Indian Railways के 'पंच प्रण' क्या हैं ? कर्मचारियों के लिए होगी प्रमुख प्राथमिकता
Indian Railways: रेलवे बोर्ड की नई चेयरपर्सन जया वर्मा सिन्हा ने सभी रेल कर्मचारियों से पांच प्रमुख प्राथमिकताओं के अनुसार काम करने को कहा है। उन्होंने इने पांचों प्राथमिकताओं को 'भारतीय रेलवे का पंच प्रण' कहा है।
इस महीने की 1 तारीख (1 सितंबर,2023) को रेलवे बोर्ड की चेयरपर्सन और सीईओ का दायित्व संभालने के बाद उन्होंने रेलवे कर्मचारियों को लिखे अपने पहले संदेश में रेलवे की यह प्राथमिकताएं बताई हैं। इस मौके पर उन्होंने नेशनल ट्रांसपोर्टर के 150 वर्षों से ज्यादा की गौरवशाली विरासत का भी जिक्र किया है।

भारतीय रेलवे के 'पंच प्रण'
रेलवे बोर्ड की चेयरपर्सन ने कर्मचारियों को जिन पांच प्राथमिकताओं के आधार पर काम करने के लिए कहा है, वे हैं- सुरक्षा (safety),ईमानदारी (integrity),क्षमता वृद्धि (capacity augmentation),राजस्व का सृजन (revenue generation),उपभोक्ता सुविधाएं (customer amenities) और अनुभव (experience)।
हर दुर्घटना को रोका जा सकता है-रेलवे बोर्ड की चेयरपर्सन
उन्होंने लिखा है, 'हाल के वर्षों में, हमने ट्रैक, रोलिंग स्टॉक, स्टेशनों और टर्मिनलों में अभूतपूर्व निवेश के माध्यम से एक परिवर्तनकारी यात्रा आरंभ की है।' इनमें भी सुरक्षा को सबसे ऊपर बताते हुए उन्होंने कहा है, 'हमें यह समझना होगा कि हर दुर्घटना को रोका जा सकता है और स्थापित सुरक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी है। यह आवश्यक है कि हम सभी के लिए एक आदर्श मानक स्थापित करते हुए इस क्षेत्र में सक्रिय तौर पर शामिल हों।'
कदाचार के प्रति जीरो-टॉलरेंस
रेलवे बोर्ड की पहली महिला प्रमुख ने कहा है कि लोक सेवक ईमानदारी से समझौता नहीं कर सकते। उनके मुताबिक, 'हम कदाचार के किसी भी कृत्य के प्रति जीरो-टॉलरेंस का रुख बनाए रखेंगे। हम अपनी प्रक्रिया में पारदर्शिता को आगे बढ़ाना जारी रखेंगे।'
अंतिम उपभोक्ताओं तक लाभ पहुंचाना लक्ष्य
उन्होंने कहा है कि मौजूदा वित्त वर्ष में 2.4 लाख करोड़ रुपए के निवेश के माध्यम से सरकार ने भारतीय रेलवे के प्रति बहुत ही अधिक भरोसा जताया है। इसलिए उन्होंने कहा है कि रेलवे को यह सुनिश्चित करना होगा कि इतने ज्यादा निवेश का लाभ भी हमारे अंतिम उपभोक्ताओं तक पहुंचे।
राजस्व सृजन के लिए कर्मचारियों से कोशिशें दोगुना करने का अनुरोध
जहां तक राजस्व के सृजन का सवाल है तो उनके मुताबिक इस पर भारतीय रेलवे खुद अपनी क्षमता पर गर्व कर सकता है। उन्होंने पिछले वित्त वर्ष में रिकॉर्ड लोडिंग और राजस्व के आंकड़े हासिल करने की बात कही। उन्होंने कर्मचारियों से कहा है कि लगभग आधा साल बीत जाने के बाद वो सभी कर्मचारियों से चालू वित्त वर्ष में अपना लक्ष्य पूरा करने के लिए कोशिशों को दोगुना करने का आग्रह किया है।
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'रेलवे की सेवाएं नए भारत की आकांक्षाओं के प्रतीक हों'
जहां तक उपभोक्ता सुविधाओं और अनुभव का सवाल है तो रेलवे बोर्ड की सीईओ ने अपने कर्मचारियों से कहा है कि वे ऐसी सेवाएं पेश करें, जो नए भारत की आकांक्षाओं के प्रतीक हों। उन्होंने लिखा, 'चाहे ये समय की पाबंदी, स्वच्छता, खानपान या ग्राहकों की शिकायतों का समाधान करने से संबंधित हो, हमें सेवा के उच्चतम मानकों को उपलब्ध कराने की कोशिश करनी चाहिए, जिसमें हमारी कोशिशों में उपभोक्ताओं को लगातार सबसे आगे रखें।'
उन्होंने उम्मीद जाहिर की है कि रेलवे परिवार के प्रत्येक सदस्य इस मौके पर आगे बढ़ेंगे और देश के लिए अपना सबसे सर्वश्रेष्ठ डिलिवर करके देंगे। (इनपुट-पीटीआई)












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