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अगले 10 सालों तक पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाना संभव नहीं- भाजपा नेता सुशील मोदी

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नई दिल्ली। पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने की खबरों के बीच भाजपा नेता सुशील मोदी ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाना अगले 10 वर्षों तक संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा किया गया तो इससे सभी राज्यों को सालाना 2 लाख करोड़ के राजस्व का घाटा होगा। उन्होंने संसद में वित्त विधेयक-2021 की चर्चा के दौरान ये बातें कहीं। उन्होंने कहा कि पेट्रोलिय पदार्थों से केंद्र और राज्य सरकारें 5 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का कर वसूलती हैं।

    Rajya Sabha में बोले Sushil Modi, Petrol Diesel GST में लाना अभी मुमकिन नहीं ? | वनइंडिया हिंदी

    Sushil Modi

    सुशील मोदी का यह बयान ऐसे समय में विशेष महत्व रखता है जब पेट्रोल के दामों में पिछले एक साल से वृद्धि हो रही है और कुछ राज्यों में यह 100 रुपए प्रति लीटर तक पहुंच चुका है। हालांकि बुधवार को पेट्रोल के की कीमतों में 18 पैसे और डीजल की कीमतों में 17 पैसे की कटौती की गई।

    यह भी पढ़ें: पेट्रोल-डीजल के दामों में की गई कटौती, जानें कितने पैसे की आई गिरावट

    सुशील मोदी ने आगे कहा कि यदि पेट्रोल-डीजल को वस्तु एवं सेव कर (जीएसटी) के दायरे में कर दिया जाएगा तो सालाना 2 लाख करोड़ रुपए की भरपाई कैसो होगी। मोदी ने कहा जीएसटी में अधिकतम टैक्स स्लैब 28 प्रतिशत है जबकि पेट्रोल-डीजल पर 60 प्रतिशत टैक्स वसूला जाता है ऐसे में जो नुकसान होगा उसकी भरपाई कहां से की जाएगी।

    उन्होंने कहा कि यदि ऐसा होता है तो प्रति लीटर 14 रुपए कर के रूप में वसूले जाएंगे जो वर्तमान में 60 रुपये प्रति लीटर वसूला जा रहा है।

    भाजपा नेता ने आगे कहा कि यदि पेट्रोल-डीजल की कीमत 100 रुपए है तो इसमें 60 रुपए कर होता है। इसमें से 35 रुपए केंद्र सरकार को जाता है और 25 रुपए राज्य सरकार को। इतना ही नहीं केंद्र सरकार को जाने वाले 35 रुपए का 42 प्रतिशत हिस्सा राज्य सरकारों के पास वापस आ जाता है।

    उन्होंने कहा कि, 'ऐस कहा जाता है कि पेट्रोल-डीजल पर सरकारें जो टेक्स वसूलती हैं वह सरकारों की जेब में चला जाता है। सरकार की कोई अलग से जेब नहीं है जहां से सभी घरों में बिजली और पानी पहुंचाने के लिए पैसा आएगा। कर संग्रह के देश के कल्याण पर खर्च को चुनौती दी जा रही है।' उन्होंने जीएसटी की व्यवस्था पर सवाल उठाने वालों पर तंज कसते हुए कहा, 'कुछ लोग कहते हैं कि यह गब्बर सिंह टैक्स है। जबकि जीएसटी परिसद की किसी भी बैठक में किसी भी राज्य ने जीएसटी व्यवस्था का विरोध नहीं किया'

    उन्होंने कहा कि मोदी सरकार में ही देश में जीएसटी सिस्टम लागू करने का दम था। गौरतलब है कि संसद में वित्त विधेयक-2021 की चर्चा के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को कहा था कि राज्य सरकारों के प्रस्ताव लाने पर केंद्र पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने को तैयार है।

    English summary
    It is not possible to bring petrol and diesel under GST for next 10 years - BJP leader Sushil Modi
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