• search
क्विक अलर्ट के लिए
अभी सब्सक्राइव करें  
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

Indian Railways:मोबाइल कैटरिंग सेवा को लेकर IRCTC को बड़ा निर्देश

|

नई दिल्ली: रेल मंत्रालय ने मोबाइल कैटरिंग सेवा को लेकर सोमवार को आईआरसीटी को बड़ा निर्देश जारी किया है। रेलवे ने कंपनी से कहा है कि वह मोबाइल कैटरिंग के सारे कॉन्ट्रैक्ट को रद्द कर दे। बता दें कि भारतीय रेलवे का कैटरिंग बिजनेस इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (आईआरसीटीसी ) ही संभालता है। गौरतलब कि भारतीय रेलवे ने यह कदम मद्रास हाई कोर्ट में इससे जुड़ा मसला उठने के बाद उठाया है, जहां से रेलवे को चार हफ्तों के अंदर कोई समाधान निकालने को कहा गया था। गौरतलब है कि मोबाइल कैटरिंग से जुड़े लोग इस सेवा को फिर से बहाल करने की मांग कर रहे थे।

आईआरसीटीसी को मोबाइल कैटरिंग सेवा कॉन्ट्रैक्ट रद्द करने के निर्देश

आईआरसीटीसी को मोबाइल कैटरिंग सेवा कॉन्ट्रैक्ट रद्द करने के निर्देश

लाइवमिंट डॉट कॉम की एक खबर के मुताबिक रेलवे की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि 'आईआरसीटीसी को निर्देश दिया जाता है कि मोबाइल कैटरिंग (अभी निलंबित है) के सारे मौजूदा कॉन्ट्रैक्ट रद्द करे, जिसमें मौजूदा नियमों और शर्तों के मुताबिक बेस किचेन में तैयार भोजन यात्रियों को उपलब्ध करवाने की व्यवस्था है।' इस बयान में आगे कहा गया है कि 'आईआरसीटी को यह भी निर्देश दिया जाता है कि इस केस को महामारी से पैदा हुए हालातों के मद्देनजर अपवाद के तौर पर ले और इसे कॉन्ट्रैक्टर की गलती की तर्ज पर ना ले और इसी के तहत उसपर कैटरिंग सेवा नहीं उपलब्ध करवा पाने के लिए कोई दंड भी ना लगाए और उचित बकाया का हिसाब चुकता कर/यदि कोई है, तो सिक्योरिटी डिपॉजिट और पूरा एडवांस फीस भी वापस कर दे। '

मद्रास हाई कोर्ट के आदेश के मद्देनजर कदम

मद्रास हाई कोर्ट के आदेश के मद्देनजर कदम

बता दें कि भारतीय रेलवे का यह बयान इंडियन रेलवे मोबाइल कैटरर्स एससोसिएशन (आईसीआरएमसीए) की ओर से 19 जनवरी, 2021 को मद्रास हाई कोर्ट में याचिका के जरिए उठाए गए सवालों के बाद आया है। अपने आदेश में हाई कोर्ट ने भारतीय रेलवे को आईसीआरएमसीए की सेवा बहाल करने की उनकी मांगों को सुनने का निर्देश दिया था, जो कि लॉकडाउन की वजह से पिछले साल मार्च से ही निलंबित है। अदालत ने अधिकारियों से कहा था कि संगठन के सदस्यों को अपनी बातें रखने का पूरा अवसर दें और चार हफ्तों के अंदर आदेश जारी करें। रेल मंत्रालय के मुताबिक उसने संगठन की ओर से उठाई गई बातों को सुना और टेंडर से जुड़े दस्तावेजों और शर्तों को भी देखा। 11 फरवरी, 2021 को इनके प्रतिनिधियों के साथ रेल मंत्रालय में एक बैठक भी की गई। यहां उन्होंने एकजुटता के साथ मांग की थी कि मौजूदा परिस्थितियों के मुताबिक ही उन्हें फिर से काम शुरू करने की इजाजत दी जाए।

कोरोना से पहले रोजाना मिल रहे थे 20,000 खाने के ऑर्डर

कोरोना से पहले रोजाना मिल रहे थे 20,000 खाने के ऑर्डर

गौरतलब है कि जनवरी में आईआरसीटी ने ऐलान किया था कि वह फरवरी से अपनी ई-कैटरिंग सेवा फिर से शुरू करने जा रहा है। यह सेवा कोविड-19 और लॉकडाउन के चलते 22 मार्च, 2020 से निलंबित है। आईआरसीटी ने कहा था कि वह अभी चल रही स्पेशल ट्रेनों में ही यात्रियों को यह सेवा उपलब्ध करवाएगी। यह सेवा इसने 2014 में शुरू की थी, जिसके तहत रेल पैसेंजर फोन या ऑनलाइन के जरिए अपनी पसंद के मुताबिक और उस खास इलाके में लोकप्रिय और स्थानीय स्वादिष्ट भोजन का यात्रा के दौरान ही ऑर्डर दे सकते हैं। इसमें कि रेलवे स्टेशनों पर ही उनकी सीटों पर ही खाने की डिलिवरी किए जाने की व्यवस्था है। कोरोना महामारी से पहले आईआरसीटीसी को रोजाना ई-कैटरिंग के जरिए 20,000 खाने के ऑर्डर मिलने शुरू हो गए थे।

इसे भी पढ़ें- Bitcoin: आप भी खरीद सकते हैं दुनिया की सबसे महंगी करेंसी, जानिए सबसे छोटी यूनिट की कीमत

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
Indian Railways:Ministry of Railways has instructed IRCTC to terminate all contracts for mobile catering service
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X