सर्जिकल स्ट्राइक के बाद एलओसी पर इंडियन आर्मी का मंत्र, 'दुश्मन शिकार, हम शिकारी'
नौशेरा। सर्जिकल स्ट्राइक के बाद जो आशंका थी वह अब सच साबित हुई है। पाकिस्तान की ओर से घुसपैठ में इजाफा हुआ है। लेकिन दुश्मन को करारा जवाब देने के लिए इंडियन आर्मी अब एक आक्रामक मंत्र के साथ हमला बोल रही है।

आसपास के पेड़ों पर लिखा दुश्मन शिकार
आर्मी स्नाइपर्स अब दुश्मनों को कोई मौका नहीं देना चाहते हैं और इसलिए उन्होंने 'दुश्मन शिकार हम शिकारी,' इस वाक्य को अपना ड्यूटी मंत्र बना लिया है। एलओसी के आसपास मौजूद पेड़ों पर प्लाईबोर्ड्स लगी हैं और इन पर यह मंत्र लिख हुआ है।
एलओसी पर आर्मी स्नाइपर्स और जवानों का मनोबल सर्जिकल स्ट्राइक के बाद और बढ़ गया है। पाक की ओर से हो रही फायरिंग और सीजफायर के उल्लंघन का मुंहतोड़ जवाब दिया जा रहा है।
लक्ष्मण रेखा को पार न करे दुश्मन
पाक की बॉर्डर एक्शन टीम (बीएटी) की ओर से घुसपैठ में काफी इजाफा हुआ है और आर्मी पूरी तरह से चौकस है। आर्मी के स्नाइपर राम सिंह ने बताया, 'दुश्मन ने अगर लक्ष्मण रेख (एलओसी) को पार किया तो फिर मैं शिकार बनकर उस पर टूट पड़ूंगा।' अपनी बात के बीच में ही राम सिंह ने इस प्लाई बोर्ड की ओर भी इशारा किया।
काफी प्रशिक्षित हैं स्नाइपर्स
सिंह जैसे कई प्रशिक्षित स्नाइपर्स को एलओसी पर तैनात किया गया है। उन्हें इस तरह से ट्रेनिंग दी गई है कि उनकी गोली का निशाना सिर्फ दुश्मन ही बने। स्नाइपर की ही तरह बाकी जवान और ऑफिसर्स भी इसी मंत्र को अपना ध्येय वाक्य बना चुके हैं।
फॉरवर्ड पोस्ट पर लगातार पैदल गश्त हो रही है। साथ ही जम्मू के कुछ सेक्टर्स जैसे नौशेरा और राजौरी में इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के जरिए दुश्मन पर नजर रखी जा रही है।
आसपास हैं गहरी खाईयां
जम्मू का नौशेरा सेक्टर वह इलाका है जहां गहरी खाईयां हैं और घने जंगल हैं। ऊंची पहाड़ियों में दुश्मन आसानी से छिप जाता है। नौशेरा किसी जमाने में घुसपैठ का अहम टारगेट था। यहां स्थित एलओसी के दूसरी ओर भिमबेर, सामाहनी-निकयाल जैसे इलाके हैं जहां आतंकियों के कैंप्स काफी सक्रिय हैं।
बेइज्जत महसूस करते हैं आतंकी
राम सिंह से अलग एक और जवान ने बताया कि जवान एलओसी पर काफी सर्तक हैं। एक भी ऐसा क्षण नहीं जाता है जब इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के अलावा मैनुअली इस पर नजर न रखी जा रही हो। इस जवान के मुताबिक सर्जिकल स्ट्राइक के बाद पाक आतंकी खुद को बेइज्जत महसूस करने लगे हैं।
बिल्ली पर भी रहती है नजर
इस जवान ने एलओसी पर मौजूद इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस को भी दिखाया। वहीं कंपनी कमांडर का कहना है कि एलओसी और फॉरवर्ड पोस्ट के अलावा हर संवेदनशील जगह पर बाज की नजर रखी जा रही है। यहां तक अगर इलेक्ट्रॉनिक गैजेट को पार करके बिल्ली जैसा कोई जानवर भी अंदर आता है तो उस पर भी बराबर नजरें रहती हैं।
थ्री टीयर सिक्योरिटी
ऊंचे पहाड़, घने जंगलों और गहरी खाईयों के बीच सेना तीन स्तरीय सुरक्षा चक्र को बनाए हुए है। वहीं दूसरी तरफ अब सर्दी का मौसम आने वाला है और इस मौसम में सबसे ज्यादा मुश्किलें होती हैं।
इसके बावजूद जवानों ने पोस्ट की रक्षा करने और इसे किसी भी आतंकी हमले से बचाने की सौंगध ली है। यहां तक की मोर्टार फायरिंग और बमों के हमलों के बीच भी जवान पूरी तरह से मुस्तैद रहते हैं।












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