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IRCTC:आप रेलवे टिकट लेना चाहते हैं तो बुकिंग का ये पैटर्न जरूर देख लीजिए

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नई दिल्ली- आपको पता है कि देश में इस वक्त लगभग 115 जोड़ी राजधानी टाइप स्पेशल और सामान्य मेल/एक्सप्रेस ट्रेनें देशभर के कई हिस्सों में चलाई जा रही हैं। 15 जोड़ी राजधानी जैसी ट्रेनें 12 मई से चलाई जा रही हैं और 100 जोड़ी स्पेशल मेल/एक्सप्रेस ट्रेनें पिछले 1 जून से देश के अनेक स्टेशनों के लिए चलाई जा रही हैं। लेकिन, आईआरसीटीसी के डेटा के विश्लेषण से इन ट्रेनों का जो टिकट बुकिंग पैटर्न सामने आ रहा है, वह यात्रियों को ही नहीं, रेलवे और सरकारों को भी हैरान कर सकता है।

रेलवे टिकट के लिए ये बुकिंग पैटर्न जरूर देख लीजिए

रेलवे टिकट के लिए ये बुकिंग पैटर्न जरूर देख लीजिए

हम यहां पर आपके लिए ट्रेनों में टिकट बुकिंग के कुछ आंकड़े उदाहरण के लिए जुटाकर लाए हैं, जिससे आपको मालूम चल जाएगा कि किस रूट पर आपको अभी का कंफर्म टिकट मिल सकता है और किस रूट पर पहले की तरह ही आपको मायूसी झेलनी पड़ सकती है। मसलन, इस हफ्ते मुंबई के बांद्रा स्टेशन से यूपी के गाजीपुर सिटी की ओर जाने वाली एक ट्रेन में 130% टिकटों की बुकिंग हुई थी। लेकिन, जो ट्रेनें यूपी के गोरखपुर, पश्चिम बंगाल के हावड़ा, बिहार के दरभंगा-पटना और जयपुर से मुंबई की ओर आ रही थीं, उनमें औसतन सिर्फ 30% ही सीटें भर पाई थीं। इसी तरह जो स्पेशल ट्रेन पुणे से दानापुर (पटना) की ओर रवाना हुई, उसमें 110% बुकिंग हो चुकी थी, जबकि वापसी में उस ट्रेन में सिर्फ 39% टिकट ही कटवाए गए थे।

एक तरफ से फुल, दूसरी ओर से सीटें खाली

एक तरफ से फुल, दूसरी ओर से सीटें खाली

इसी तरह जो स्पेशल ट्रेन राजस्थान के बीकानेर से हावड़ा की ओर गई उसमें 151%ऑक्यूपेंसी थी, दिल्ली से असम के डिब्रूगढ़ जाने वाली ब्रह्मपुत्र मेल में 140% सीटें भरी थीं और अहमदाबाद से हावड़ा और दरभंगा गई ट्रेनों में 130% सीटें फुल थीं। आपको कहां की ट्रेन पकड़नी है और उसमें आपको कंफर्म सीट मिलने की कितनी संभावना है उसके लिए इस उदाहरण पर जरूर गौर फरमाइएगा। वाराणसी से मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस तक रोजाना चलने वाली ट्रेन में गुरुवार का भी टिकट उपलब्ध है। लेकिन, यदि किसी को उसी ट्रेन से छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस से वाराणसी की ओर जाना है तो कम से कम 16 जुलाई तक तो कंफर्म टिकट की सोचिए ही मत। इसी तरह सूरत से पटना जाने वाली ट्रेन में 13 जुलाई तक सीट फुल है। लेकिन, अगर आपको पटना से सूरत आना है तो रविवार के बाद जबका चाहिए टिकट बुक करा सकते हैं। आरएसी टिकट तो शनिवार से ही मिल रहा है।

    Indian Railway Update : इन ट्रेनों की टाइमिंग में किया गया बदलाव, देखें लिस्ट | वनइंडिया हिंदी
    बिहार जाने और बिहार से आने वाली ट्रेनों का हाल देखिए

    बिहार जाने और बिहार से आने वाली ट्रेनों का हाल देखिए

    ऊपर तो हुई कुछ स्पेशल मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों की बात। अब जरा राजधानी टाइप स्पेशल ट्रेनों में टिकट बुकिंग का भी पैटर्न देख लीजिए। ये 15 जोड़ी ट्रेनें पिछले महीने की 12 तारीख से ही चल रही हैं। अगर आपको नई दिल्ली से पटना जाना है तो आपको इस ट्रेन में टिकट के लिए 23 जून तक इंतजार करना पड़ेगा। लेकिन, उसी फुल एसी ट्रेन में आपको पटना से दिल्ली आना है तो बुधवार के बाद जब भी आना चाहें कंफर्म टिकट बुक करा लें। दिल्ली से पटना जाने वाली एक और महत्वपूर्ण ट्रेन संपूर्ण क्रांति में भी एक महीने तक वेट लिस्ट है, लेकिन वापसी का टिकट अगले हफ्ते का भी उपलब्ध है। जबकि, इस रूट पर एकबार भी यात्रा करने वालों को भी यह पता है कि इन ट्रेनों में दोनों तरफ से कभी भी टिकट मिलना बहुत ही मुश्किल होता है।

    कुछ ट्रेनों दोनों से खाली चल रही हैं

    कुछ ट्रेनों दोनों से खाली चल रही हैं

    अब दुरंतो एक्सप्रेस में भी टिकट का हाल जान लीजिए। बेंगलुरु से हावड़ा की ओर जाने वाली इस ट्रेन में 31 जुलाई से पहले स्लीपर क्लास का भी टिकट नहीं मिल रहा है। लेकिन, हावड़ा से बेंगलुरु हफ्ते में 5 दिन चलने वाली स्पेशल ट्रेन में कंफर्म टिकट मिल रहा है। वैसे आईआरसीटीसी का डेटा ये भी बताता है कि कुछ ट्रेनों में दोनों ही ओर से सीटें खाली चल रही हैं। ट्रेनों की बुकिंग का ये पैटर्न यह भी बताता है कि लोग कोरोना वायरस के डर से अभी बड़े शहरों की ओर जाने से बच रहे हैं। इसकी वजह से यह चिंता बढ़ जाती है कि जो लोग बड़े शहरों से अपने घरों की ओर गए हैं वो जल्दी लौटने के लिए तैयार नहीं हैं। हालांकि, रेलवे अधिकारियों को उम्मीद है कि अब जिस तरह से ट्रेनें चलने लगीं हैं, लोगों में विश्वास का माहौल बनेगा और वापस आने वाली ट्रेनों में भी पैसेंजर्स की तादाद बढ़नी शुरू हो जाएगी।

    प्रवासी मजदूर भी हैं इन ट्रेनों में भीड़ की एक वजह

    प्रवासी मजदूर भी हैं इन ट्रेनों में भीड़ की एक वजह

    बड़े शहरों से जाने वाली ट्रेनों में ज्यादा ऑक्युपेंसी की एक वजह ये भी है कि जो प्रवासी मजदूर श्रमिक भी अब स्पेशल ट्रेनों का ज्यादा इंतजार नहीं करना चाहते हैं और वो भी अपने गृह राज्यों की ओर निकलने के लिए नियमित ट्रेनों को पकड़ने लगे हैं। क्योंकि, ज्यादातर स्पेशल ट्रेनें भी बड़े शहरों से ही चल रही हैं। हालांकि, रेलवे को भरोसा है कि समय के साथ जरूर बदलते चले जाएंगे।

    इसे भी पढ़ें- Special Train: रेलवे ने इन स्पेशल ट्रेनों की टाइमिंग में किया बदलाव, सफर से पहले जरूर देख लें लिस्ट

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    English summary
    IRCTC: If you want to take railway tickets, then check this pattern of booking
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