Indian Railways:अब टिकट का रिफंड लेना हो तो रहें सावधान, IRCTC की इस बात का ध्यान रखिए
नई दिल्ली, 18 जुलाई: जामताड़ा स्टाइल धोखेबाज अब रेल यात्रियों को भी वित्तीय चपत लगाने के लिए तेजी से सक्रिय हो रहे हैं। रेलवे और आईआरसीटीसी को इस बात की हाल के दिनों में काफी शिकायतें मिली हैं, जिसके बाद इसकी ओर से यात्रियों को रिफंड के लिए किसी भी अनजान शख्स के झांसे में नहीं फंसने की चेतावनी दी गई है। आईआरसीटी ने बताया है कि टिकट रिफंड का क्या तरीका है और उसी के भरोसे रहें और जालसाजों के चक्कर में ना पड़ें। रेलवे की ओर से कहा गया है कि उसकी ओर से कभी भी इसके लिए फोन नहीं किया जाता।

टिकट रिफंड में जालसाजों से सावधान!
भारतीय रेलवे ने ट्रेन यात्रियों को टिकट रिफंड के नाम पर किसी भी तरह की धोखेबाजी के खिलाफ सख्त आगाह किया है। दरअसल, कई यात्रियों ने इस तरह की शिकायत की हैं और रेलवे की ओर से लगातार यात्रियों को समझाया जा रहा है कि वह किसी तरह की जालसाजी के चक्कर में ना पड़ें। क्योंकि, अगर आपको रेलवे से किसी टिकट का रिफंड लेना है या टिकट डिपोजिट रिसिप्ट (टीडीआर) के पैसे वापसी लेने हैं तो उसकी पहले से तय निर्धारित प्रक्रिया है, उसी का पालन करें और किसी धोखेबाज की जाल में ना फंसें।

संदिग्ध कॉल या लिंक का जवाब ना दें
रेलवे सेवा ने ट्वीट करके आईआरसीटी के अधिकारी के हवाले से कहा है, 'यूजर्स से अनुरोध किया जाता है कि किसी भी लिंक या संदिग्ध कॉल का जवाब ना दें, क्योंकि यूपीआई हैंडल के जरिए यूजर्स वित्तीय धोखाधड़ी के शिकार हो सकते हैं। कुछ ट्विटर फॉलोअर्स ट्विटर पर आईआरसीटीसी यूजर्स को निशाना बना रहे रहे हैं, जो अपनी बुकिंग, रिफंड/टीडीआर से संबंधित सवाल पूछते हैं।'

रिफंड की प्रक्रिया पूर्ण ऑटोमेटिक है
इस बारे में आईआरसीटी की ओर से आगे बताया गया है कि 'ऐसे लोग अलग-अलग नंबरों से कॉल कर रहे हैं और उसके बाद कुछ लिंक भेजते हैं।' आईआरसीटीसी की ओर से रेल यात्रियों को पूरी तरह से सावधान करते हुए बताया गया है कि 'रिफंड की प्रक्रिया पूर्ण ऑटोमेटिक है। आईआरसीटीसी के रिफंड में किसी तरह का मानवीय दखल शामिल नहीं होता। कृप्या ऐसे लिंक या कॉल को रेस्पॉन्ड ना करें।'

कई यूजर्स ने की है शिकायतें
रेलवे को यह बयान इसलिए जारी करना पड़ा है, क्योंकि इस तरह की धोखाधड़ी वाले कॉल की कई शिकायतें सामने आई हैं। हाल ही में एक ट्विटर यूजर ने एक फ्रॉड कॉल के बारे में पोस्ट किया और उसे रेल सेवा को टैग किया था। अधिकारियों ने इस शिकायत पर तत्काल संज्ञान लिया और यूजर से पीएनआर नंबर और मोबाइल नंबर मांगा, ताकि प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ाई जा सके। फिर रेल सेवा ने पीड़ित को एक लिंक दिया, जिससे वह अपनी शिकायत की स्थिति के बारे में जानकारी ले सके।

जालसाज कर रहे हैं फर्जी कॉल और भेज रहे हैं फर्जी लिंक
एक और शख्स जिसके टिकट का पैसा रिफंड नहीं हो पाया था, उसने अपनी शिकायत ट्विटर पर शेयर की। फिर आईआरटीसी के अधिकारियों की ओर से उसका पीएनआर नंबर, मोबाइल नंबर और ट्रांजैक्शन आईडी लिया गया। उस शख्स के पास दो फर्जी कॉल और एक वॉट्सऐप पर एक लिंक आया था। कॉल करने वाले ने दावा किया था कि एक गूगल फॉर्म भरते ही रिफंड का पैसा वापस हो जाएगा। इन्हीं घटनाओं की शिकायतें मिलने के बाद आईआरसीटीसी बार-बार लोगों से किसी धोखेबाज के चक्कर में नहीं पड़ने को कह रहा है।

यात्रियों की सेवा का सोशल प्लेटफॉर्म है रेल सेवा
रेल सेवा रेल यात्रियों की सहायता के लिए प्लेटफॉर्म है। यह ट्रेनों के लेट होने, खाने से संबंधित दिक्कतें, साफ-सफाई और इसी तरह की अन्य जानकारियां और सहायता उपलब्ध करवाता है। जहां तक रेल यात्रियों को टिकट रिफंड के नाम पर ठगने की घटनाओं का सवाल है तो आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर भी उपभोक्ताओं को इस संबंध में अलर्ट किया गया है।

अपनी निजी जानकारी शेयर ना करें
आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर लिखा गया है कि 'भारतीय रेलवे, आईआरसीटीसी या इसके कर्मचारी कभी भी रिफंड से संबंधित विषयों पर आपको फोन नहीं करते और कभी भी अपने बैंक से जुड़ी निजी जानकारी, जैसे कि डेबिट-क्रेडिट कार्ड का नंबर, ओटीपी,एटीएम पिन या सीवीवी नंबर या पैन नंबर, जन्म की तारीख ना बताएं और ना ही कभी एनीडेस्क-टीमव्यूअर आदि रिमोट कंट्रोल ऐप आदि अपने मोबाइल, लैपटॉप या डेस्कटॉप पर किसी के कहने पर इंस्टॉल करें।'












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