पेगासस मामले पर राज्यसभा में बोले आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव- ये भारतीय लोकतंत्र को बदनाम करने की कोशिश
पेगासस मामले पर राज्यसभा में बोले आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव- ये भारतीय लोकतंत्र को बदनाम करने की कोशिश
नई दिल्ली, 22 जुलाई: पेगासस सोफ्टवेयर के जरिए कई पत्रकारों, नेताओं और जजों की जासूसी से जुड़ूी रिपोर्ट को को एक बार फिर सरकार ने खारिज कर दिया है। पेगासस जासूसी मामले पर राज्यसभा में आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि 18 जुलाई को जो रिपोर्ट मीडिया में आई हैं, वो भारतीय लोकतंत्र और इसकी संस्थाओं को बदनाम करने की कोशिश हैं।

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वैष्णव ने कहा, एक वेब पोर्टल ने मानसून सत्र से ठीक पहले 18 जुलाई को एक बेहद सनसनीखेज स्टोरी प्रकाशित की। इसमें कई तरह के आरोप लगाए गए। संसद के मानसून सत्र से एक दिन पहले प्रेस रिपोर्ट सामने आई। यह संयोग नहीं हो सकता, ये सोच समझकर किया लगता है। पहले भी व्हाट्सऐप में पेगासस के इस्तेमाल को लेकर इसी तरह के दावे किए गए थे। उन रिपोर्टों का कोई तथ्यात्मक आधार नहीं था और सर्वोच्च न्यायालय सहित सभी पक्षों ने इसे माना था।
अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में कहा कि पेगासस से जुड़ी जो रिपोर्ट पेश की गई है, उसके तथ्य गुमराह करने वाले हैं। इस आरोपों का कोई आधार नहीं है। रिपोर्ट में केवल सनसनी है। एनएसओ भी इस तरह के आरोपों को पहले खारिज कर चुका है।
वैष्णव के बोलते समय हंगामा
राज्यसभा में गुरुवार को उस समय हाई ड्रामा देखने को मिला जब विपक्ष ने कई मुद्दों पर जमकर विरोध प्रदर्शन किया। राज्यसभा में तृणमूल कांग्रेस सांसदों ने सदन में उस समय भारी हंगामा किया जब आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव पेगासस मामले पर स्टेटमेंट देने के लिए खड़े हुए थे। सांसद शांतनु सेन ने आईटी मंत्री के हाथ से स्टेटमेंट पेपर छीनकर फाड़ दिया। इतना ही नहीं पेपर के टुकड़े उपसभापति की कुर्सी की तरफ फेंक दिए। इसके बाद मार्शल को बीच-बचाव के लिए आना पड़ा। इसके बाद जैसे ही वैष्णव ने बयान देना शुरू किया, टीएमसी सांसद शांतनु सेन उनकी सीट पर गए और मंत्री से कागज छीन लिया और उसे फाड़ दिया। इसके बाद सासंद ने कागज के टुकड़ों को उपसभापति के उपर उछाल दिया। सदन में हंगामा थमते न देख, उपसभापति ने सदन की कार्यवाही दो बजे तक स्थगित कर दी। हंगामे के बाद राज्यसभा शुक्रवार तक के लिए स्थगित कर दी गई है।












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