IAF की चार और इंडियन आर्मी की नौ टीमें तलाश रही सुखोई को, 48 घंटे बाद भी कुछ पता नहीं
असम के तेजपुर में इंडियन एयरफोर्स के गायब फाइटर जेट सुखोई की तलाश के लिए फिर से सर्च ऑपरेशन लॉन्च। खराब मौसम की वजह से आ रही हैं काफी मुश्किलें।
तेजपुर। मंगलवार को असम के तेजपुर से इंडियन एयरफोर्स (आइएएफ) का जो फाइटर जेट सुखोई गायब हुआ था, 48 घंटे बाद भी उसका कुछ पता नहीं लग पा रहा है। न ही इसके दोनों पायलट्स के बारे में कुछ पता लग सका है। सुखोई में सवार दो पायलट्स में से एक की उम्र 30 वर्ष है तो एक पायलट 25 वर्ष का ही है। देश में सुखोई के तीन एयरबेस हैं और तेजपुर उसमें से एक है।

मौसम बना है विलेन
मंगलवार को टेकऑफ करने के 30 मिनट बाद ही रडार से इसका संपर्क टूट गया था। तेजपुर से 60 किलोमीटर दूर उत्तर में लापता हुए इस एयरक्राफ्ट की तलाश जारी है। तेजपुर में मौसम काफी खराब है और इस वजह से सर्च ऑपरेशन में बाधा आ रही है। सुखोई, आईएएफ का सबसे अहम फाइटर जेट है। वर्ष 1997 में इसे आइएएफ में शामिल किया गया था और तब से लेकर अब तक सात सुखोई एयरक्राफ्ट क्रैश हो चुके हैं। जो सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है उसमें हेलीकॉप्टर्स की मदद भी ली जा रही है। अभी तक सर्च ऑपरेशन में कोई भी ऐसी सकारात्मक जानकारी नहीं मिल सकी है जिससे इस एयरक्राफ्ट या इसके पायलट्स का कुछ पता लग सके। दो दिन बाद भी सर्च ऑपरेशन में कुछ नतीजा मिलने की उम्मीद नहीं है। तेजपुर का खराब मौसम इस सर्च ऑपरेशन के रास्ते में बाधा बना हुआ है। बुधवार को एयरफोर्स की ओर से जानकारी दी गई थी कि अभी तक इसके पायलट्स के बारे में कोई भी बड़ी जानकारी नहीं मिली है। पढ़ें- तीन वर्षों में तीन सुखोई क्रैश, सिरदर्द बना रूस का हथियार
चीन ने कहा हमे कुछ नहीं पता
एयरफोर्स की ओर से बताया गया है कि सर्च ऑपरेशन में सी-130 को इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल पेलोड के साथ, एक एडवांस्ड हेलीकॉप्टर और चेतक हेलीकॉप्टर को लगाया गया है। सुखोई-30 की रेकी क्षमता का प्रयोग भी इस गायब हुए एयरक्राफ्क्ट को तलाशने के लिए हो रहा है। आईएएफ की चार ग्राउंड टीम, इंडियन आर्मी की नौ टीम और स्थानीय प्रशासन की दो टीमों को इलाके में सर्च ऑपरेशन के लिए लगाया गया है। वहीं चीन नगे इस पर बयान दिया है कि उसे आइएएफ के इस गायब जेट के बारे में कोई जानकारी नहीं हैं। चीन ने भारत को चेतावनी दी है कि वह इस फाइटर जेट को तलाशने के लिए बॉर्डर पर कायम शांति में बाधा न डाले। सुखोई ने मंगलवार को तेजपुर बेस से सुबह उड़ान भरी थी और सुबह 9:30 बजे इसे इंडो-चाइना बॉर्डर से 172 किलोमीटर दूर अरुणाचल प्रदेश में लोकेट किया गया था। सुबह 11:10 मिनट पर अरुणाचल प्रदेश के दौलसांग इलाके में इसका रडार और एटीसी से संपर्क टूट गया था।












Click it and Unblock the Notifications