एक दृष्टिहीन जोड़े की दिलचस्प प्रेम कहानी
एक बहुत मशहूर कहावत है कि 'प्यार अंधा होता है'. लेकिन जब दो अंधे लोगों के बीच प्यार होता होगा तो क्या होता होगा?
मशहूर फ़ोटोग्राफर नीरज गेरा ने तस्वीरों के एक एल्बम के सहारे ऐसे ही एक अंधे जोड़े की कहानी बताने की कोशिश की है. उन्होंने इस फ़ोटो सीरीज़ का नाम सेक्रेड लव रखा है.
वो इस एहसास के बारे में कहते हैं, ''आपको एक अलग तरह का ही प्यार दिखेगा जिसमें शारीरिक सुंदरता मायने नहीं रखती. यह प्यार आपकी शारीरिक दिखावट से परे होती है.''
नीरज बीबीसी को इस जोड़े से मिलने की कहानी बताते हैं, "मैं पिछले साल जुलाई में दिल्ली के कनॉट प्लेस में ख़रीदारी कर रहा था जब मैंने इस ख़ूबसूरत जोड़े को वहां देखा. वे हाथों में हाथ डाले घूम रहे थे और मुस्कुराते हुए आपस में बातचीत कर रहे थे."
एक शख़्स इस जोड़े को कनॉट प्लेस के मेट्रो स्टेशन तक ले जाने में मदद कर रहा था. इस जोड़े को देखकर नीरज का मन कौतूहल से भर गया. उनका कहना है कि वो पहली बार किसी अंधे जोड़े को देख रहे थे.
इसलिए वो उनके पास गए और फिर उन्हें मेट्रो स्टेशन तक ले जाने लगे.
वो बताते हैं, "रास्ते में मैंने उनसे बातचीत शुरू की. मैंने उनके पूछा कि क्या वे कपल हैं. उन्होंने हां में जवाब दिया. फिर जब मैंने उनसे पूछा कि क्या वो अपनी कहानी मुझे बताना चाहेंगे. वो इसके लिए राज़ी हो गए."
सेक्रेड लव दीपक यादव और आरती चौरसिया की दास्तां सुनाता है. ये दोनों ही 21 साल के हैं और फ़ेसबुक पर मिले थे.
दीपक बताते हैं कि स्मार्टफ़ोन पर इस तरह का ऐप है जिसकी मदद से अंधे लोग भी अपने फ़ोन का सही से इस्तेमाल कर सकते हैं. वो बताते हैं, "आप ऐप में टॉकबैक की मदद से आवाज़ के सहारे चला सकते हैं."
दीपक बताते हैं कि 2018 के जून में आरती का नाम उनके नोटिफ़िकेशन में आया. "हम दोनों में बहुत सारी एक जैसी समानताएं थीं इसलिए मैंने उन्हें फ्रेंड रिक्वेस्ट भेज दिया."
आरती ने पूरे दो हफ्ते के बाद उनके फ्रेंड रिक्वेस्ट का जवाब दिया. वो कहती हैं, "मैं उन्हें नहीं जानती थी इसलिए असमंजस में थी ये कौन हैं?"
जल्दी ही दोनों ने आपस में मैसेज भेजने शुरू कर दिए. फिर दोनों ने एक-दूसरे को कहानियां भेजनी शुरू कीं और आख़िर में फिर फ़ोन नंबर एक दूसरे को दिए.
दीपक बताते हैं, "हमने पहली बार 31 जुलाई को फ़ोन पर एक-दूसरे से बात की."
तभी आरती बीच में बोल पड़ती है, "90 मिनट तक हमने बात की थी."
इसके बाद से दोनों अक्सर बात करने लगे. एक दिन आरती ने पूछा कि क्या उनकी कोई गर्लफ्रेंड हैं.
वो हंसते हुए बताती हैं कि दीपक ने कहा था, "वैकेंसी खाली है."
उन्हें दीपक की मोहब्बत को स्वीकार करने में ज़्यादा वक़्त नहीं लगा. 10 अगस्त के दिन उन्होंने अपने प्यार का इज़हार दीपक के सामने किया था.
हम फ़ोन पर बात कर रहे थे. मैं किसी दोस्त के साथ बैठा था. तब तक आरती ने मुझसे कहा, "मैं तुमसे प्यार करती हूँ."
दीपक बताते हैं कि वो कुछ देर के लिए सकते में आ गए. वो कहते हैं, "मुझे लगा कि यह तो मेरी लाइन थी. उसने कैसे कहा? मैं कुछ देर तक चुप रहा फिर मैंने वो उसे वापस कहा."
दो महीने के बाद पहली बार दीपक आरती से मिलने उनके होस्टल गए.
तब से अब वो अक्सर मिलते रहते हैं. वो दोनों बताते हैं कि दिन-ब-दिन उनका संबंध गहरा होता जा रहा है.
दीपक बताते हैं कि अब तक उन्होंने अपने घर वालों से अपने प्रेम संबंध को छिपा रखा है. क्योंकि उनके घर वाले थोड़े पुराने ख़याल के हैं.
वो बताते हैं, "मेरे पिता कहते हैं कि अभी प्यार और रोमांस से दूर रहो. बाद में इसके लिए बहुत वक्त पड़ा है. अभी अपनी पढ़ाई और करियर पर ध्यान दो. "
आरती बतती हैं कि उनके परिवार के ज़्यादातर लोगों को दीपक के साथ उनके रिश्ते के बारे में पता है. हालांकि उनके पिता को नहीं पता है.
मैंने उनसे पूछा कि अगर उनके माता-पिता बीबीसी की यह रिपोर्ट देखेंगे और उनके रिश्ते के बारे में उनको पता चलेगा तो क्या होगा.
दीपक इस पर कहते हैं, "हम उम्मीद करते हैं कि वो देखें."
इस पर आरती कहती हैं, "जब वो देखेंगे कि हमारे रिश्ते को मीडिया में सराहा जा रहा है तो फिर वो भी हमारे रिश्ते को लेकर पॉज़ीटिव होंगे."
दीपक और आरती को नौकरी की तलाश है ताकि वो अपने भविष्य को लेकर सुरक्षित हो पाएं.
आरती कहती हैं, "हम दोनों में से किसी एक को भी जैसे ही नौकरी मिलती है हम सगाई कर लेंगे. लेकिन कभी-कभी मुझे यह बात सताती है कि नौकरी खोजने के चक्कर में कहीं उम्र न बढ़ती रहे और शादी में देर होती रहे."
सभी तस्वीरें: नीरज गेरा












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