पाक के जंग के वक्त शांत थी इंदिरा, बदल रही थीं बेड कवर: किताब

नयी दिल्ली। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के जीवन से जुड़े कई राज से पर्दा उठ गया है। इंदिरा के पर्सनल फिजिशियन ने उनके बारे में कई अहम खुलासे किए हैं। इंदिरा गांधी के डॉक्टर केपी माथुर ने अपनी किताब में 'द अनसीन इंदिरा गांधी' में उनका चरित्र चित्रण करते हुए लिखा है कि 1971 के युद्ध के अगले दिन इंदिरा बेहद शांत थी। 92 साल के माथुर ने अपनी किताब में लिखा है कि जंग छिड़ने के अगले दिन सुबह जब मैं उनसे मिलने पहुंचा तो वो बेहद कूल थीं और अपने दीवान के बेडकवर बदल रही थीं।

indira gandhi

इंदिरा गांधी के साथ बिताए अपने कई सालों के रिश्तों को माथुर ने अपनी किताब में जगह देते हुए लिखा है कि पाकिस्तान से वॉर शुरू होने का अगला दिन था। जब मैं उनसे मिलने सुबह पहुंचा तो वो बेहद शांत थी, वो कमरे की धूल साफ कर रहीं थी। माथुर लिखते हैं कि शायद इससे वो अपना तनाव कम रहीं थी।

माथुर के मुताबिक पीएम बनने के शुरुआती सालों इंदिरा तनाव में रहती थीं। वो कभी-कभी कन्‍फ्यूज हो जाती थी। माथुर के मुताबिक पीएम बनने के शुरुआती दिनों में इंदिरा गांधी के पेट में दिक्‍कत होती थी जो शायद उनके नर्वस होने का नतीजा था। माथुर लिखते हैं कि इंदिरा एक खुशमिजाज, ख्‍याल रखने वालीं और मददगार महिला थीं।

वो एक अच्छी मां, एक बेहद ही अच्छी दादी और एक अच्छी सास थी। माथुर के मुताबिक इंदिरा नौकरों से भी अच्‍छा बर्ताव करती थीं और हर नौकर को उसके नाम से पुकारती थीं। किताब के मुताबिक इंदिरा सादगी भरा जीवन जीने में विश्वास रखती थीं। किताब के मुताबिक राजीव गांधी और सोनिया गांधी की शादी के बाद इंदिरा चाहती थीं कि सोनिया गांधी देश की सामाजिक और सांस्‍कृतिक जीवन में घुलमिल जाएं। केपी माथुर की 151 पन्नों की किताब कोणार्क पब्लिकेशन ने प्रकाशित की है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+