#HoneyTrap: जबलपुर से गिरफ्तार सेना के लेफ्टिनेंट कर्नल के हनीट्रैप में फंसने की खबरें गलत
सेना की ओर से बुधवार को आई उन खबरों से साफ इनकार कर दिया गया है जिसमें कहा गया था कि लेफ्टिनेंट कर्नल रैंक के एक ऑफिसर को हनी ट्रैप और जासूसी के आरोपों के चलते गिरफ्तारद किया गया है। सेना का कहना है कि इस तरह की खबरें पूरी तरह से गलत हैं और इनमें जरा भी सच्चाई नहीं है।
नई दिल्ली। सेना की ओर से बुधवार को आई उन खबरों से साफ इनकार कर दिया गया है जिसमें कहा गया था कि लेफ्टिनेंट कर्नल रैंक के एक ऑफिसर को हनी ट्रैप और जासूसी के आरोपों के चलते गिरफ्तारद किया गया है। सेना का कहना है कि इस तरह की खबरें पूरी तरह से गलत हैं और इनमें जरा भी सच्चाई नहीं है। आपको बता दें कि बुधवार को कुछ रिपोर्ट्स आई थीं जिसमें कहा गया था कि मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित सेना की ईएमई यूनिट से एक ऑफिसर को गिरफ्तार किया गया है। इन खबरों में कहा गया था कि इस ऑफिसर ने हनी ट्रैप में फंसकर कुछ अहम जानकारियां पाकिस्तान की इंटेलीजेंस एजेंसी आईएसआई को मुहैया कराई हैं।

हनी ट्रैप जैसी खबरें पूरी तरह से गलत
एक वरिष्ठ ऑफिसर की ओर से कहा गया है कि इस ऑफिसर से अभी सिर्फ पूछताछ हो रही है और इन्क्वॉयरी जारी है। इसके अलावा बाकी जो भी खबरें आ रही हैं उनमें सच्चाई नहीं है। ऑफिसर रूटीन ड्यूटीज को पूरा करता रहेगा। इस सीनियर ऑफिसर की मानें तो इस केस से जुड़े सभी डिजिटल और दूसरे जरूरी सुबूतों को जब्त कर लिया गया और उन्हें जांच के लिए भेजा गया है। सेना की मानें तो हनी ट्रैप या फिर पैसे की अदला-बदली या ऐसी सभी खबरें इस समय पर सच नहीं हैं और इनमें किसी तरह की कोई सच्चाई नहीं है। इस अधिकारी की ओर से कहा गया है कि 12 फरवरी को इस मामले में सेना की ओर से इन्क्वॉयरी के आदेश दिए गए थे। सेना का मकसद इन्क्वॉयरी के जरिए यह पता लगाना था कि कहीं इस ऑफिसर के पास मौजूद इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज के जरिए कोई खास जानकारी तो लीक नहीं की गई। सेना के मुताबिक अभी यह पता लगाना बाकी है कि जो जानकारियां लीक हुई वे जानकर की गईं या फिर अनजाने में ऑफिसर से लीक हो गईं।












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