• search
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

क्या 31 अक्टूबर है पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान की आजादी का दिन?

|

बेंगलुरू। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान की सत्ता और जान कुल 5 दिनों तक सांसत में रहने वाली है। गत 28 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक जमीयत उलेमा-इस्लाम-फजल की अगुवाई में शुरू हुए आजादी मार्च 31 अक्टूबर को राजधानी इस्लामाबाद तक पहुंच सकती है। माना जा रहा है कि इसी दिन पाकिस्तानी सेना के चहेते पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान की पाकिस्तान की सत्ता से आजादी का दिन मुकर्रर किया गया है।

Pakistan

जमीयत उलेमा-इस्लाम-फजल (JUI-F)के प्रमुख फजलुर रहमान की अगुवाई में शुरू हुए आजादी मार्च में पाकिस्तान का पूरा विपक्ष एकजुट हैं। इसमें पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी), पाकिस्तान मुस्लिम लीग (पीएमएल-एन) आवामी नेशनल पार्टी (एएनपी) और दर्जनों पार्टियां शामिल है और सभी का मकसद सिर्फ एक है कि 15 महीने पुरानी इमरान खान सरकार का अंत हो।

Pakistan

गौरतलब है भारत सरकार द्वारा जम्मू-कश्मीर राज्य से अनुच्छेद 370 हटाने के बाद से पाकिस्तान में इमरान खान सरकार के खिलाफ मुहिम तैयार हो रही थी, लेकिन भूमिका तैयार की है इमरान खान के उस चुनावी कैंपेन ने, जिसमें वहां की अवाम को नया पाकिस्तान की सब्जबाग दिखाए गए थे।

दरअसल, इमरान खान के सब्जबाग और नया पाकिस्तान नारे की हवा तब निकल गई जब पाकिस्तान में महंगाई, भ्रष्टाचार और बेरोजगारी की समस्या दिन-दूनी और रात चौगुनी होनी शुरू होती चली गई, लेकिन पाकिस्तान की सियासत के चरम पर बैठे इमरान खान किस्सागोई में व्यस्त दिखे।

Pakistan

पाकिस्तानी अवाम की नजर में पीएम इमरान खान हर मोर्च पर विफल होते नजर आए, जिसकी चिंगारी गाहे-बगाहे वहां की अवाम की जुबान पर आती रहती थी। इसी दौरान जैसे ही जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 की हटाने की खबर फैली, पाकिस्तान अवाम के साथ पूरा विपक्ष एक साथ पाकिस्तानी पीएम के खिलाफ लामबंद हो गया।

पाकिस्तानी अवाम के मूड को भांपते हुए जमीयत उलेमा-इस्लाम-फजल के प्रमुख ने इमरान खान सरकार को झूठ के सहारे पाकिस्तान में सत्ता में नेता करार दे दिया और उनकी सरकार को गिराने के लिए का ऐलान कर दिया। कट्टरपंथी नेता फजलुर रहमान की अगुवाई में उनके लाखों समर्थक आजादी मार्च नामक आंदोलन में इस्लामाबाद कूच कर चुके हैं।

Pakistan

बताया जा रहा है फजलुर रहमान के आजादी मार्च को पाकिस्तान के पूरे विपक्ष का समर्थन हासिल है, लेकिन पाकिस्तानी सेना अपने चहेते इमरान खान की सरकार को बचाने के लिए सभी उपक्रम शुरू कर दिए हैं। मौलाना फजलुर रहमान के आजादी मार्च में कुछ कट्टरपंथी संगठन भी समर्थन कर रही है।

मौलाना फजलुर रहमान के मुताबिक उन्हें धोखा दिया जा रहा है। एक तरफ सरकार बातचीत की पहल करती है तो दूसरी तरफ इमरजेंसी और मार्शल लॉ के हालात पैदा कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि कश्मीरियों के साथ भी इमरान ने छल किया है। उनसे कोई उम्मीद इसलिए भी नहीं की जा सकती क्योंकि वो इलेक्टेड नहीं बल्कि सिलेक्टेड प्राइम मिनिस्टर हैं। उनके मुताबिक चुनाव में धांधली करके इमरान खान को पाकिस्तानी अवाम पर थोप दिया गया है और जब तक इमरान प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा नहीं देंगे, तब तक आजादी मार्च जारी रहेगा।

Pakistan

माना रहा है कि मौलाना फजलुर रहमान की अगुवाई वाले आजादी मार्च नामक आंदोलन की आहट से ही इमरान खान की सत्ता डगमगा उठी है, क्योंकि जिस मजहबी उन्माद की हिमायत करके इमरान सत्ता में काबिज हुए थे, इमरान खान अब उसी आग के शिकार होने की जद में पहुंच चुके हैं।

5 दिन तक चलने वाले इस आजादी मार्च का क्लाइमैक्स 31 अक्टूबर को इस्लामाबाद में होना है और ऐसी संभावना है कि पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान दबाव में आकर अपना इस्तीफा सौंपना पड़ा सकता है। हालांकि पाकिस्तानी सेना इमरान सरकार को गिरने से बचाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है।

Pakistan

बताया जा रहा है आजादी मार्च में शामिल होने के लिए पाकिस्तान के अलग-अलग शहरों से लोग इस्लामाबाद की ओर बढ़ रहे हैं, इनमें क्वेटा, खैबर पख़्तूनखवा, रावलपिंडी, पेशावर के लोग शामिल हैं। यही नहीं, इस आजादी मार्च में मदरसे, स्कूल, कॉलेज के छात्र भी शामिल हैं। इसके अलावा राजनीतिक दलों के काफिले, जिसमें पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी), पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन), आवामी नेशनल पार्टी (एएनपी) और दूसरे छोटी-मोटी पार्टियां भी इमरान के खिलाफ इंकलाब का आगाज कर चुकी हैं।

Pakistan

गत रविवार को कराची में आजादी मार्च की तैयारी के मद्देनजर एक बड़ा जलसा आयोजित किया था। इसमें नेताओं ने इमरान खान के खिलाफ तकरीरें कीं। यह जलसा कराची के शोहराब गोथ इलाके से शुरू हुआ था। कराची में आयोजित जलसे में JUI-F नेता फजलुर रहमान, पीपीपी नेता रजा रब्बानी, सईद गनी, पीएमएल-एन नेता मोहम्मद जुबैर, निहाल हाशमी, एएनपी के शाही सैयद और दूसरे नेता ने कंटेनर पर सवार होकर तकरीरें की। जलसे को संबोधित करते हुए JUI-F प्रमुख फजलुर रहमान का कहना था कि विपक्ष ने वार्ता टीम के सभी मांगों को नकार दिया है, जिसे पीटीआई सरकार ने भेजा था और अब वो न्यायपालिका के फैसले के अनुसार धरना देंगे।

Pakistan

बकौल फजलुर रहमान, "प्रधानमंत्री इमरान खान को इस्तीफा देना होगा, कराची में हजारों लोग जमा हुए हैं। जब देशभर से लोग इस्लामाबाद पहुंचेंगे तो सरकार क्या करेगी, हम सकारात्मक राजनीति का समर्थन करते हैं, हमने पूरा जीवन देश के संविधान के निष्ठा में बिताया है और बदले में हमने चरमपंथ का सामना किया है।

उल्लेखनीय है प्रधानमंत्री इमरान खान के इस्तीफे पर अड़े मौलाना फजल-उर-रहमान को मनाने की कोशिशें नाकाम के बाद पाकिस्तान सेना के चीफ जनरल बाजवा अब फजलुर रहमान की आजादी मार्च को रोकने के लिए पूरी जोर आजमाइश शुरू कर दी है।

Pakistan

मौलाना से बातचीत के लिए प्रधानमंत्री इमरान खान ने जहां मंत्रियों की कमेटी बनाई है, जो संभव है कि मंगलवार शाम उनसे चर्चा करेगी। हालांकि इससे पहले ही मौलाना फजलुर रहमान ने साफ कर दिया है कि कमेटी में शामिल मंत्री अगर बातचीत के लिए आते हैं तो उनके दूसरे हाथ में प्रधानमंत्री का इस्तीफा होना चाहिए। इससे पहले फजलुर रहमान की मुलाकात पाकिस्तानी सेना चीफ से हो चुकी है।

एक पाकिस्तानी चैनल के मुताबिक आर्मी चीफ का प्रस्ताव ठुकराने के बाद मौलाना फजलुर रहमान और ज्यादा सख्त हो गए हैं। यही कारण है कि सेना ने देश के ज्यादातर मीडिया हाउसेज को चेतावनी दी है, जिसमें उनसे कहा गया है कि मौलाना के आजादी मार्च को कवरेज देने से परहेज करें।

Pakistan

यही वजह है कि मौलाना के समर्थक सोशल मीडिया पर सक्रिय हो गए हैं। आम अवाम से अपील में कहा गया है कि इस नकारा और सेलेक्टेड सरकार को हटाने के लिए मार्च में शामिल हों। इमरान के बाद आर्मी चीफ भी मीडिया हाउसेज के मालिकों से मिल चुके हैं, जिसे पाकिस्तानी सेना चीफ सौजन्य भेंट बता रहे हैं।

अमेरिका की इमरान को चेतावनी, कश्मीर में आतंकवाद फैलाना बंद करे पाक

जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
In leadership of President of the Jamiat Ulema-e-Islam Fazal ur rehman people of pakistan started azaadi march from Karachi and it will on 31 October. is it any possibility that day Pakistan PM Imran khan may resignation from the post of Pakistan Prime Minister.
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more