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Indian Railways: 50 साल की हुई मुंबई-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस, कितनी बदल गई ? जानिए

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नई दिल्ली, 16 मई: देश की लोकप्रिय और प्रतिष्ठित ट्रेनों में से एक मुंबई-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस मंगलवार को 50 साल की हो रही है। इन पांच दशकों में इस प्रीमियम ट्रेन ने अपने सफर में कई मंजिलें पार की हैं और अनेकों बदलाव देखे हैं। हालांकि, अब यह ट्रेन देश की सबसे तेज गति वाली ट्रेन नहीं रह गई है, लेकिन आरामदायक और रात्रि विश्राम के साथ सफर के आनंद के लिए इसका आज भी मुकाबला नहीं है। जब यह 1972 में लॉन्च हुई थी, तब मुंबई से दिल्ली आने में 19 घंटे से ज्यादा लगते थे। आज यह करीब 16 घंटे में अपनी मंजिल पर पहुंच रही है और आने वाले समय में इस यात्रा को सिर्फ 12 घंटे में पूरी करने की तैयारी हो रही है।

मुंबई-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस की स्वर्ण जयंती

मुंबई-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस की स्वर्ण जयंती

17 मई, 2022 यानी मंगलवार को देश की दूसरी सबसे पुरानी प्रीमियम ट्रेन मुंबई-नई दिल्ली राजधानी एक्स्प्रेस अपनी 50 वर्षों की यात्रा पूरी कर रही है। अपने सफर की स्वर्ण जयंती मना रही यह प्रतिष्ठित ट्रेन 50 साल पहले 17 मई, 1972 को मुंबई सेंट्रल स्टेशन से रवाना हुई थी, जो पहले बॉम्बे सेंट्रल के नाम से जानी जाती थी। देश की आर्थिक राजधानी को राजधानी दिल्ली से जोड़ने वाली यह प्रीमियम ट्रेन इस तरह की पहली नई दिल्ली-हावड़ा राजधानी एक्सप्रेस के 3 साल बाद चलनी शुरू हुई थी, जो भारत की पहली पूरी तरह से एसी ट्रेन है। इससे पहले मुंबई-दिल्ली रूट पर फ्रंटियर मेल और पश्चिम एक्सप्रेस जैसी बेहतरीन ट्रेनें चलती थीं, लेकिन वो दोनों राजधानी दिल्ली से आगे भी जाती थीं। इनमें से कोई भी दिल्ली में टर्मिनेट नहीं होती थी और ना ही दिल्ली से सफर की शुरुआत करती थीं। इन 50 वर्षों की यात्रा में मुंबई-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस ने काफी बदलाव देखे हैं।(पहली तस्वीर सौजन्य-पश्चिम रेलवे ट्विटर)

मुंबई-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस की 50 साल की यात्रा

मुंबई-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस की 50 साल की यात्रा

जब मुंबई और नई दिल्ली स्टेशनों के बीच राजधानी एक्सप्रेस चलनी शुरू हुई थी तो इस सफर को पूरा करने में उसे 19 घंटे 5 मिनट लग जाते थे। लेकिन, पांच दशकों में इलेक्ट्रिक इंजन की ओर शिफ्ट होने और रेलवे ट्रैकों के अपग्रेडेशन के साथ ट्रेनों के कोच में हुए बदलाव ने सफर में लगने वाले समय को 3 घंटे घटा दिया है। टीओआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस ट्रेन की यात्रा डब्ल्यूडीएम-2 डीजल लोको के साथ शुरू हुई थी, बाद में विद्युतीकरण होने पर इस सेक्शन पर इसके लिए डब्ल्यूडीएम का भी इस्तेमाल होने लगा। लेकिन, 1993 में एसी-डीसी लोकोमेटिव लगने के साथ इसका सफर काफी सुगम हुआ। इस शताब्दी के शुरू होते-होते पूरे मार्ग का विद्युतीकरण का काम पूरा हो गया।

राजधानी एक्सप्रेस की प्रतिष्ठा आज भी कायम

राजधानी एक्सप्रेस की प्रतिष्ठा आज भी कायम

2003 के आखिर तक दिल्ली-मुंबई राजधानी एक्सप्रेस में लिंके हॉफमैन बुश (एलएचबी) कोच लगाए गए, जो140 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार के लिए डिजाइन किए गए थे। इसमें अत्याधुनिक एंटी-टेलीस्कोपिक और एंटी-क्लाइमिंग डिस्क लगाए गए और इनमें एंटी-स्किड ब्रेकिंग सिस्टम का भी इस्तेमाल किया गया। वैसे 1988 तक राजधानी एक्सप्रेस के पास ही 120 किलोमीटर की अधिकतम रफ्तार के चलते सबसे तेज ट्रेन का गौरव था। लेकिन, शताब्दी एक्सप्रेस ट्रेनों और कुछ साल पहले वंदे भारत एक्सप्रेस आने के बाद यह ताज उससे छिन चुका है। लेकिन, इसकी प्रतिष्ठता अपनी जगह आज भी कायम है।

आने वाले समय में 12 घंटे में पूरा होगा सफर

आने वाले समय में 12 घंटे में पूरा होगा सफर

अगले चार वर्षों के लिए रेलवे की यह योजना है कि मुंबई राजधानी की रफ्तार बढ़ाकर 160 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचा दे, इसके लिए ट्रैक को अपग्रेड किया जाना है। इस काम के पूरा होने के बाद मुंबई से दिल्ली का ट्रेन से सफर महज 12 घंटों में पूरा किया जा सकेगा। मुंबई राजधानी की यह 50 साल की यात्रा ने न सिर्फ रूट में तकनीकी बदलाव देखे हैं, बल्कि बाकी परिवर्तनों का भी यह गवाह रहा है। जैसे ये ट्रेन जब पहली बार चली थी तो रास्ते में इसके सिर्फ टेक्निकल स्टॉपेज थे। यानी पैसेंजर रास्ते के किसी स्टेशन से यात्रा शुरू करने या उतरने के लिए टिकट नहीं ले सकते थे। ट्रेन सिर्फ तकनीकी जरूरतों के लिए स्टेशनों पर ठहरती थी। लेकिन, आज की तारीख में यह ट्रेन कोटा, रतलाम, वडोदरा और सूरत स्टेशन पर भी ठहरती है, जहां यात्री इस ट्रेन की यात्रा समाप्त भी कर सकते हैं या फिर सफर शुरू भी कर सकते हैं।

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अब स्मार्ट कोच भी जोड़े गए हैं

अब स्मार्ट कोच भी जोड़े गए हैं

सबसे बड़ी बात ये है कि वेस्टर्न रेलवे के मुताबिक अब मुंबई-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस ट्रेन में तेजस की तरह के स्मार्ट स्लीपर कोच भी जोड़ दिए गए हैं। यह कोच चमकीले और सुनहरे रंग के हैं, जिसमें यात्रियों के आराम और सुविधाओं का ख्याल रखते हुए बेहतर सेफ्टी फीचर भी लगाए गए हैं। इसके जरिए रेलवे को उम्मीद है कि यात्रियों के बीच इसकी लोकप्रियता और बढ़ेगी।(अंतिम तस्वीर- सौजन्य: पश्चिम रेलवे ट्विटर)

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English summary
Mumbai-New Delhi Rajdhani Express is turning 50 on May 17. Know what has changed in these five decades and what is going to happen next
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