एक महीने में तीसरी बार IRCTC फिर डाउन, यात्रियों को हो रही भारी परेशानी, टिकट बुकिंग में आ रही दिक्क्त
भारतीय रेलवे खानपान और पर्यटन निगम के टिकट बुकिंग प्लेटफॉर्म में इस महीने तीसरी बार बड़ी रुकावट आई है। जिससे अनगिनत यात्रियों को अपने टिकट बुक करने में परेशानी का सामना करना पड़ा है। तत्काल योजना के तहत बुकिंग करने वाले यात्रियों को सबसे अधिक असुविधा हुई है। क्योंकि यह सेवा अंतिम समय में आरक्षण पाने के लिए यात्रियों का एकमात्र सहारा है।
यात्रियों का संघर्ष
सुबह 10:12 बजे के आसपास डाउनडिटेक्टर पर लगभग 1,500 शिकायतें दर्ज की गईं। जो दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता जैसे प्रमुख शहरों में इस आउटेज के प्रभाव को दर्शाती हैं। यात्रियों ने सोशल मीडिया पर अपनी निराशा व्यक्त करते हुए IRCTC रेल मंत्रालय और प्रधानमंत्री कार्यालय को टैग कर जवाबदेही और तत्काल समाधान की मांग की।

शिकायतों में कैप्चा सत्यापन प्रक्रिया की विफलता और बुकिंग के दौरान बार-बार आने वाले त्रुटि संदेशों का ज़िक्र किया गया। इनमें से कई त्रुटियां यह संकेत देती थीं कि लेनदेन पूरा नहीं हो सका।
तकनीकी खामियां और सुझाव
कई उपयोगकर्ताओं ने सुझाव दिया कि IRCTC को प्रदर्शन बढ़ाने के लिए अपनी पुरानी कैप्चा 2.0 प्रणाली को छोड़कर क्लाउड-आधारित समाधानों को अपनाना चाहिए। यात्रियों के बीच असंतोष का स्तर इतना अधिक है कि कुछ ने टिकटिंग सेवा को अधिक सक्षम हाथों में सौंपने की मांग की है।
IRCTC की प्रतिक्रिया और राहत उपाय
IRCTC ने इस रुकावट के लिए खेद व्यक्त करते हुए प्रभावित यात्रियों को राहत के कुछ विकल्प प्रदान किए हैं। रद्द किए गए टिकटों के लिए ग्राहक सेवा से संपर्क करने या टिकट जमा रसीद का अनुरोध करने के लिए ईमेल भेजने की सुविधा दी गई है। टिकट से संबंधित पूछताछ के लिए हेल्पलाइन नंबर और ईमेल उपलब्ध कराए गए हैं।
पिछले रुकावट और उनकी पुनरावृत्ति
यह इस महीने में तीसरी बार है। जब IRCTC को ऐसी रुकावट का सामना करना पड़ा है। 9 दिसंबर को मरम्मत कार्यों के कारण एक घंटे का शटडाउन हुआ था। इसके बाद 26 दिसंबर को रखरखाव गतिविधियों के कारण सेवा प्रभावित हुई। इन व्यवधानों का बार-बार होना यह दर्शाता है कि IRCTC के मौजूदा तकनीकी ढांचे में गंभीर खामियां हैं।
यात्रियों की समस्याएं और मांग
बार-बार हो रही तकनीकी गड़बड़ियों ने यात्रियों के लिए नई समस्याएं खड़ी कर दी हैं। खासकर उन लोगों के लिए जो तत्काल टिकट बुक करने पर निर्भर रहते हैं। कई यात्रियों ने इसे IRCTC की लचर प्रबंधन प्रणाली का परिणाम बताया है और इसे सुधारने की मांग की है।
समस्या का समाधान जरूरी
भारतीय रेलवे को इन तकनीकी चुनौतियों से निपटने के लिए एक मजबूत और विश्वसनीय टिकट बुकिंग प्रणाली की आवश्यकता है। IRCTC की वर्तमान स्थिति न केवल यात्रियों को असुविधा पहुंचा रही है। बल्कि इसकी विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े कर रही है। यात्रियों को उम्मीद है कि रेलवे जल्द ही इन समस्याओं का स्थायी समाधान निकालेगा।
IRCTC की टिकटिंग सेवा बार-बार तकनीकी गड़बड़ियों का सामना कर रही है। जिससे यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यदि रेलवे जल्द ही इन समस्याओं का समाधान नहीं करता है तो इसका असर लाखों यात्रियों की यात्रा योजनाओं पर पड़ सकता है। यात्रियों को उम्मीद है कि रेलवे इस सेवा को बेहतर बनाने के लिए ठोस कदम उठाएगा।












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