शर्म, शर्म, शर्म... स्वर्ण पदक विजेता को डायन बताकर पीटा
नयी दिल्ली। भारत ने मंगल अभियान की सफलता सेसाबित कर दिया कि वो विज्ञान और प्रद्योगिकी में किसी से कम नहीं। देश तरक्की के राह पर चल रहा है। हर घर में मोबाईल फोन का इस्तेमाल हो रहा है, लेकिन हम भारतीयों का एक काला सच ये भी है कि चाहे हम कितने भी आसमान पर क्यों का पहुंच जाए अंधविश्वास का दावन हमारा पीछा नहीं छोड़ता। जी हां भारतीय समाज में अंधविश्सास ने अपना जड़ जमाए हुए है। अंधविश्वास का साया खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है।

इसका एक नमूना असम में देखने को मिला। असम में राष्ट्रीय स्तर की जैवलिन थ्रो की खिलाड़ी को डायन बताकर लोगों ने बुरी तरह से पीटा। लोगों ने जैवलिन थ्रो की खिलाड़ी देबजानी को जादू-टोना के इल्जाम पर पीटा और यातनाएं दी। घटना असम के कार्बी आंगलांग जिले के एक गांव में। यहां राष्ट्रीय चैंपियनशिप और गोल्ड मैडल जीतने वाली देबजानी को लोगों ने काला जादू के आरोप में बुरी तरह से पीटा।
दरअसल गांव में कुछ महीनों में तीन शराबियों की मौत हुई, जिसके बाद देबजानी पर डायन होने का आरोप लगाया गया। लोगों ने देबजानी को घसीटते हुए धार्मिक सभागार में लाया और उसे बुरी तरह पीटा। पिटाई से उनकी गर्दन व पीठ में गंभीर चोट आई है। घटना के बाद बोरा के परिजन उन्हें सभागार से लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गए।












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