• search
क्विक अलर्ट के लिए
अभी सब्सक्राइव करें  
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

Italian marines case: SC ने मुआवजा आने के बाद इतालवी नौसैनिकों के खिलाफ बंद किया केस

|
Google Oneindia News

नई दिल्‍ली, 15 जून। सुप्रीम कोर्ट ने इतालवी नौसैनिकों, मासिमिलियानो लातोरे और सल्वाटोर गिरोन के खिलाफ भारत में सभी कार्यवाही को बंद करने पर सहमति दे दी है। ये फैसला सुप्रीम कोर्ट ने पिछले सप्‍ताह सुनाया, क्‍योंकि कोर्ट को बताया गया कि पीड़ितों के परिवारों के लिए 10 करोड़ रुपये का मुआवजा शीर्ष अदालत की रजिस्ट्री में जमा कर दिया गया है। न्‍यायाधीश इंदिरा बनर्जी और न्यायमूर्ति एमआर शाह की पीठ ने शुक्रवार को कहा कि मुआवजे की राशि को केरल उच्च न्यायालय को हस्तांतरित किया जाना चाहिए ताकि उसके वितरण की उचित निगरानी की जा सके।

pic

बता दें फरवरी 2012 में एमवी एनरिका लेक्सी जो एक इतालवी ध्वज तेल टैंकर था उस पर सवार दो मरीन था उस पर भारत के विशेष आर्थिक क्षेत्र (ईईजेड) में मछली पकड़ने के जहाज पर सवार दो भारतीय मछुआरों को मारने का आरोप लगाया गया था। मछली पकड़ने वाली नाव का मालिक 'सेंट एंटनी', जिसमें केरल के दो मछुआरे मारे गए थे, जब इटालियंस के खिलाफ शिकायत दर्ज की तो ये कहा गया कि नौसैनिकों ने उन पर इसलिए गोली चलाई थी क्‍योंकि उन्‍हें लगा था कि वे समुद्री डाकू थे।
केंद्र ने इस साल अप्रैल में सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया कि इतालवी नौसैनिकों द्वारा मारे गए दो भारतीय मछुआरों के परिवारों को "पर्याप्त" मुआवजा दिया गया है और शीर्ष अदालत के समक्ष कार्यवाही को शीघ्र बंद करने और दिल्ली में एक विशेष अदालत के समक्ष लंबित एक आपराधिक मुकदमे की मांग की। 5 जनवरी को केंद्र के अनुपालन हलफनामे में कहा गया है कि इतालवी सरकार ने हर्जाने में कुल 10 करोड़ रुपये का भुगतान करने की पेशकश की है। मृत मछुआरों के परिवारों ने इतालवी सरकार द्वारा पहले ही भुगतान किए गए 2 करोड़ रुपये के अलावा प्रत्येक को 4 करोड़ रुपये के मुआवजे पर सहमति व्यक्त की है। नाव के घायल मालिक ने भी 2 करोड़ रुपये का हर्जाना प्राप्त करने की सहमति दी।

गौरतलब है कि 31 अगस्त 2014 को ब्रेन स्ट्रोक का शिकार हुए लातोरे को पहली बार 12 सितंबर 2014 को शीर्ष अदालत ने जमानत दी थी और उन्हें चार महीने के लिए इटली वापस जाने की अनुमति दी गई थी और उसके बाद जमानत की अवधि को बढ़ा दिया गया था। लातोरे की दिल की सर्जरी हुई और जिसके बाद शीर्ष अदालत ने उन्हें इटली में रहने की अवधि बढ़ा दी। 28 सितंबर, 2016 को, सुप्रीम कोर्ट ने लातोरे को अपने देश में रहने की अनुमति दी, जब तक कि अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थ न्यायाधिकरण ने क्षेत्राधिकार के मुद्दे का फैसला नहीं किया। गिरोने को 26 मई, 2016 को शर्तों के अधीन जमानत भी दी गई थी और शीर्ष अदालत ने क्षेत्राधिकार के मुद्दे का फैसला होने तक अपने देश जाने की अनुमति भी दी थी।

English summary
Italian marines case: SC closes case against Italian marines after receiving compensation
देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X