घाटी पर खतरा ट्रिपल, ISIS का कवर हिजबुल तहरीर तैयार कर रहा आतंकी!
श्रीनगर। कश्मीर घाटी में पहले से ही पाकिस्तान स्थित दो आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन और लश्कर-ए-तैयबा सक्रिय हैं, अब यहां पर एक नए संगठन की आहटें सुनाई देने लगी हैं। घाटी में अपना प्रभाव कायम करने की कोशिशों में लगे आईएसआईएस के लिए कवर के तौर पर हिजबुल तहरीर नामक एक संगठन सक्रिय हो चुका है।

एजेंसियों के कान खड़े
इंटेलीजेंस एजेंसियों ने जब घाटी के हालातों पर नजर रखनी शुरू की तब उन्हें इस संगठन के बारे में कुछ जानकारियां मिलनी शुरू हुईं।
एजेंसियां घाटी में आईएसआईएस के खतरे को जरा भी हल्के में नहीं ले रही हैं लेकिन अब इस नई खबर ने उनके कान खड़े कर दिए हैं। अगर आपको याद हो तो करीब दो वर्ष पहले आईएसआईएस ने दुनिया का एक नक्शा पेश किया था।
आईएसआईएस के इस ग्लोबल मैप, जिसे आईएसआईएस ने ग्लोबल इस्लामिक काउंसिल नाम दिया था, में जम्मू कश्मीर को काफी अहमियत देते हुए दिखाया गया था।
क्या है हिजबुल तहरीर और कैसे देता ट्रेनिंग
- हिजबुल तहरीर या एचटी जम्मू कश्मीर का वह संगठन है जो कई संगठनों से टूट-टूटकर बना है।
- इसका काम आईएसआईएस के लिए ऑपरेटिव्स की भर्ती करना और उसकी विचारधारा को आगे बढ़ाना है।
- यह संगठन अभी काफी छोटा है लेकिन आईएसआईएस से जुड़े प्रपोगैंडे को बढ़ाने में आगे रहा है।
- हाल ही में जम्मू कश्मीर में आईएसआईएस के झंडे और बैनर्स नजर आए थे और एचटी ही इसकी वजह था।
- वर्तमान समय में एचटी का काम कैडर्स को ट्रेनिंग देना है।
- माना जा रहा है इस समय घाटी में इसके 30 ऑपरेटिव्स मौजूद हैं।
- कैडर्स को फायरिंग, पहाड़ चढ़ने और गुरिल्ला वॉरफेयर की ट्रेनिंग दी जाती है।
- सीरिया भेजने से पहले एचटी कैडर्स को पूरी तरह से तैयार करता है।
कैसे पता चली एचटी की मौजूदगी
पिछले दिनों जब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) अयाज सुल्तान नामक व्यक्ति के खिलाफ जांच कर रही थी, उस समय ही उसे इस संगठन के बारे में मालूम चला। सुल्तान एक कॉल सेंटर में काम करता था और वह आईएसआईएस के हैंडलर्स को एचटी के ऑपरेटिव्स के साथ संपर्क कराता था।
जब सुल्तान ने एचटी के साथ संपर्क किया तो संगठन ने उसे कश्मीर बुलाया। यहां पर उसे ट्रेनिंग दी जानी थी। अब अयाज सुल्तान देश के बाहर सीरिया में है।
माना जा रहा है कि वह इस संगठन का हिस्सा है। जांच में यह बात भी सामने आई है कि कई और व्यक्तियों को एचटी ने आईएसआईएस के लिए ट्रेनिंग दी है।
कश्मीर की नब्ज टटोलने में लगा एचटी
इंटेलीजेंस ब्यूरों के अधिकारियों के मुताबिक कश्मीर में आईएसआईएस के झंडे और बैनर तक सिमटा एचटी फिलहाल घाटी की नब्ज पकड़ने की कोशिश कर रहा है। वह देश के अलग-अलग हिस्सों में मौजूद कैडर्स को कॉल करते हैं और फिर उन्हें ट्रेनिंग देते हैं।
अफगानिस्तान तो नहीं पहुंचे कैडर्स
अधिकारी अब एचटी इस बात की भी तफ्तीश कर रहे हैं कि क्या एचटी ने अपने कैडर्स को ट्रेनिंग देकर अफगानिस्तान भी भेजा है।
आईएसआईएस अब अफगानिस्तान पर पकड़ मजबूत करने की कोशिशों में लगा हुआ है। हाल ही में यास्मीन नामक एक महिला को केरल के रास्ते काबुल जाने की कोशिशों के तहत गिरफ्तार किया गया है।
यास्मीन के मामले में की जांच में पता चला था कि वह काबुल जाकर आईएसआईएस के रिक्रूटर्स के साथ शामिल होना चाहती थी।












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