'विक्रम-प्रज्ञान चांद पर सो रहे, संपर्क करने का प्रयास अभी भी जारी', इसरो चीफ ने दिया चंद्रयान-3 पर अपडेट
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) का चंद्रयान मिशन कामयाब रहा है। इस बीच इसरो चीफ एस. सोमनाथ ने दावा किया कि भारतीय स्पेस एजेंसी पहले मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम के अलावा, मंगल, शुक्र और चंद्रमा सहित अन्य मिशन पर भी तेजी से काम कर रही है।
भविष्य के मिशन पर बात करते हुए रविवार को इसरो चीफ ने कहा कि अंतरिक्ष एजेंसी ने पृथ्वी की जलवायु और मौसम की स्थिति का अध्ययन करने के लिए मिशन शुरू करने की भी योजना तैयार की है। चंद्रयान-3 में रोवर प्रज्ञान और लैंडर विक्रम ने अच्छा प्रदर्शन किया और उन्हें स्लीपिंग मोड में डाल दिया गया। उन्होंने आगे जोर देकर कहा कि अंतरिक्ष एजेंसी उनके साथ संपर्क स्थापित करना जारी रखेगी।

इसके अलावा इसरो संचार, रिमोट सेंसिंग उपग्रहों सहित नियमित वैज्ञानिक मिशनों पर भी काम कर रहा है। पहली टीवी-डी1 परीक्षण उड़ान 21 अक्टूबर के लिए निर्धारित है। इसरो के पास अभी कई रिसर्च मिशन हैं। मंगल, शुक्र के अलावा फिर से चांद पर मिशन भेजा जाएगा।
उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि इसरो के वैज्ञानिक संचार और रिमोट सेंसिंग के लिए उपग्रहों को लॉन्च करने जैसे नियमित मिशनों पर ध्यान केंद्रित करेंगे। साथ ही एरोनॉमी, थर्मल इमेजिंग और जलवायु परिवर्तन प्रभाव मूल्यांकन जैसे मुद्दों को देखने के लिए वैज्ञानिक मिशन भी पाइपलाइन में हैं। सोमनाथ ने कहा कि वहां बहुत सारी चीजें हैं और हम ये सब करने में बहुत व्यस्त हैं।
वहीं जब पत्रकारों ने पूछा कि विक्रम लैंडर ने स्पीलिंग मोड में जाने के बाद क्या किसी तरह की प्रतिक्रिया दी, इस पर इसरो चीफ ने कहा कि विक्रम ने 23 अगस्त को चंद्रमा की सतह पर सफलतापूर्वक लैंडिंग की थी। उसने अपना काम बहत अच्छी तरह से किया। उसके मिशन की अवधि 14 दिन ही मानी गई थी, जो उसने पूरी की।
सोमनाथ के मुताबिक विक्रम चांद की सतह पर सो रहा है। वो इंतजार करते रहेंगे। हालांकि अभी तक उसने कोई सिग्नल नहीं दिया है। उसने चांद पर कई अहम खोज की है। उन्होंने बताया कि इसरो का आदित्य एल1 यान पूरी तरह से ठीक है। वो लैग्रेंज पॉइंट एल1 की ओर बढ़ रहा है। उम्मीद है कि वो जनवरी के मध्य तक अपने लक्ष्य पर पहुंच जाएगा।












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