अमृतसर से पाकिस्‍तान का जासूस गिरफ्तार, फेसबुक पर देता था सेना की जानक‍ारियां

पंजाब पुलिस ने पाकिस्‍तान की इंटेलीजेंस एजेंसी आईएसआई के लिए काम करने वाले एक भारतीय युवक को अमृतसर से गिरफ्तार किया है। इस युवक को पुलिस और इंटेलीजेंस की ओर से चलाए गए ज्‍वॉइन्‍ट ऑपरेशन के तहत गिरफ्तार किया गया है।

अमृतसर। पंजाब पुलिस ने पाकिस्‍तान की इंटेलीजेंस एजेंसी आईएसआई के लिए काम करने वाले एक भारतीय युवक को अमृतसर से गिरफ्तार किया है। इस युवक को पुलिस और इंटेलीजेंस की ओर से चलाए गए ज्‍वॉइन्‍ट ऑपरेशन के तहत गिरफ्तार किया गया है। इस ज्‍वॉइन्‍ट ऑपरेशन को राज्‍य की स्‍पेशल ऑपरेशन सेल और मिलिट्री इंटेलीजेंस की ओर से चलाया गया था। अमृतसर के चाटीविंद इलाक में अइस ऑपरेशन को अंजाम दिया गया था। इस व्‍यक्ति को पांच दिनों की पुलिस हिरासत में भेजा दिया गया है।

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बॉर्डर पर बने बंकर्स की जानकारी तक दी

पंजाब पुलिस की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक इस व्‍यक्ति का नाम रवि कुमार है और इसे इंस्‍पेक्‍टर जनरल गुरिंदरपाल सिंह की अगुवाई में चलाए गए खास ऑपरेशन के तहत गिरफ्तार किया गया है। इस ऑपरेशन को इंटेलीजेंस इनपुट के बाद अंजाम दिया गया। पुलिस की ओर से जारी प्रेस रिलीज के मुताबिक इस व्‍यक्ति के पास से अहम संस्‍थानों की फोटोग्राफ, प्रतिबंधित जगहों के हाथ से बनाए गए नक्‍श, सेना और सेना के अटैक फॉरमेशन से जुड़े सख्‍त ट्रेनिंग मैनुअल की फोटो कॉपी बरामद हुई हैं। इस व्‍यक्ति पर ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्‍ट और आईपीसी की धारा 120-बी के तहत केस दर्ज हुआ है। रवि कुमार से शुरुआती पूछताछ में पता लगा है कि उसे पाकिस्‍तान की इंटेलीजेंस एजेंसी आईएसआई ने फेसबुक के जरिए सात माह पहले भर्ती किया था। रिलीज में दी गई जानकारी के मुताबिक रवि कुमार ने आर्मी यूनिट की गति‍विधियों की जानकारी के अलावा भारतीय सीमा पर बने नए बंकर्स के निर्माण और सेना के गाड़‍ियों की फोटोग्राफ्स दुश्‍मनों को मुहैया कराई थी। इसके अलावा ट्रेनिंग और एक्‍सरसाइज के बारे में भी जानकारी आईएसआई को दी थी।

दुबई से आता था इंटरनेट और मोबाइल का पैसा

जांच के मुताबिक रवि कुमार लगातार आईएसआई अधिकारियों के संपर्क में था और उसके मोबाइल और इंटरनेट के लिए पैसा दुबई के रास्‍ते आता था। पुलिस ने बताया कि इस बात की जानकारी भी मिली है कि पाकिस्‍तान की एजेंसी बड़ी संख्‍या में फेक फेसबुक अकाउंट्स को ऑपरेट करती है और ये अकाउंट्स युवा लड़कियों के नाम पर बने हैं। ये लड़कियों बेरोजगार युवकों के अलावा रिटायर्ड और सर्विंग आर्म्‍ड फोर्सेज ऑफिशियल्‍स के साथ दोस्‍ती करने की कोशिश करती हैं। इसके बाद इन लोगों से कई जानकारियां हासिल की जाती हैं। इस मामले की जांच इस तरह के फेक अकाउंट्स को पता लगाने की दिशा में हो रही है।

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