मौजूदा सीढ़ियां, जो यात्रियों के लिए असुविधाजनक हैं को बदल कर उसके स्थान पर यात्रियों के लिए सुविधाजनक सीढ़ियों की व्यवस्था की जाएगी।

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English summary
Its not common man but Industrialist who are going to take pressure after the rail budget, government targeted a long term goal in the budget.
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