पुलवामा में सेना ने मार गिराया एक आतंकी, लेकिन पत्थरबाजी में भाग निकला हिजबुल कमांडर नाइकू
पुलवामा। जम्मू कश्मीर के पुलवामा में सेना ने एक आतंकी को मार गिराया है वहीं यहां के स्थानीय लोगों की ओर से हुई पत्थरबाजी में हिजबुल कमांडर रियाज नाइकू भागने में सफल हो गया है। साउथ कश्मीर के पुलवामा जिले के मलंगपोरा में सेना ने सर्च ऑपरेशन चलाया था। सेना ने उन रिपोर्ट्स के बाद यहां पर कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन यानी कासो लॉन्च किया जिसमें उसे यहां पर कुछ आतंकियों के मौजूद होने की जानकारी मिली थी।

भाग निकला आतंकी रियाज नाइकू
इस इलाके में कुछ आतंकी मौजूद थे जिनमें से एक हिजबुल मुजाहिद्दीन कमांडर रियाज नाइकू था। लेकिन सर्च ऑपरेशन के समय स्थानीय लोगों की सुरक्षाबलों के साथ भिडंत हुई और उनकी तरफ से पत्थरबाजी शुरू हो गई। इस पत्थरबाजी की आड़ में रियाज नाइकू भागने में सफल हो गया। रविवार शाम से यह सर्च ऑपरेशन शुरू हुआ था और स्थानी नागरिकों ने इसमें बाधा डाली थी। नाइकू के अलावा यहां पर उसका साथ सैफुल्ला मीर भी फंसा हुआ था। कहा जा रहा है कि यहां पर लोगों को संदेश दिया जा रहा है कि वह आगे आकर अपने भाईयों की जान बचाएं और सेना के ऑपरेशन को सफल न होने दे। नाइकू को मई में संगठन की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। उसे यह जिम्मा तब दिया गया था जब सबजार अहमद भट्ट को त्राल में सेना ने एनकाउंटर में मार गिराया था।
बशीर लश्करी के जनाजे में आए हजारों लोग
सेना ने शनिवार को अनंतनाग में एक और सफल ऑपरेशन को अंजाम दिया था। इस ऑपरेशन में सेना ने लश्कर-ए-तैयबा के टॉप कमांडर बशीर लश्करी को मार गिराया था। रविवार को लश्करी जनाजा निकाला गया और इसमें फिर से हजारों लोगों की भीड़ शामिल हुई। लश्करी ने अनंतनाग में एक आतंकी हमले को अंजाम दिया था और इस हमले में एसएचओ फिरोज अहमद डार समेत छह पुलिसकर्मियों की मौत हो गई थी। जनाजे से पहले लश्करी के गांव कोकेरनाग के सोफ-शाली में एक प्रार्थना सभा हुई। इस प्रार्थना सभा में देश विरोधी नारे लगाए गए और फिर उसकी लाश को कब्रिस्तान में दफनाने के लिए ले जाया गया।












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