IRCTC के ठेकेदार को मनमानी भारी पड़ी, पांच रुपये अधिक लिए, अब देना होगा एक लाख का जुर्माना
पानी की बोतल के लिए IRCTC के ठेकेदार को मनमानी भारी पड़ी। एक बोतल के लिए यात्रियों से लिए केवल 5 लाख रुपये अधिक लेने के कारण ठेकेदार को एक लाख रुपये का जुर्माना देना होगा।

ट्रेन में सफर कर रहे यात्री से पानी की बोतल के लिए अधिकतम खुदरा कीमतए (MRP) से 5 रुपये अधिक वसूला गया। पीने का पानी अधिक कीमत पर बेचे जाने की शिकायत मिलने के एक दिन बाद, अंबाला रेलवे डिवीजन ने ठेकेदार पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। शुक्रवार को सामने आए इस मामले में सख्ती दिखाते हुए IRCTC ने खानपान और सामान बेचने वाले ठेकेदार को ओवरचार्जिंग का दोषी पाया है।
अंबाला डिविजन के वाणिज्यिक शाखा के अधिकारियों ने बताया, ठेकेदार की मनमानी का मामला ट्रेन नंबर 12231/32 (लखनऊ-चंडीगढ़-लखनऊ) का है। इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (IRCTC) से लाइसेंस प्राप्त ठेकेदार उत्तर प्रदेश के गोंडा के मैसर्स चंद्रमौली मिश्रा पर जुर्माना लगाया गया है।
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट में कहा गया, ट्रेन नंबर 12231 में पैंट्री कार (रसोईयान) नहीं है। यह आईआरसीटीसी से अधिकृत ऑन-बोर्ड वेंडरों पर निर्भर है। मैसर्स चंद्रमौली मिश्रा को इसी साल एक दिसंबर को ठेका मिला। आईआरसीटीसी से मिला ठेका 17 दिसंबर को लखनऊ में ट्रेन नंबर 12232 के पहुंचने के साथ खत्म होने वाला था। इससे पहले दो बार ठेका बढ़ाया जा चुका था।
गुरुवार को ट्रेन नंबर 12232 (चंडीगढ़-लखनऊ) से चंडीगढ़ से शाहजहांपुर जा रहे यात्री शिवम भट्ट ने ट्विटर पर वीडियो पोस्ट किया। उन्होंने दावा किया कि पानी की बोतल 15 रुपये एमआरपी के बावजूद 20 रुपये में बेची जा रही है। विक्रेता का नाम दिनेश बताया गया।
शिकायत के तुरंत बाद, दिनेश के प्रबंधक रवि कुमार को रेलवे अधिनियम की धारा 144 (1) के तहत लखनऊ में गिरफ्तार कर लिया गया। वाणिज्यिक शाखा ने मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) मनदीप सिंह भाटिया को जुर्माना लगाने की सिफारिश की। वरिष्ठ मंडल वाणिज्यिक प्रबंधक हरि मोहन ने कहा, आईआरसीटीसी के क्षेत्रीय प्रबंधक (आरएम) को अंबाला बुलाया गया और मामले की जानकारी दी गई। ट्रेन साइड वेंडिंग और ओवरचार्जिंग की शिकायतों पर कैसे सुधार किया जाए, इस पर भी चर्चा की गई।
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक डीआरएम भाटिया ने कहा कि स्वीकृति प्राप्त करने और लाइसेंस दस्तावेजों की जांच करने के बाद, ठेकेदार पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। आईआरसीटीसी के रिजनल मैनेजर को भी सूचित किया गया।
बता दें कि ओवरचार्जिंग पर अंकुश लगाने के लिए इसी वर्ष 1 अप्रैल से मंडल में 1000 से अधिक अनधिकृत विक्रेताओं पर मुकदमा चलाया जा चुका है। रेलवे पुलिस फोर्स (RPF) और अन्य कर्मचारियों के समन्वय से ओवरचार्जिंग के खिलाफ ठोस कार्रवाई हो रही है। दंडित करने के लिए 15 दिनों का एक विशेष अभियान भी शुरू किया गया है।












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